Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
थोड़ा हट के

क्या समाचार चैनल मनोरंजन का साधन बन चुके हैं? जानिए इस सर्वेक्षण से.

कोविड-19 महामारी ने भारत के नए मीडिया परिदृश्य को दर्शाया है। देश के लगभग 74 प्रतिशत भारतीय समाचार चैनलों को वास्तविक समाचार के बजाय मनोरंजन का स्रोत मान रहे हैं।

देश के लगभग 74 प्रतिशत लोगो ने समाचार चैनलों को मनोरंजन का स्रोत माना है। (Pixabay)

कोविड-19 महामारी ने भारत के नए मीडिया परिदृश्य को दर्शाया है। देश के लगभग 74 प्रतिशत भारतीय समाचार चैनलों को वास्तविक समाचार के बजाय मनोरंजन का स्रोत मान रहे हैं। आईएएनएस सी-वोटर मीडिया कंजम्पशन ट्रैकर के हालिया निष्कर्षों में यह बात सामने आई है।

सर्वेक्षण में शामिल लोगों से जब यह पूछा गया कि क्या वह इस कथन को मानते हैं कि ‘भारत में न्यूज चैनल समाचार परोसने की तुलना में अधिक मनोरंजन पेश करते हैं’, इस पर 73.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सहमति व्यक्त की। इसके अलावा इस बात से 22.5 प्रतिशत लोग असहमत भी नजर आए, जबकि शून्य से 2.6 प्रतिशत ने कहा कि वे नहीं जानते या वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते हैं।


यह भी पढ़ें: यमुना और उसके घाटों की सफाई को आगे आए डीयू के छात्र

लिंग के आधार पर देखा जाए तो 75.1 प्रतिशत पुरुष जबकि 72.7 प्रतिशत महिलाओं ने सहमति व्यक्त की कि न्यूज चैनल समाचारों की तुलना में मनोरंजन के अधिक साधन बन गए हैं।

इस बात से विभिन्न आयु वर्ग के लोगों में भी एकमत देखने को मिला है और 55 वर्ष तक के 70 प्रतिशत लोग इससे सहमत दिखे हैं। इसके अलावा 55 साल से ऊपर के लोगों में 68.7 प्रतिशत ही इस बात से सहमत नजर आए।

दिलचस्प बात यह है कि निम्न, मध्यम और उच्च शिक्षित लोगों में भी एक ही प्रकार की सहमति देखने को मिली। निम्न आयु वर्ग के जहां 75.9 प्रतिशत लोगों ने इससे सहमति व्यक्त की, वहीं अन्य वर्गों के 70 प्रतिशत से अधिक लोग भी इस बात से सहमत नजर आए।

आय समूहों के हिसाब से देखा जाए तो निम्न आय समूहों के 73.2 प्रतिशत जबकि उच्च आय समूह के 75.1 प्रतिशत लोगों ने इससे सहमत जताई, जिनमें बड़ा अंतर देखने को नहीं मिला।

विभिन्न सामाजिक समूहों में लोग भी बड़ी संख्या में मानते हैं कि न्यूज चैनल मनोरंजन के साधन बन चुके हैं। दलित समुदाय के 72.1 प्रतिशत, सवर्ण हिंदू 73.5 प्रतिशत और सिख समुदाय से जुड़े 85.3 लोगों ने स्वीकार किया कि समाचार चैनल खबरों से कहीं अधिक मनोरंजन का केंद्र बन चुके हैं।

दक्षिण भारतीयों में इस कथन से सहमति अपेक्षाकृत कुछ कम देखने को मिली है। कुल 67.1 प्रतिशत दक्षिण भारतीय मानते हैं कि न्यूज चैनल मनोरंजन अधिक परोस रहे हैं। इसके अलावा चाहे वह शहरी हों या ग्रामीण, दिल्ली-एनसीआर से हों या किसी अन्य क्षेत्र से और चाहे वह हिंदी पट्टी के हों या शेष भारत के, अधिकतर लोग इसी बात से सहमत नजर आए हैं कि समाचार चैनल मनोरंजन का साधन बन गए हैं।

इस सर्वेक्षण में सभी राज्यों में स्थित सभी जिलों से आने वाले 5000 से अधिक उत्तरदाताओं से बातचीत की गई है। यह सर्वेक्षण वर्ष 2020 में सितंबर के आखिरी सप्ताह और अक्टूबर के पहले सप्ताह के दौरान किया गया है।(आईएएनएस)

Popular

प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

Keep Reading Show less

महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

Keep Reading Show less

By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

केजरीवाल सरकार की झूठ, फरेब, धूर्तता और भ्रष्टाचार की पोल खोलता 'बोल रे दिल्ली बोल' गीतरुपी शब्दभेदी बाण एकदम सटीक निशाने पर लगा है। सुभाष, आजाद, भगतसिंह जैसे आजादी के अमर शहीद क्रांतिकारियों के नाम व चेहरों को सामने रखकर जनता को बेवकूफ बना सुशासन ईमानदारी और पारदर्शिता का सब्जबाग दिखाकर सत्ता पर काबिज हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार आज पूरी तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं कुव्यवस्था के दल-दल में धंस चुकी है। आज केजरीवाल का चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। दिल्ली में कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों सहित सैकड़ों विभिन्न धर्म-संप्रदाय के मेडिकल स्टाफ के लोगों ने बतौर कोरोना योद्धा अपनी जाने गंवाई थी। लेकिन उन सब में केजरीवाल के चश्मे में केवल मुस्लिम डॉक्टर ही नजर आया, जिसके परिजनों को 'आप सरकार' ने एक करोड़ की धनराशि का चेक भेंट किया। किंतु बाकी किसी को नहीं बतौर मुख्यमंत्री यह मुस्लिम तुष्टिकरण, असंगति, पक्षपात आखिर क्यों ?

Keep reading... Show less