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देश

क्या भारत पर नया ‘टूलकिट’ थोपा जा रहा है?

कांग्रेस सभी कार्यकर्ताओं से ईद के जमावड़े पर चुप्पी साध लेने का निर्देश दे रही है और कुम्भ मेले को 'सुपर स्प्रेडर' बताने को कह रही है।

(NewsGram Hindi)

देश, कोरोना महामारी से लड़ने के लिए अपनी सभी रणनीतियों पर काम कर रहा है। किन्तु इसी बीच राजनीति भी अपने चरम पर है जिस वजह से देश में एक नए टूलकिट पर चर्चा तेज है। इस उक्त ‘टूलकिट’ या दिशा-निर्देश के पन्नों पर कंग्रेस का चुनाव चिन्ह साफ-साफ दिख रहा है। जिससे यही माना जा रहा है कि यह दिशा-निर्देश कांग्रेस आलाकमान द्वारा ही जारी किया गया है। इस दस्तावेज को भाजपा नेता एवं प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा ट्वीट किया गया है। जिसके आते ही सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा तेज हो गई है।

इस ‘टूलकिट’ में यह साफ-साफ देखा जा सकता है कि कांग्रेस सभी कार्यकर्ताओं से ईद के जमावड़े पर चुप्पी साध लेने का निर्देश दे रही है और कुम्भ मेले को ‘सुपर स्प्रेडर’ बताने को कह रही है। साथ ही कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट कह दिया है कि वह ईद से जुड़ी किसी भी पोस्ट पर न ही कमेंट करें और न ही साझा करें, लेकिन अंतराष्ट्रीय मीडिया में छपे कुम्भ मेले के विरोध वाले लेखों का हर माध्यम पर साझा करें। साथ ही यह भी लिखा कि इतनी तबाही का कारण भाजपा की हिंदू राजनीति है इसका प्रचार करें। इसके लिए कांग्रेस पार्टी ने BBC के लेख को साझा करते रहने की मांग की है जिसका शीर्षक है “India Covid: Kumbh Mela Pilgrims turn into super-spreader” जिसका हिंदी अनुवाद है “भारत कोविड: कुंभ मेला में आए तीर्थयात्री सुपर-स्प्रेडर में बदल गए।”


पात्रा द्वारा साझा किए गए ‘टूलकिट’ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यह साफ निर्देश है कि वह कुंभ मेले को सुपर स्प्रेडर बताएं और ईद को सुखद मिलन समारोह बताएं। साथ ही इसमें दिए गए दिशा-निर्देश में यह लिखा हुआ है कि किन-किन चरणों को ध्यान में रखकर लोगों की मदद करनी है और यह चरण-बद्ध तरीका और चौंका सकता है। पहले चरण में एक सोशल मीडिया टीम तैयार कर मदद मांग रहे लोगों को मैसेज करना है। उसके बाद उनसे कहना है कि वह फिर से वैसा ही पोस्ट करें लेकिन इस बार यूथ कॉन्ग्रेस और इसके नेताओं को टैग करते हुए। फिर तीसरे चरण में ‘दोस्त पत्रकारों’ की मदद से उस पोस्ट को ज्यादा लोगों तक पहुंचना है।

साथ ही कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को यह निर्देश है कि वह अपने आसपास के अस्पतालों में कुछ बेड्स व अन्य सुविधाएँ पहले से ही ब्लॉक कर के रखें, जिन्हें हमारे यानि बड़े नेताओं के निवेदन पर ही उपलब्ध कराया जाए। और यह भी कि सिर्फ उन्ही पीड़ितों को प्रतिक्रिया दी जाए जिन्होंने IYC को अपने पोस्ट में टैग किया है।

आगे जो लिखा गया है वह और भी चौंका सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुमोदन या अप्रूवल रेटिंग उच्चस्तर पर है और आपदा व ‘कुप्रबंधन’ के बावजूद इसे कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। इसलिए यही मौका है, जब उनके व्यक्तित्व व छवि को धूमिल किया जाए। जिसके लिए यह निर्देश है कि ऐसे सोशल मीडिया हैंडल बनाए जाएं जो दिखने में मोदी समर्थक हो फिर भी वह उनकी आलोचनाएं करें। और ज्यादा से ज्यादा मोदी विरोध में लिखे अंतराष्ट्रीय लेखों को साझा करने का लिए कहा गया है।

यह भी पढ़ें: COVID 19: क्या चीन का वायरस इंडियन या यूके का हो सकता है?

इस टूलकिट में ऐसे कई निर्देश दिए गए हैं जैसे PM Cares Fund से जो वेंटिलेटर भेजे गए उनको सोशल मीडिया पर खराब बताना है, साथ ही भाजपा नेताओं को बदनाम करने हेतु अमित शाह के लिए ‘मिसिंग’, एस जयशंकर के लिए ‘क्वारनटाइण्ड’, राजनाथ सिंह के लिए ‘साइडलाइंड’ और निर्मला सीतारमण के लिए ‘संवेदनहीन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। साथ ही कोरोना वायरस के नए रूप को सोशल मीडिया ‘Indian Strain’ लिखने का निर्देश है।

बहरहाल, इस टूलकिट को जैसे ही ट्वीट किया गया वैसे ही कांग्रेस पार्टी ने इसे फेक या झूठा करार दे दिया। साथ ही कांग्रेस पार्टी, भाजपा अध्यक्ष जे.पी नड्डा और राष्टीय प्रवक्ता संबित पात्रा पर FIR दर्ज करने का मन बना रही है।

(सूचना: न्यूज़ग्राम हिंदी इस ‘टूलकिट’ की पुष्टि नहीं करता है!)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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