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सुरक्षा

पाकिस्तान के नापाक मंसूबों का पर्दाफाश!

पाकिस्तान की भारत विरोधी प्रचार मशीनरी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार को शर्मिदा करने के लिए हर स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश पर काम कर रही है।

By: रविंदर सिंह रॉबिन


पाकिस्तान की भारत विरोधी प्रचार मशीनरी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार को शर्मिदा करने के लिए हर स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश पर काम कर रही है। इस कड़ी में नवीनतम चाल पाकिस्तान में एक ‘ट्रैक्टर रैली’ का आयोजन करना है, जिसे पाकिस्तान के कुख्यात खालिस्तानी सिख नेता गोपाल सिंह चावला के दिमाग की उपज माना जाता है, जो गर्व से मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का दोस्त होने का दावा करता है। चावला ने सोमवार को भारतीय किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए सिख धर्म के संस्थापक, गुरु नानक देव की जन्मस्थली ननकाना साहिब में एक ट्रैक्टर रैली निकालने की घोषणा की।

पाकिस्तान में इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के खास चावला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश अपलोड किया जिसमें उसे ट्रैक्टर रैली निकालने की घोषणा करते हुए देखा जा सकता है, और दावा किया गया कि एक हजार से अधिक ट्रैक्टर इसमें शामिल होंगे। हालांकि, उसने ट्रैक्टर रैली किस दिन होगी, इसकी जानकारी नहीं दी है। कुछ दिनों पहले, चावला ने इसी तरह का बयान दिया था और सूत्रों के मुताबिक, आईएसआई ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को यह दिखाने के लिए भारतीय सिख ‘जत्था’ की उपस्थिति के दौरान ननकाना साहिब में एक ट्रैक्टर रैली निकालने की योजना बनाई थी कि भारत में सिख नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से खुश नहीं हैं।

हालांकि, सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के नापाक इरादों के बारे में जानकारी मिलने पर, भारत सरकार ने सिख जत्थे को सीमा पार जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, और भारत को शर्मिदगी महसूस कराने के उसके नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया। 17 फरवरी को गृह मंत्रालय ने एसजीपीसी के नेतृत्व वाले सिख जत्थे को साका ननकाना साहिब के शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए पाकिस्तान जाने की अनुमति से इनकार कर दिया था।सुरक्षा के खतरे और पाकितान में कोविड-19 स्थिति को यात्रा रद्द करने का कारण बताया गया।

किसान आंदोलन से जुड़ रहे हैं खालिस्तानी तार।(फाइल फोटो)

सैकड़ों भारतीय सिखों की उपस्थिति में अपने नियोजित ट्रैक्टर रैली की विफलता के बाद, पाकिस्तान ने सोमवार को चावला के माध्यम से निकट भविष्य में इसी तरह की रैली आयोजित करने की घोषणा की। वीडियो में, चावला ने ट्रैक्टर रैली की तारीख का उल्लेख नहीं किया, लेकिन दावा किया कि सिख जत्था रैली में भाग लेने के लिए कराची, इस्लामाबाद और पेशावर सहित पाकिस्तान के विभिन्न शहरों से ननकाना साहिब पहुंचेगा।

यह भी पढ़ें: किसान आंदोलन : कंधा किसान का बंदूक राजनीतिक दलों की

सूत्रों ने बताया कि आईएसआई ने पहले ही पाकिस्तान में सिख नेताओं से संपर्क स्थापित कर लिया है, जिसमें सिंध का महेश सिंह, बलूचिस्तान का जसबीर सिंह, पेशावर का प्रताप सिंह, पंजा साहिब का गुरमेल सिंह और ननकाना साहिब का पप्पल एस. सिंह शामिल हैं, उनसे आग्रह किया कि वे ट्रैक्टर रैली निकालने के लिए तैयार रहें। संदेश में, चावला ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी निंदा की और उन्हें भारतीय किसानों के जीवन में समस्याएं पैदा करने के लिए दोषी ठहराया।

इससे पहले, पाकिस्तान के सिख नेता बिशन सिंह, पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पूर्व अध्यक्ष, ने सिख आतंकियों और कट्टरपंथियों को जम्मू-कश्मीर में इस्लामी चरमपंथियों से हाथ मिलाने और भारत सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने के लिए उकसाया था।(आईएएनएस- ShM)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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