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राजनीति

दलों के बीच आपसी सहमति से लागू होगा वन नेशन-वन इलेक्शन : भूपेंद्र यादव

By : नवनीत मिश्र भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के लिए फिलहाल कानून बनाने की संभावना से इनकार करते हुए कहा है कि सभी राजनीतिक दलों में आपसी सहमति के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने देश मे एक साथ चुनाव से कई फायदे गिनाते

By : नवनीत मिश्र 

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के लिए फिलहाल कानून बनाने की संभावना से इनकार करते हुए कहा है कि सभी राजनीतिक दलों में आपसी सहमति के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने देश मे एक साथ चुनाव से कई फायदे गिनाते हुए कहा कि इससे देश और राज्यों की विकास योजनाओं को रफ्तार मिलेगी। बार-बार चुनाव और उसके कारण लगने वाली आचार संहिता से विकास के काम बाधित नहीं होंगे। एक साथ चुनाव से कालेधन पर भी अंकुश लगेगा।


भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संजय मयूख की ओर से रविवार को आयोजित वेबिनार में देश के तमाम बुद्धिजीवियों को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि वन नेशन-वन इलेक्शन कोई नई खोज नहीं है। आजाद भारत का पहला लोकसभा चुनाव भी इसी तर्ज पर हुआ था। 1952, 1957, 1962 और 1967 का चुनाव इसी अवधारणा पर कराए जा चुके हैं। क्या राजनीतिक दलों को एक साथ चुनाव के लिए राजी करना आसान होगा? आईएएनएस के इस सवाल का जवाब देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा कि दो-तीन स्तर पर राजनीतिक दलों से चर्चा हो चुकी है। पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस के ही सांसद ने की थी। इसमें कई दलों के सांसद शामिल थे। भूपेंद्र यादव ने कहा, अभी बीएस चौहान के नेतृत्व में लॉ कमीशन ने जो रिपोर्ट दी थी, उसमें भी राजनीतिक दलों की राय थी। जो असहमति होगी उसे दूर करने की कोशिश होगी। पीएम मोदी के नेतृत्व में जीएसटी, आर्थिक आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण, श्रम सुधार सहित जितने भी रिफार्म्स हुए सभी दलों को सहमत करके हुए। हम लोग इस दिशा में सक्रिय हैं और राजनीतिक दलों से बातचीत कर उन्हें एक साथ चुनाव के लिए सहमत करेंगे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी । ( PIB )

चुनाव सुधार अभियान

प्रधानमंत्री मोदी कई मौकों पर वन नेशन, वन इलेक्शन की चर्चा कर चुके हैं। ऐसे में भाजपा की ओर से चुनाव सुधार अभियान के तहत ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे पर राष्ट्रीय सहमति तैयार करने के लिए ऐसे कार्यक्रम हो रहे हैं। इसी सिलसिले में आयोजित हुए इस वेबिनार में भूपेंद्र यादव ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन के खिलाफ विपक्ष की आपत्तियों को भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव होने की स्थिति में धन के अभाव में क्षेत्रीय दलों के चुनाव प्रचार में राष्ट्रीय दलों से पिछड़ने की आशंका भी बेमानी है। इसके बजाय बार-बार चुनाव होने से क्षेत्रीय दलों पर अधिक आर्थिक बोझ पड़ता है। एक साथ चुनाव पर राष्ट्रीय मुद्दों के हावी होने से क्षेत्रीय दलों के नुकसान की आशंका खारिज करते हुए उन्होंने पिछले साल लोकसभा चुनाव के साथ हुए ओडिशा और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव का उदाहरण दिया। कहा कि दोनों राज्यों में मतदाताओं ने लोकसभा के लिए भाजपा को तरजीह दी, जबकि विधानसभा के लिए क्रमश: बीजू जनता दल और टीआरएस के उम्मीदवारों को जिताया। इसी तरह झारखंड में लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की पहली पसंद भाजपा रही, लेकिन चार महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने झामुमो को ज्यादा पसंद किया।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि एक साथ चुनाव से राज्यों को बार-बार आचार संहिता का सामना नहीं करना पड़ेगा। राजनीतिक स्थिरता आएगी। उन्होंने कहा कि 2018 में संसद की स्टैंडिग कमेटी ने भी इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट तैयार की थी जिसमें इसके कई फायदे गिनाए थे। भूपेंद्र यादव ने कहा कि आधिकारिक तौर पर इलेक्शन कमीशन ने पहली बार साल 1983 में इसे लेकर सुझाव दिया था। लॉ कमीशन ने भी साल 1999 में वन नेशन, वन इलेक्शन की वकालत की थी। दिसंबर 2015 में ‘लोक सभा और राज्य विधान सभाओं के लिए एक साथ चुनाव आयोजित करने की व्यवहार्यता’ रिपोर्ट पर पार्लियामेंट की स्टेंडिंग कमेटी ने एक साथ चुनाव आयोजित करने पर एक वैकल्पिक और व्यावहारिक तरीका अपनाने की सिफारिश की थी। (आईएएनएस)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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हरिद्वार हिंदुओं की धार्मिक नगरी है , जहा हर 12 वर्षो में कुंभ का मेला भी आयोजित होता है (wikimedia commons)

उत्तराखंड देवभूमि के नाम से विख्यात है , यहां हिंदु धर्म के कई तीर्थ स्थल हैं। उत्तराखंड राज्य के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ विशेष कदम उठाये हैं। इस माह की शुरुआत में धामी सरकार ने प्रदेश में अप्रत्याशित रूप से बढ़ती मुस्लिम आबादी पर काबू करने के लिए जनसंख्या नियंत्रण नीति लाने पर हामी भरी थी। धामी सरकार से RSS से जुड़े 35 संगठनों ने यह मांग की थी। कई हिन्दूवादी संगठनों का दावा है कि उत्तराखंड के कई शहर देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल में मुस्लिम आबादी कुछ सालों में लगातार बढ़ रही है ।

हरिद्वार हिंदुओं की धार्मिक नगरी है , जहां हर 12 वर्षो में कुंभ का मेला भी आयोजित होता है यह हिंदुओ के आस्था का केंद्र रहा है। सनातन धर्म के प्रमुख केंद्रों में एक, जहां सभी मठ, अखाड़े और आध्यात्मिक केंद्र स्थित हैं। यह हिंदुओं के सबसे बड़े धार्मिक कार्यो की पवित्र भूमि है। यहां पर हिन्दू अस्थि विसर्जन से लेकर जनेऊ या उपनयन संस्कार और यंहा तक की काँवड़ यात्रा में जाने के लिए भक्त जन यंहा गंगा जल तक लेने आते हैं।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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