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राजनीति

मानसून सत्र में विपक्ष रहेगा आक्रामक, भाजपा तैयार

कोरोना, आर्थिक संकट, रोजगार, चीन से टकराव, बिहार में बाढ़, सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण, आगामी विधानसभा चुनाव पर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो सकता है।

संसद के मॉनसून सत्र में नए मुद्दों पर चीरेगा घमासान।(Image: Wikimedia Commons)

By:नवनीत मिश्र

कोरोना काल के बीच देश में कई मुद्दों की भरमार के कारण इस बार संसद का मानसून सत्र हंगामेदार हो सकता है। विपक्ष सरकार की घेराबंदी करने की तैयारी मैं है तो सत्तापक्ष भी अलर्ट है। भाजपा मानसून सत्र को लेकर खास रणनीति बनाने में जुटी है। संसद सत्र के दौरान विपक्ष को बढ़त हासिल करने का भाजपा को कोई मौका नहीं देना चाहती। 14 सितंबर से शुरू होने जा रहे मानसूत्र सत्र को लेकर जल्द ही पार्टी कुछ बैठकें कर विपक्ष के संभावित हमलों को लेकर अपनी फुलप्रूफ रणनीति तैयार करेगी। यह जानकारी पार्टी सूत्रों ने दी है।


कोरोना, आर्थिक संकट, रोजगार, चीन से टकराव, बिहार में बाढ़, सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण, आगामी विधानसभा चुनाव सहित राजस्थान आदि कुछ राज्यों के सियासी घटनाक्रमों पर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो सकता है। भाजपा भी मानसून सत्र में उठने वाले संभावित मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रही है। पार्टी के वे नेता इन विषयों पर पूरा होमवर्क करने में जुटे हैं, जो आमतौर पर भाजपा की तरफ से लोकसभा और राज्यसभा में मुखर होकर बोलते हैं। जिस तरह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मसले पर पिछले साल सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला था, उस तर्ज पर मानसून सत्र में भी पार्टी विपक्ष पर हमला बोलने के लिए कुछ नए चेहरों को भी मौका दे सकती है।

सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल (Image Source- Twitter, Jamyang Tsering Namgyal )

भाजपा के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी और सांसद ने आईएएनएस से कहा, “हम तो चाहते ही हैं कि संसद में देश के सभी ज्वलंत मुद्दों पर बहस हो। कुछ नए सुझाव सामने आएं, जिससे देश की जनता के लिए संसद की उपयोगिता साबित हो। लेकिन, विपक्ष को किसी मुद्दे पर हंगामा करने की जगह विषयों पर सकारात्मक चर्चा पर ध्यान केंद्रित करना होगा, तभी संसद की बैठकों का अच्छा परिणाम सामने आ सकता है। जो भी मुद्दे उठेंगे, भाजपा पूरी तैयारी से उसका जवाब देगी।”

यह भी पढ़ें- व्हाट्सअप सम्पादकीय कांग्रेस में न आंतरिक लोकतंत्र बचा, न संस्कार : समीक्षा रिपोर्ट

कांग्रेस भी मानसून सत्र को लेकर खास तैयारी में जुटी है। संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस की निवर्तमान अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से लोकसभा और राज्यसभा के लिए पार्टी नेताओं की गईं नई नियुक्तियों से इसके संकेत मिलते हैं। सोनिया गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश को जहां राज्यसभा में मुख्य सचेतक नियुक्त किया है, वहीं गौरव गोगोई को लोकसभा में पार्टी का उपनेता और लुधियाना से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू को सचेतक बनाया है। हालांकि, पहले की तरह अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में और गुलाम नबी आजाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता बने रहेंगे।

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Image: Wikimedia Commons)

कोरोना के कारण संसद का मानसून सत्र इस बार देरी का शिकार हुआ है। 14 सितंबर से एक अक्टूबर तक लगातार सत्र चलाने की तैयारी है। कोरोना के कारण विशेष इंतजामों के बीच मानसून सत्र का संचालन होगा। बताया जा रहा है कि सुबह और शाम की शिफ्टों में सत्र का संचालन हो सकता है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद भवन परिसर में आने वाले सभी सांसदों, उनके स्टाफ आदि का कोरोना टेस्ट भी अनिवार्य कर दिया है।(आईएएनएस)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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