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 रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के साथ परमाणु संधि को पांच साल के लिए और बढ़ाने के लिए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण विधेयक पर साइन कर दिया। गौरतलब है कि शीत युद्ध के समापन के बाद हथियारों का जखीरा कम करने के उद्देश्य से दोनों देशों के बीच यह एक बेहद महत्वपूर्ण संधि है। इस संधि का नाम ‘न्यू स्ट्रेटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रिटी’ (न्यू स्टार्ट) है।


पुतिन के विधेयक पर हस्ताक्षर करने के साथ यह संधि अगले और पांच साल तक के लिए प्रभावी हो गई है जो 5 फरवरी, 2026 तक मान्य रहेगी।

रूसी राष्ट्रपति भवन द्वारा शुक्रवार को जारी एक बयान के हवाले से सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने इसकी जानकारी दी है। गौरतलब है कि मंगलवार को रूस और अमेरिका ने इस अहम संधि की अवधि और बढ़ाने के बाबत विचार-विमर्श किया था।

रूसी राष्ट्रपति व्लीदिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने टेलिफोन पर बात की थी और इस पहल का स्वागत किया था। उसी दिन पुतिन ने संसद के निचले सदन (स्टेट ड्यूमा) में इस संधि से जुड़े विधेयक को पेश किया। बुधवार को रूसी संसद ने इसे मंजूरी प्रदान कर दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन।(फाइल फोटो)

बयान के मुताबिक, यह संधि-विस्तार रूस के राष्ट्रीय हित में है। इससे रूस और अमेरिका के बीच सामरिक सम्बंधों की पारदर्शिता संरक्षित रखना सम्भव हो पाएगा। साथ ही इससे विश्व में सामरिक स्थिरता भी बनी रहेगी और अंतर्राष्ट्रीय स्थिति पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही परमाणु निरस्त्रीकरण प्रक्रिया में भी यह अहम योगदान देगा।

यह भी पढ़ें: फिलिस्तीन ने संबंध बहाल करने की अमेरिका की घोषणा का स्वागत किया

अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रतिनिधि ने मौजूदा घटनाक्रम के सम्बंध में कहा कि अभी भी कई ऐसे कदम हैं जिन्हें अंतिम रूप दिया जाना है। हम इस बात को लेकर आशान्वित हैं कि 5 फरवरी से पहले संधि-विस्तार के प्रारूपों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। रूस और अमेरिका के बीच ‘न्यू स्टार्ट’ संधि वर्ष 2010 में हुई थी।
(आईएएनएस)

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