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संयुक्त राष्ट्र की एक गोपनीय रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए अपने परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को निधि देने के लिए करोड़ों डॉलर की चोरी करने के लिए साइबर हमले का इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट! जिसे मंगलवार को मीडिया में लीक किया गया था, का कहना है कि उत्तर कोरिया 2020 में कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के अधीन होने के बावजूद अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में कामयाब रहा।


एक गुमनाम संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने रिपोर्ट में बताया कि उत्तर कोरिया ने अपने सुरक्षा बजट में 300 मिलियन डॉलर की वृद्धि की है, और यह सब ऑनलाइन दोखाधड़ी से जुटाया गया पैसा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया की जिस बैलिस्टिक मिसाइल को उ. कोरिया के परेड में प्रदर्शित किया गया था वह इतना परमाणु हथियार रखने की क्षमता रखता है जो पुरे अमेरिका को अपनी चपेट में ले लेगा। 

प्योंगयांग ने जनवरी में दावा किया था ‘सबसे शक्तिशाली हथियार’ जो पनडुब्बी से लॉन्च किया जाने बैलिस्टिक मिसाइल है। इसका प्रशिक्षण होना बाकि है, जिस वजह से इसकी शक्ति का अंदाज़ा लगा पाना मुश्किल है। उ. कोरिया पर अध्ययन करने वाली विश्लेषक सोजिन लिम ने कहा कि “यह सैन्य परेड अमेरिका में आई नई सरकार को चेताने जैसा भी प्रतीत हो रहा है।” 

लिम ने VOA को बताया कि “परमाणु कार्यक्रम उत्तर कोरिया के लिए एकमात्र जीवित रणनीति है, विशेष रूप से किम के परिवार के लिए और शासन के अस्तित्व के लिए। हाल ही में, COVID-19 स्थिति के कारण, उनकी आर्थिक स्थिति और भी बदतर हो गई है। और विशेष रूप से (संयुक्त) राज्यों में नए प्रशासन के साथ, नए राष्ट्रपति जो बाइडन हैं, और उत्तर कोरिया के पास अमेरिका के साथ चर्चा करने या बातचीत करने का कोई अन्य तरीका नहीं है।”

उत्तर कोरिया की बढ़ती ताकत बढ़ा रही है विश्व की चिंता।(VOA)

इस रिपोर्ट को अमेरिकी सुरक्षा परिषद की उत्तर कोरिया प्रतिबंध समिति के स्वतंत्र मॉनिटरिंग विभाग द्वारा लिखा गया था और वह मंगलवार को मीडिया में लीक हो गया। उत्तर कोरिया संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच बहुपक्षीय और एकतरफा प्रतिबंधों की एक श्रृंखला के अधीन है। उपायों ने काम नहीं किया, लिम ने यह भी तर्क दिया।

यह भी पढ़ें: चीनी आक्रामकता के खिलाफ भारत के साथ खड़ा रहेगा अमेरिका : प्रवक्ता

लिम आगे बताती है कि “प्रतिबंध नागरिकों के लिए अधिक कठिनाई देते हैं, लेकिन इसका अपना उद्देश्य है, जो देश की नीति में परिवर्तन लती है, लेकिन वह उस तरह से काम नहीं कर रहा है, और उत्तर कोरिया वित्त जुटाने के नए तरीके खोजने में सफल रहा है, और इस धनराशि के साथ साइबर हमले ने मुझे और भी आश्वस्त कर दिया है कि प्रतिबंध काम नहीं करते हैं। और हमें अब उत्तर कोरिया से संपर्क करने के लिए एक नया फ्रेम (कार्य) खोजने की जरूरत है।” 

पिछले एक दशक में, उत्तर कोरिया ने मिसाइल और परमाणु परीक्षणों के बढ़ते आकार की एक श्रृंखला आयोजित की है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से 2018 और 2019 में तीन बार मुलाकात की, लेकिन प्योंगयांग को अपने परमाणु हथियार छोड़ने के लिए राजी करने में वार्ता विफल रही। बाइडन प्रशासन भी बातचीत के लिए नए तौर तरीके ढूंढ रही है, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने 4 फरवरी को संवाददाताओं से कहा।(VOA)

(हिंदी अनुवाद: Shantanoo Mishra)

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इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

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Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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