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वैश्विक बाज़ार में कच्चा तेल सस्ता होने से भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतें स्थिर

राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के शुल्कों में बदलाव के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं जिससे उपभक्ताओं को पहले हो रही लगातार बढ़ोतरी से राहत मिल रही है।

पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल डीज़ल के दामों में लगातार कटौती देखी गई है। (Pixabay)

राज्य सरकारों(state government) और केंद्र सरकार(central government) के शुल्कों में बदलाव के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं जिससे उपभक्ताओं को पहले हो रही लगातार बढ़ोतरी से राहत मिल रही है।

तेल वितरण कंपनियों के दैनिक बदलाव तंत्र के तहत रविवार को लगातार 10वें दिन पेट्रोल और डीजल(petrol and diesel) की कीमतें अपरिवर्तित रहीं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत पिछले दिनों 4 नवंबर को दीवाली के दिन सुबह 6 बजे गिरकर 103.97 रुपये प्रति लीटर हो गई थी, रविवार को भी इसी स्तर पर बनी हुई है।


डीजल की कीमतें भी राजधानी में 86.67 रुपये प्रति लीटर पर अपरिवर्तित बनी हुई हैं। आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 109.98 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.14 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में रविवार को भी कीमतें स्थिर रहीं, जहां नवंबर के पहले सप्ताह में पेट्रोल की कीमत 5.82 रुपये घटकर 104.67 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 11.77 रुपये घटकर 89.79 रुपये प्रति लीटर हो गई। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत भी 101.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.43 रुपये प्रति लीटर पर बनी रही। देशभर में भी, पेट्रोल, डीजल की कीमत रविवार को काफी हद तक अपरिवर्तित रही, लेकिन स्थानीय करों के स्तर के आधार पर खुदरा दरें भिन्न रही।

narendra modi, petrol diesel, crude oil वैश्विक बाजार में वर्तमान में कच्चा तेल सस्ता हुआ जोकि पिछले दिनों अपने तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। (Pixabay)

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल(crude oil) की कीमतें पिछले एक महीने में कई मौकों पर 85 डॉलर प्रति बैरल के तीन साल के उच्च स्तर को छू चुकी हैं, जो कि अब थोड़ा नरम होकर लगभग 82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। अमेरिकी इन्वेंट्री में वृद्धि ने कच्चे तेल की कीमतों को कम कर दिया है, लेकिन ओपेक प्लस के दिसंबर में उत्पादन में केवल क्रमिक वृद्धि के निर्णय से कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे तेल कंपनियों पर फिर से ईंधन की कीमतों में बदलाव करने का दबाव पड़ सकता है।

कीमतों में कटौती और ठहराव से पहले, डीजल की कीमतों में पिछले 51 दिनों में से 30 बार में दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत 9.90 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई।1 जनवरी से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ड्यूटी में कटौती से पहले 26 रुपये प्रति लीटर से अधिक की वृद्धि हुई है।

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मार्च 2020 और मई 2020 के बीच पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये और 16 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया गया था और केंद्र द्वारा शुल्क में कटौती का फैसला करने से पहले डीजल पर 31.8 रुपये और पेट्रोल पर 32.9 रुपये प्रति लीटर पर उच्च स्तर पर था।

Input- IANS; Edited By- Saksham Nagar

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