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दुनिया

भारत-अफगान संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक और कदम, जानिए क्या ?

भारत सरकार ने घोषणा की कि वह अफगानिस्तान में एक नया बांध बनाने जा रही है, जो काबुल के लाखों लोगों को पीने का साफ पानी मुहैया कराएगा।

सांकेतिक चित्र। (Unsplash)

भारत-अफगान संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक और कदम आगे बढ़ाते हुए भारत सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अफगानिस्तान में एक नया बांध बनाने जा रही है, जो काबुल के लाखों लोगों को पीने का साफ पानी मुहैया कराएगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत ने अफगानिस्तान के साथ सिर्फ शतूत बांध के निर्माण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे काबुल शहर के 20 लाख निवासियों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा।

जयशंकर ने 23 से 24 नवंबर तक जेनेवा में वर्चुअली आयोजित किए गए 2020 अफगानिस्तान सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। सम्मेलन की सह-मेजबानी संयुक्त राष्ट्र (यूएन), इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान की सरकार और फिनलैंड की सरकार ने की। इसका उद्देश्य परिवर्तनकारी दशक 2015-2024 के दूसरे भाग के दौरान अफगानिस्तान के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि करना है।


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सम्मेलन में मंत्री ने अफगानिस्तान में उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं के चौथे चरण के शुभारंभ की भी घोषणा की, जिसमें आठ करोड़ अमेरिकी डॉलर की 100 से अधिक परियोजनाओं की परिकल्पना की गई है, जो भारत अफगानिस्तान में शुरू करेगा।

भारत ने पहले काबुल शहर को बिजली प्रदान करने वाली 202 किलोमीटर की फुल-ए-खुमरी ट्रांसमिशन लाइन पर भी अपना सहयोग दिया था।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर। (Wikimedia Commons)

जयशंकर ने अपने बयान में भारत के निकटस्थ पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार के तौर पर अफगानिस्तान के विकास और उसके लोगों के लाभ के लिए भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया। जयशंकर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज अफगानिस्तान का कोई भी हिस्सा उन 400 से अधिक परियोजनाओं से अछूता नहीं है, जिनमें भारत ने अफगानिस्तान के सभी 34 प्रांतों में सहायता प्रदान की है। इसके साथ ही भारत में 65,000 से अधिक अफगानी छात्रों ने अध्ययन भी किया है। अफगानिस्तान में भारत के विकास पोर्टफोलियो तीन अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है।

जयशंकर ने कहा कि भारत ने अफगानिस्तान में शांति और विकास के क्षेत्र में भारी निवेश किया है और उसका मानना है कि पिछले दो दशकों के लाभ को संरक्षित किया जाना चाहिए और अल्पसंख्यकों, महिलाओं एवं कमजोर वर्गों के हितों को सुनिश्चित करना चाहिए।

अंग्रेजी में खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें – Lachit Divas: Untold Story Of Hero Lachit Borphukan

मंत्री ने अफगानिस्तान में हिंसा के बढ़ते स्तर के बारे में चिंता व्यक्त की और तत्काल और व्यापक संघर्ष विराम के लिए भारत के आह्वान को दोहराया।

एक महत्वपूर्ण हितधारक के रूप में, भारत एक शांतिपूर्ण, समृद्ध, संप्रभु, लोकतांत्रिक और एकजुट अफगानिस्तान की दिशा में काम करने के लिए अफगानिस्तान और विश्व समुदाय के लोगों के साथ हाथ मिलाने के लिए तत्पर है। (आईएएनएस)

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रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

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टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

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