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जब महिलाएं महिलाओं का ध्यान रखती है तो अविश्वसनीय चीजें होती हैं : नीता अंबानी

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने विशेष तौर पर महिलाओं के लिए बने डिजिटल प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया |

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Womens day) के मौके पर रिलायंस फाउंडेशन (Reliance Foundation) की चेयरपर्सन नीता अंबानी (Nita ambani) ने विशेष तौर पर महिलाओं के लिए बने डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital platform) को लॉन्च किया। यह अपनी तरह का पहला डिजिटल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के सशक्तीकरण (Empowerment) और वैश्विक स्तर पर महिलाओं के उत्थान क लिए काम करना है। सहभागिता, नेटवर्किं ग और आपसी सहयोग के लिए ‘हरसर्किल’ प्लेटफॉर्म महिलाओं को एक सुरक्षित माध्यम प्रदान करेगा। ‘हरसर्किल (Her circle)’ को महिलाओं के विश्वव्यापी डिजिटल समूह के तौर पर बनाया गया है। इसकी शुरूआत भारतीय महिलाओं के साथ होगी लेकिन दुनिया भर की महिलाओं की भागीदारी का रास्ता भी खुला रहेगा। यह एक सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म है जो हर उम्र और आर्थिक सामाजिक पृष्ठभूमि वाली महिलाओं की बढ़ती जरूरतों उनकी आकांक्षाओं, महत्वाकांक्षाओं और सपनों को पूरा करेगा।


लॉन्च के अवसर पर रिलायंस फाउंडेशन (Reliance foundation) की चेयरपर्सन नीता अंबानी (Nita ambani) ने कहा, “जब महिलाएं महिलाओं का ध्यान रखती है तो अविश्वसनीय चीजें होती हैं! मैं अपने जीवन भर मजबूत महिलाओं से घिरी रही, जिनसे मैंने करुणा, लचीलापन और सकारात्मकता सीखी; और बदले में वही सीख मैंने दूसरों को देने का प्रयास किया। मैं 11 लड़कियों के परिवार में पली-बढ़ी, जहां मुझे खुद पर विश्वास करना सिखाया गया। अपनी अपने सपनों का साकार करने के लिए बिना शर्त प्यार और विश्वास मुझे अपनी बेटी ईशा से मिला। अपनी बहू श्लोका से मैंने सहानुभूति और धैर्य सीखा। चाहे वह रिलायंस फाउंडेशन में मेरे साथ काम करने वाली महिलाएं हों या राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महिला नेता, हमारे साझा अनुभवों ने मुझे सीखाया हैं कि हमारे संघर्ष और जीत एक दूसरे के साथ गूथे हुए हैं।”

नीता अंबानी (Nita ambani ने आगे कहा कि “मुझे खुशी है कि हम ‘हरसर्किल’ के माध्यम से लाखों महिलाओं के लिए समर्थन और एकजुटता का एक विस्तृत सर्किल बना सकते हैं। जिसमें हर महिला का स्वागत होगा। 24गुणा7 वैश्विक नेटवर्किं ग, डिजिटल क्रांति एंव सबके सहयोग से ‘हरसर्किल’ सभी संस्कृतियों, समुदायों और देशों की महिलाओं के विचारों और पहल का स्वागत करेगा। समानता और सिस्टरहुड इस प्लेटफॉर्म की विशेषता होगी।”

हरसर्किल, डेस्कटॉप और मोबाइल पर खुलने वाली वेबसाइट है। (ट्विटर)

‘हरसर्किल’ (Her circle) महिलाओं से संबंधित सामग्री प्रदान करने के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन (One-Stop Destination) होगा। यह आकर्षक और महिला विकास की सामग्री से भरपूर होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ सकेंगी। यहां वीडियो देखे जा सकेंगे। साथ ही वित्त, कार्य, व्यक्तित्व विकास, सामुदायिक सेवा, सौंदर्य, फैशन, मनोरंजन, रचनात्मक आत्म अभिव्यक्ति के लेख पढ़े जा सकेंगे। महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी को कवर करने वाली समाधान उन्मुख जीवन रणनीतियों के लेख भी यहां मिलेंगे।

प्लेटफॉर्म पर रिलायंस का विशेषज्ञ पैनल महिलाओं को स्वास्थ्य, कल्याण, शिक्षा, उद्यमिता, वित्त, परोपकार और नेतृत्व पर मुफ्त सलाह देगा। अपस्किलिंग और जॉब सेक्शन में प्रोफाइल के अनुकूल नौकरी के अवसर भी प्राप्त होंगे। महिलाएं डिजिटल पाठ्यक्रमों के माध्यम से सफल व्यवसायी बनने के गुर भी यहां सीख सकती हैं।

‘हरसर्किल’ का सोशल नेटवर्किं ग हिस्सा केवल और केवल महिलाओं के लिए ही होगा। जबकि विडियो और आर्टिकल वाला सेक्शन सभी के लिए खुला रहेगा। सोशल नेटवर्किं ग केवल महिलाओं के लिए ही आरक्षित होने के कारण महिलाएं बिना झिझक नए दोस्त बना सकेंगी और सवाल पूछ सकेंगी। वित्त प्रबंधन और स्वास्थ्य संबंधी सवालों के लिए विशेष चैटरूम बनाया गया है। फिटनेस, गर्भ और पेरेंटिंग संबंधी विषयों के लिए एक विशेष हर गुड हैबिट ऐप ट्रैकर भी इसमें उपलब्ध होगा।
 

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 हरसर्किल (Her circle)’, डेस्कटॉप और मोबाइल पर खुलने वाली वेबसाइट है। यह गूगल प्ले स्टोर और माई जियो ऐप स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध है। ‘हरसर्किल’ में यूजर्स फ्री रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। अभी यह वेबसाइट अंग्रेजी में उपलब्ध है बाद में अन्य भारतीय भाषाओं में इसे लॉन्च किया जाएगा। (आईएएनएस-SM)
 

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आईपीयू की 143वीं असेम्बली बैठक में भारत की दिया कुमारी ने रखा भारत का पक्ष।(सांकेतिक चित्र, Pixabay)

अंतर-संसदीय संघ आईपीयू की 143वीं असेम्बली बैठक में बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े मुद्दे पर भारतीय महिला संसदों के दल ने हिस्सा लिया। स्पेन के मैड्रिड में आईपीयू की 143वीं असेंबली के दौरान आयोजित महिला सांसद पूनम बेन मादाम और दीयाकुमारी के फोरम के 32वें सत्र को संबोधित किया।

इस दौरान सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि जहां सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) अवसरों के नए रास्ते खोलती है, वहीं वे बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार सहित चुनौतियों, खतरों और हिंसा के नए रूपों को भी जन्म देती हैं। भारत में ऑनलाइन बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से निपटने के लिए कड़े उपाय हैं।

सांसद दीया ने कहा कि भारत ने वर्ष 2000 में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम बनाया था और समय-समय पर इसमें संशोधन किया है। यह अश्लील सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रकाशित करने और प्रसारित करने पर रोक लगाता है और अधिनियम के विभिन्न वर्गों में उल्लंघन के लिए दंडात्मक प्रावधान भी निर्धारित करता है। उन्होंने आईटी इंटरमीडियरीज गाइडलाइंस रूल्स, 2011 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट पर भी विचार व्यक्त किये। भारतीय दल ने कहा कि केवल कानूनी प्रावधान और उनका सख्ती से क्रियान्वयन ही काफी नहीं है, ऑनलाइन यौन शोषण से बच्चों को बचाने के लिए विशेष नीतियों की आवश्यकता है।

अंतर-संसदीय संघ आईपीयू की 143वीं असेम्बली में भारत का दल।(IANS)

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भारत ने रूस और चीन से कहा कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।(IANS)

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हालांकि, मानवीय पहल में रुकावट आ गई थी, क्योंकि बुधवार तक पाकिस्तान इस खेप को अपने क्षेत्र से गुजरने की अनुमति देने के लिए प्रतिबद्ध नहीं था। जयशंकर ने आज कहा, "RIC देशों को यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है कि मानवीय सहायता बिना किसी रुकावट और राजनीतिकरण के अफगान लोगों तक पहुंचे। एक निकट पड़ोसी और अफगानिस्तान के लंबे समय से साथी के रूप में, भारत उस देश में हाल के घटनाक्रमों, विशेष रूप से अफगान लोगों की पीड़ा के बारे में चिंतित है।"

तीनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि आरआईसी देशों के बीच सहयोग न केवल उनके अपने विकास में बल्कि वैश्विक शांति, सुरक्षा, स्थिरता में भी योगदान देगा। जयशंकर ने अपने संबोधन में, आरआईसी तंत्र के तहत यूरेशियन क्षेत्र के तीन सबसे बड़े देशों के बीच घनिष्ठ संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और राजनीति आदि क्षेत्रों में हमारा सहयोग वैश्विक विकास, शांति और स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।"

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