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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार को चौरी चौरा घटना के शताब्दी महोत्सव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुरूआत की। उन्होंने कहा कि महामारी की चुनौतियों के बीच भी हमारा कृषि क्षेत्र मजबूती से आगे बढ़ा और किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन करके दिखाया। हमारा किसान अगर और सशक्त होगा, तो कृषि क्षेत्र की प्रगति और तेज होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की तरक्की में किसानों ने अहम योगदान दिया है। हमारी सरकार ने मंडियों को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को बढ़ाया गया है।


उन्होंने कहा कि अब देश का प्रयास है कि हर गांव, कस्बे में भी इलाज की ऐसी व्यवस्था हो कि हर छोटी मोटी बीमारी के लिए शहर की तरफ न भागना पड़े। इतना ही नहीं शहरों में भी इलाज कराने में तकलीफ न हो, इसके लिए भी बड़े फैसले लिए गए हैं।

मोदी ने कहा कि किसान आगे बढ़ेंगे, आत्मनिर्भर बनें, इसके लिए पिछले 6 वर्षों में लगातार प्रयास किये गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्च र फंड को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया है। इसका सीधा लाभ देश के किसान को होगा। ये सभी फैसले हमारे किसान को आत्मनिर्भर बनाएंगे, कृषि को लाभ का व्यापार बनाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मंडियां किसानों के फायदे का बाजार बनें, इसके लिए 1,000 और मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने जिस तरह से इस महामारी से लड़ाई लड़ी है, उसकी तारीफ आज पूरी दुनिया में हो रही है। हमारे टीकाकरण अभियान से भी दुनिया के कई देश सीख रहे हैं।

मोदी ने कहा कि भारत ने कोरोना काल में 150 से अधिक देशों के नागरिकों को दवाई भेजी, मदद पहुंचाई। हजारों नागरिकों को सुरक्षित उनके देश भेजा। दुनिया के बड़े-बड़े देशों से भी तेज गति से टीकाकरण कर रहा है। कोरोना काल मे देश के सामने जो चुनौतियां आईं उनके समाधान को यह बजट नई तेजी देने वाला है। पहले कई दिग्गज कह रहे थे कि इतने संकट के बाद कर लगाना पड़ेगा लेकिन देशवाशियों पर कोई बोझ नहीं बढ़ाया।

प्रधानमंत्री ने देश में चल रहे टीकाकरण अभियान की तारीफ की।(सांकेतिक चित्र, Pixabay)

दशकों से बजट का मतलब सिर्फ घोषणा ही रह गई थी। बजट को हिसाब किताब का बही खाता बना दिया गया था। उन्होंने कहा कि गांव को बाजार व मंडी से जोड़ने, रेल की पटरी बिछाने, शिक्षा, रेल बस चलाने, स्वास्थ्य के लिए ज्यादा खर्च किया जाएगा। इन कार्यों के लिए काम करने वालों की भी जरूरत होगी। निर्माण के लिए लोगों की जरूरत होगी। रोजगार मिलेगा।

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी की युवाओं से अपील, स्वतंत्रता सेनानियों की वीरगाथा पर लिखें किताब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि चौरी-चौरा के बलिदानी हो वीर शहीदों के चरणों में प्रणाम करता हूं, आदर पूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। चौरीचौरा की पवित्र भूमि पर देश के लिए बलिदान होने वाले और देश के स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा देने वाले वीरों को प्रणाम करता हूं। देश जब आजादी के 77वें बरस में प्रवेश कर रहा है। यह आयोजन उसे और महत्वपूर्ण बना दे रहा है।

इस संग्राम के सेनानियों को हाल ही इतिहास के पन्नों में जगह न दी गयी हो, लेकिन उनके प्रयास ने महत्वपूर्ण कार्य किया। सभी मां भारती की वीर संतानें थे। ऐसी बहुत कम घटना होगी जिसमें एक साथ 19 लोगों को फांसी दी गयी। आजादी के आंदोलन में ऐसी बहुत कम घटना होगी जिसमें एक ही घटना में 19 संग्राम सेनानियों को फांसी पर लटका दिया गया हो। महामना के प्रयासों से डेढ़ सौ लोगों को फांसी से बचा लिया गया। आज का दिन बाबा राघव दास और महामना जी को भी प्रणाम करने का है। ब्रितानी हुकूमत 172 लोगों को फांसी देने पर उतारू थी लेकिन बाबा राघवदास व महामना मदन मोहन मालवीय के प्रयास से 150 से अधिक की जान बचा ली। आज भारत खुद कोरोना की वैक्सीन बना रहा है। दुनिया के बड़े देशों से तेजी से टीकाकरण कर रहा है तो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की आत्मा को गर्व महसूस हो रहा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौरी-चौरा शताब्दी समारोह में एक डाक टिकट जारी किया।(आईएएनएस)

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