आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं दवा उद्योग-मंडाविया

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Wikimedia Commons)

प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के माध्यम से, केंद्र सरकार(Central Government) ने फार्मास्यूटिकल्स के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करके आयात को कम करने का प्रयास किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया(mansukh mandaviya) ने गुरुवार को कहा कि पीएलआई योजना ने भारत में 35 से अधिक उत्पादों का उत्पादन शुरू किया है।मंडाविया ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के द्राष्टिकोण को साकार करने में दवा उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

गुरुवार को मुंबई में इंडियन ड्रग मैन्युफैक्च र्स एसोसिएशन की हीरक जयंती के उपलक्ष्य में ‘इंडियन फार्मा – ग्लोबल हेल्थ केयर’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री(mansukh mandaviya) ने रेखांकित किया कि कैसे पीएलआई योजना जैसी सरकारी पहल स्वास्थ्य क्षेत्र को लाभान्वित कर रही है। मंडाविया ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को आवश्यक समर्थन देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।

केंद्रीय मंत्री(Mansukh Mandaviya) ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 में संशोधन करके और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देकर उद्योग की मदद कर रही है। हम निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उद्योग को शामिल कर रहे हैं। इसके अलावा, वेबिनार की एक श्रृंखला के माध्यम से, सरकार ने उद्योग तक पहुंचने और परामर्श करने का प्रयास किया है।

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फार्मा क्षेत्र के योगदान को याद करते हुए उन्होंने(Mansukh Mandaviya) कहा कि भारतीय फार्मा उद्योग ने भारत को ‘विश्व की फामेर्सी’ कहे जाने का सम्मान दिलाया है। मंडाविया ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को लाभ कमाने वाले उद्योग के रूप में नहीं देखती है। जब हम दवाओं का निर्यात करते हैं, तो हम इसे ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के द्राष्टिकोण से करते हैं। कोविड -19 महामारी की पहली लहर के दौरान, भारत ने 125 देशों को दवाओं की आपूर्ति की थी।

आईएएनएस(LG)

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