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खेल

ओलंपिक गेम टोक्यो में बड़ी उम्मीदों के साथ उतरेगा भारत

ओलंपिक का आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब पूरी दुनिया में कोरोना का कहर बरप रहा है। इस महामारी से ओलंपिक खेल गांव भी अछूता नहीं है और यहां कोरोना के मामले सामने आए हैं।

ओलंपिक हॉकी स्टेडियम सांकेतिक(wikimedia commons)

बी. श्रीकांत

टोक्यो ओलंपिक(Tokyo Olympics 2021) के शुरू होने में 24 घंटे से भी कम का समय शेष रह गया है और 127 सदस्यीय भारतीय दल यहां बड़ी उम्मीदों के साथ उतरेगा और उसकी नजरें अपने ओलंपिक इतिहास का सर्वश्रेष्ठ मेडल लाने पर होगी। ओलंपिक(Tokyo Olympics 2021) का आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब पूरी दुनिया में कोरोना का कहर बरप रहा है। इस महामारी से ओलंपिक(Tokyo Olympics 2021) खेल गांव भी अछूता नहीं है और यहां कोरोना के मामले सामने आए हैं। मेजबान देश जापान में लोग महामारी के समय और दर्शकों के बिना ओलंपिक के आयोजन को लेकर गुस्से में है लेकिन अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) और जापान सरकार इस तथ्य को जानते हुए भी इन खेलों का आयोजन करा रहा है।


हालांकि, एथलीटों ने इस दिन के लिए पांच साल का इंतजार और मेहनत की है और इनकी निगाहें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर अपने-अपने देश के लिए पदक लाने पर होगी। भारत ने टोक्यो ओलंपिक(Tokyo Olympics 2021) में रिकॉर्ड संख्या में एथलीटों को भेजा है जिसके कारण इस बार एथलीटों से काफी उम्मीदें भी हैं। भारत का ओलंपिक में इतिहास कुछ खास नहीं रहा है और उसने पिछले 100 वर्षो से अधिक समय में नौ स्वर्ण, सात रजत और 12 कांस्य पदक सहित 28 पदक ही जीते हैं।

टोक्यो ओलंपिक (Wikimedia Commons )

भारत ने हॉकी में 1928 से 1980 (1976 को छोड़कर) लगातार पदक जीते हैं। भारत ने हॉकी में आठ स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीता है। हॉकी के अलावा 2008 बीजिंग ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा ने भारत को 10 मीटर एयर राइफल में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाया था।

भारत ने 2012 लंदन ओलंपिक में पदक के आधार पर अपना बेस्ट प्रदर्शन किया था। भारत की ओर से शूटर विजय कुमार और सुशील कुमार के द्वारा दो रजत, मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम (महिला फ्लाईवेट), बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल (महिला एकल), पहलवान योगेश्वर दत्त (पुरुष फ्रीस्टाइल 60 किग्रा) और निशानेबाज गगन नारंग (पुरुष 10 मीटर एयर राइफल) के जरिए चार कांस्य पदक जीते थे।

हालांकि, 2016 रियो ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था और उसने सिर्फ दो पदक ही जीते थे। भारत की ओर से पीवी सिंधु ने बैडमिंटन में रजत और पहलवान साक्षी मलिक (महिला फ्रीस्टाइल 58 किग्रा) में कांस्य पदक जीता था।

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इस बार टोक्यो ओलंपिक में भारतीय ओलंपिक संघ और केंद्रिय खेल मंत्रालय को भारत से दोहरे अंक में पदक लाने की उम्मीद है। सरकार ने टारगेट पोडियम स्कीम से एथलीटों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण, विदेशी विशेषज्ञ और ट्रेनिंग पर काफी खर्च किया है।

1980 मॉस्को ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम की हिस्सा रही एमएम सौम्या ने आईएएनएस से कहा, “भारत को दोहरे अंक में पदक जीतना होगा। तीरंदाज, निशानेबाज, पहलवान और मुक्केबाजों ने पिछले दो वर्षो में अच्छे नतीजे दिए हैं। अगर ये उसी फॉर्म को बरकरार रखते हैं तो पदक जीत सकते हैं।”

विजय कुमार ने कहा, “अगर हम रियो ओलंपिक के बाद पिछले चार वर्षो का प्रदर्शन देखें तो राइफल और पिस्टल शूटर पदक जीतने के दावेदार हैं। मुझे यकीन है कि राइफल और पिस्टल में भारत दो-तीन पदक जीतेगा।” विजय ने पिस्टल निशानेबाजों सौरभ चौधरी, मनु भाकर, राही सरनोबत तथा राइफल निशानेबाजों द्वियांश सिंह पंवार, अंजुम मुद्गिल और मिश्रित टीम जोड़ी को भारत के लिए शीर्ष पदक के दावेदारों में चुना।

इनके अलावा भारतीय पुरुष हॉकी टीम भी पदक हासिल करने की प्रबल दावेदार है। हॉकी के अलावा भारत को पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया से भी पदक की उम्मीद है। (आईएएनएस-PS)

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आईपीएल में रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) का एक मैच (wikimedia commons)

भारत के क्रिकेट टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक के बाद टीम से अपनी कप्तानी छोड़ने का जैसे ऐलान किया वैसे हि , उनके चाहने वाले , प्रशंसकों और साथी खिलाडियों ने अपनीं प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी । इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का कहना है कि आईपीएल की टीम का नेतृत्व करने का दबाव और युवा परिवार का होना रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के कप्तान विराट कोहली के इस आईपीएल के बाद टीम की कप्तानी छोड़ने के फैसले का कारण हो सकता है। आरसीबी की टीम की और से रविवार की देर रात यह घोषणा की गई , कि विराट कोहली आईपीएल 2021 सीजन के बाद टीम की कप्तानी छोड़ देंगे । इस के पहले कोहली ने कुछ दिन पहले ही टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम के टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का भी फैसला किया था।


डेल स्टेन ने आगे कहा कि, " विराट कोहली आरसीबी टीम के साथ शुरू से जुड़े हैं। मुझे नहीं पता, जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है आप चीजों को प्राथमिकता देने लगते हैं। कोहली का नया यूवा परिवार है । उन्हें अपनी पर्शनल लाइफ भी देखना है ।
डेल ने यह भी कहा कि , "हो सकता है, उस जिम्मेदारी (कप्तानी) से थोड़ा सा त्याग करना और सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होना उनके करियर के लिए इस समय एक अच्छा निर्णय है।"

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दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन (wikimedia commons)

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में शुमार अमेजन को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है । द मॉर्निग कॉन्टेक्स्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन ने भारत में अपने कानूनी प्रतिनिधियों के आचरण की जांच शुरू कर दी है। एक व्हिसलब्लोअर शिकायत के आधार पर यह जांच हुई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमेजन द्वारा कानूनी शुल्क में भुगतान किए गए कुछ पैसे को उसके एक या अधिक कानूनी प्रतिनिधियों द्वारा घूस में बदल दिया गया है।

काम करने वाले दो लोगों ने जो कि अमेजन की इन-हाउस कानूनी टीम के साथ है , उन्होंने मिलकर पुष्टि की कि अमेजन के वरिष्ठ कॉर्पोरेट वकील राहुल सुंदरम को छुट्टी पर भेजा गया है। एक संदेश में उन्होंने कहा, "क्षमा करें, मैं प्रेस से बात नहीं कर सकता।" हम स्वतंत्र रूप से यह पता नहीं लगा सके कि आंतरिक जांच पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है।

कई सवालों के एक विस्तृत सेट के जवाब में, अमेजन के प्रवक्ता ने कहा, "भ्रष्टाचार के लिए हमारे पास शून्य सहनशीलता है। हम अनुचित कार्यो के आरोपों को गंभीरता से लेते हैं, उनकी पूरी जांच करते हैं, और उचित कार्रवाई करते हैं। हम विशिष्ट आरोपों या किसी की स्थिति पर इस समय जांच या टिप्पणी नहीं कर रहे हैं इस समय जांच।"

\u0911\u0928\u0932\u093e\u0907\u0928 \u0930\u093f\u091f\u0947\u0932\u0930 \u0905\u092e\u0947\u091c\u0928 दुनिया की सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन कंपनी का लोगो (wikimedia commons)

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भारतीय जनता पार्टी भाजपा का चुनावी चिन्ह (wikimedia commons)

अभी-अभी भारत के पंजाब राज्य में एक बड़ी राजनेतिक घटना घटी जब वंहा का मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और सत्ता दल पार्टी ने राज्य ने नया मुख्यमंत्री बनाया । पंजाब में एक दलित को मुख्यमंत्री बना कर कांग्रेस ने एक बड़ी सियासी चाल खेल दी है। अब कांग्रेस इसका फायदा अगले साल होने जा रहे राज्यों के विधानसभा चुनाव में उठाने की रणनीति पर भी काम करने जा रही है । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सियासी पारे को गरम कर दिया है कांग्रेस की इस मंशा ने।

कांग्रेस नेता हरीश रावत जो कि पंजाब में दलित सीएम के नाम का ऐलान करने वाले वो उत्तराखंड से ही आते हैं, अतीत में प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आगे भविष्य में भी सीएम पद के दावेदार हैं, इसलिए बात पहले इस पहाड़ी राज्य के सियासी तापमान की करते हैं। साढ़े चार साल के कार्यकाल में भाजपा राज्य में अपने दो मुख्यमंत्री को हटा चुकी है और अब तीसरे मुख्यमंत्री के सहारे राज्य में चुनाव जीतकर दोबारा सरकार बनाना चाहती है। इसलिए भाजपा इस बात को बखूबी समझती है कि हरीश रावत उत्तराखंड में तो इस मुद्दें को भुनाएंगे ही।

बात करे उत्तराखंड राज्य कि तो यहा पर आमतौर पर ठाकुर और ब्राह्मण जाति ही सत्ता के केंद्र में रहती है, लेकिन अब समय बदल रहा है राजनीतिक दल भी दलितों को लुभाने का विशेष प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है , जिसमें 13 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। मसला सिर्फ 13 आरक्षित सीट भर का ही नहीं है। उत्तराखंड राज्य के 17 प्रतिशत से अधिक दलित मतदाता 22 विधानसभा सीटों पर जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसके साथ ही कुल 36 सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी राज्य में सरकार बना लेती है।

brahmin in uttrakhand उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है (wikimedia commons)

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