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खेल

टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने से मेरे ऊपर दबाव नहीं : शमी

क्रिकेट के मैदान पर एक्शन में लौटने और आईपीएल में पंजाब किंग्स का प्रतिनिधित्व करने को तैयार अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा है कि राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए हाल के समय में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से उनके ऊपर कोई दबाव नहीं पड़ा है।

By : खुर्रम हबीब

क्रिकेट के मैदान पर एक्शन में लौटने और आईपीएल में पंजाब किंग्स का प्रतिनिधित्व करने को तैयार अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा है कि राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए हाल के समय में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से उनके ऊपर कोई दबाव नहीं पड़ा है।


दाएं हाथ के तेज गेंदबाज शमी 19 दिसंबर से ही क्रिकेट से दूर हैं, जब उन्हें एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन चोट लग गई थी। शमी को पैट कमिंस की गेंद लग गई थी और वह उन्हें स्वदेश लौटना पड़ा था।

शमी ने गुरुवार को आईएएनएस से कहा, “आपका चयन आपके कौशल, अनुभव और प्रदर्शन पर निर्भर करता है। सभी चीजें अलग हैं। यदि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप खुद पर से अपना विश्वास खो दें।”

उन्होंने कहा, ” ऐसा नहीं है कि प्रतिस्पर्धा से दबाव बनती है या किसी को निर्थक बना देती है। प्रत्येक खिलाड़ी के कौशल अलग अलग होते हैं, टीम में उनकी अलग-अलग भूमिकाएं होती है। हम अपने बारे में नहीं सोचते, हमें देश के बारे में सोचना होगा। जो कोई भी (किसी भी स्थिति या मैच के लिए) सर्वश्रेष्ठ है, उन्हें चुना जाता है।”

तेज गेंदबाज का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए कड़ी मेहनत सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा, ” मुकाबले तो होते रहते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आपकी किस्मत कैसी है और आपका फिटनेस किस स्तर का है। आपको केवल अपने दिमाग में यह रखना है कि आपको कड़ी मेहनत करनी है और टीम में एक दूसरे की मदद करते रहना है। “

शमी इस समय बेंगलुरू में नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में अपनी फिटनेस हासिल करने पर काम कर रहे हैं।
 

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उन्होंने कहा, “मेरी अच्छी रिकवरी हो रही है और मैं फिट हूं। मैं एनसीए में था, जहां मैंने अपनी रिहेब पूरी कर ली है। पिछले एक डेढ़ महीने से मैंने रिहेब की है, प्रेक्टिस किया है और पूरी ताकत के साथ गेंदबाजी की है।”

30 साल के शमी ने आईपीएल ( IPL ) 2020 में 14 मैचों में 20 विकेट चटकाए थे। वह अब क्वारंटीन से बाहर आ गए हैं और अब उन्होंने आईपीएल 2021 के लिए पंजाब किंग्स के खिलाड़ियों के साथ अपनी ट्रेनिंग भी शुरू कर दी है।

शमी ने कहा, “मैं अभी क्वारंटाइन से बाहर आया हूं। पहले से अभ्यास चल रहा था। मैंने अभी टीम के साथ शुरूआत की है। हमारे पास 10-12 दिन हैं (पंजाब का पहला मैच 12 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ) बचे हैं।”

तेज गेंदबाज ने कहा कि प्रतिस्पर्धी क्रिकेट और रिकवरी से दूर रहने के बाद अब वह अपने बेसिक्स पर ध्यान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, ” मैं हमेशा अपने बेसिक्स पर काम करता हूं, चाहे टूर्नामेंट हो या सीरीज। मैं देखता हूं कि हालात कैसे हैं, जिसमें मुझे खेलना है। ऐसा नहीं है कि मुझे दबाव के साथ खेलना है या कुछ नया विकसित करना है। मेरे पास जो कुछ भी, मैं उस पर काम करता हूं।” ( AK आईएएनएस )

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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