Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

हमलों को जल्द रोकने के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था कश्मीर घाटी में

भारतीय सेना और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से जल्द ही एक नई एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी कश्मीर घाटी में

खुबसूरत कश्मीरी घाटी(wikimedia commons)

भारतीय सेना और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से जल्द ही एक नई एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी कश्मीर घाटी में निशाना बनाकर हो रहीं हत्याओं के मद्देनजर । सूत्रों ने यहां सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस अन्य सुरक्षा हितधारकों के साथ समन्वय में हमलों को रोकने में प्रमुख भूमिका निभाएगी और उन्हें जमीन पर मानव खुफिया जानकारी को मजबूत करने के लिए कहा गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 23 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक के दौरान एक प्रस्तुति दी।

संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, बेहतर खुफिया नेटवर्क और शहरों के चारों ओर सड़कों और राजमार्गो पर गश्त तेज की जाएगी, ताकि अधिक बैरिकेडिंग और सुरक्षा बंकरों के साथ ही आतंकवादियों के प्रवेश और निकास को रोका जा सकेसरकार के एक सूत्र ने यह सब कहा । ये नई सुरक्षा प्रणालियों की प्रमुख विशेषताएं होंगी।

कुछ जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लग रहे हैं। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के तहत उन इलाकों में ड्रोन ग्रिड स्थापित किए जा रहे हैं, जहां गैर-कश्मीरी और प्रवासी मजदूर रह रहे हैं । ड्रोन ग्रिड सिस्टम के तहत संदिग्ध तत्वों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने के लिए चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और क्षेत्रों में इस तरह की किसी भी गतिविधि की पहचान होने पर जमीन पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को जल्द ही उचित समय पर सतर्क कर दिया जाएगा। यह जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा संचालित किया जाएगा।


\u0915\u0936\u094d\u092e\u0940\u0930 कश्मीर कि वादिया(wikimedia commons)



राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के जासूस , खुफिया एजेंसियों उन असली साजिशकर्ताओं का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं, जिन्होंने कश्मीर में हालिया हत्याओं को अंजाम देने के लिए हाइब्रिड आतंकवादी नेटवर्क को सक्रिय किया था।

साथ हि घाटी में सुरक्षा एजेंसियां 80 से अधिक परिवारों पर भी नजर रख रही हैं, जिनके युवा घर छोड़कर फरार हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इन युवकों का इस्तेमाल आतंकवादी संगठनों द्वारा इन हत्याओं को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने अधिकारियों से एक अधिकारी ने कहा कि 23 अक्टूबर को समीक्षा बैठक के दौरान पूछा कि भारी बलों की मौजूदगी और बड़े पैमाने पर आउटरीच प्रयास किए जाने के बावजूद कट्टरपंथ और घरेलू आतंकवाद के खतरे क्यों बढ़ रहे थे?

यह भी पढ़ें :जवानों की शहादत रोकने में मदद करेगी सोलर मशीन गन

श्रीनगर में 23 अक्टूबर को हुई बैठक में इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख अरविंद कुमार, सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह, बीएसएफ के डीजी पंकज सिंह, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के डीजी एमए गणपति, जम्मू-कश्मीर के पुलिस डीजी दिलबाग सिंह, आर्मी कमांडर और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
(आईएएनएस-PS)

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें!

Popular

रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

Keep Reading Show less

झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

Keep Reading Show less

इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

Keep reading... Show less