Dasna Temple: वह मंदिर पर थूकते रहें और हम 'सॉरी'-'सॉरी' कहें!

आरोप लगाया गया कि वह लड़का मंदिर में केवल पानी पीने आया था मगर क्योंकि वह मुसलमान था इसलिए मारा गया। किन्तु मंदिर प्रशासन का कुछ और तर्क है जिसे भी सुनना जरुरी है।
 | 
(NewsGram Hindi)

By: Shantanoo Mishra

हाल ही में एक नए मुद्दे ने जन्म लिया है जिसको बुद्धिधारी सेक्युलर तबके ने हथिया लिया है और साथ ही उस पर विक्टिम और अल्पसंख्यक का रोना रोया जा रहा है। कुछ दिन पहले गाजियाबाद(Ghaziabad) में डासना(Dasna) इलाके के शिव शक्ति धाम मंदिर(Shiv Shakti Dham mandir) में एक शांतिप्रिय धर्म के बच्चे को मारा गया और उसके बाद मारने वाले पर यह आरोप लगाया गया कि वह लड़का मंदिर में केवल पानी पीने आया था मगर क्योंकि वह मुसलमान था इसलिए मारा गया। जबकि मंदिर के बाहर एक बोर्ड लगा हुआ है जिसपर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है कि मुसलमानों का मंदिर परिसर में आना वर्जित है। यह बोर्ड भी सेक्युलरधारियों को नागवार गुजरा। 

किन्तु मंदिर के महंत एवं पुजारी इसके पीछे कुछ और ही तर्क दे रहे हैं जिसे आपको भी सुनना और समझना चाहिए। उनका कहना है कि मंदिर परिसर में पहले कई बार चोरी हो चुकी है और उन चोरियों के पीछे यह मुस्लिम 'बच्चे' ही थे। साथ ही जब परिसर के बाहर ही सार्वजनिक नल है तो वह लड़का मंदिर परिसर में 500 मी. अंदर क्यों पानी पीने गया? जब बाहर ही बोर्ड लगा हुआ है, जो आज से नहीं कई सालों से है तब भी वह लड़का अंदर क्यों आया?

मंदिर के महंत नरसिंहानन्द सरस्वती(Narsinhanand Saraswati) ने एक मीडिया चैनल को बताया कि "95% बहुल मुस्लिम(Muslim) इलाके में केवल 5% ही हिन्दू(Hindu) रहते हैं। और आस-पास के गावों के लोगों में इस मंदिर के लिए अधिक आस्था है। किन्तु जब बहन बेटियां यहां पूजा-ध्यान के लिए आती हैं, तब यही मुस्लिम गुंडे उन पर अभद्र टिप्पणी और उनका शिकार करते हैं। इन्ही लड़को ने मंदिर में चोरी को अंजाम दिया। यह लड़के मूर्तियों पर थूकते हैं उनपर पेशाब करते हैं। और इन्ही कारणों ने हमे वह गेट पर बोर्ड लगाने पर मजबूर किया।" 

इस घटना के बाद सेक्युलरधारियों की मसीहा स्वरा भास्कर ने #SorryAsif लिखा और ऐसे ही कइयों ने ट्विटर पर यही लिखा और ट्रेंड चलाया। मगर यही तबका तब कहाँ छुप जाता है जब दिल्ली में रिंकू शर्मा(Rinku Sharma) की निर्मम हत्या कर दी गई थी? तब न तो इन सेक्युलरधारियों ने #SorryRinku लिखा और न ही इस पर चर्चा की। मगर यह एक तथाकथित अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़ा मामला है तो अपना फायदा तो निकालना ही पड़ेगा। 

यह भी पढ़ें: कुरान से 26 आयतों को हटाने की मांग, सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर!

इस घटना के बाद The Quint; The Wire जैसी 'सत्यवादी' और 'सेक्युलर' मीडिया, महंत यति नरसिंहानन्द सरस्वती का इंटरव्यू लेने आए और अपने हिसाब से कठोर सवाल पूछे। मगर महंत नरसिंहानन्द सरस्वती के तर्कों ने इनकी बोलती बंद करने का काम किया और हिन्दुओं में इस मामले को लेकर जो दोहरी मानसिकता पनपी थी उसे समाप्त करने का भी काम किया।

आपको जान कर हैरानी होगी कि जिस समय #SorryAsif को ट्रेंड कराया जा रहा था उस समय एक और हैशटैग ट्रेंड पर था और वह था #SorrySheru। अब आप सोच रहे होंगे कि शेरू कौन है? तो शेरू उन 40 कुत्तों में से एक है जिसका अहमद शाही नाम के 68 साल के बुजुर्ग ने बलात्कार किया था। अब वह बेजुबान है इसलिए कुछ बता भी नहीं सकता मगर इस अपराध का पर्दाफाश सीसीटीवी के द्वारा हुआ। इसके साथ ही एक और युवक की वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसने सोमनाथ मंदिर के ध्वस्तीकरण को जायज ठहराया था और मेहमूद ग़ज़नवी के बारे में बच्चों को बताने के लिए कहता दिखा। 

बहरहाल, यदि आसिफ को पीटा गया तो देश में असहिष्णुता का माहौल और यदि रिंकू शर्मा जैसे अन्य युवाओं को मारा गया तो 'काफिर की मौत' कहने वाले कई हैं। किन्तु मंदिर का अपमान और हिन्दुओं का अपमान कर विक्टिम कार्ड खेलना इन शांतिप्रिय लोगों के लिए नई बात नहीं है।