Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

2022 तक ग्रामीण इलाके में आवास की सुविधा मुहैया कराने का लक्ष्य : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के 6.1 लाख लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए 2,691 करोड़ रुपये की रकम जारी की। पीएमएवाई-जी मोदी सरकार की महत्वकांक्षी योजना है जिसके तहत 2022 तक देश के ग्रामीण इलाके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के 6.1 लाख लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए 2,691 करोड़ रुपये की रकम जारी की। पीएमएवाई-जी मोदी सरकार की महत्वकांक्षी योजना है जिसके तहत 2022 तक देश के ग्रामीण इलाके में सबको आवास की सुविधा मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत जारी यह राशि उत्तर प्रदेश के जिन 6.1 लाख लाभार्थियों को मिलेगी उनमें 5.30 लाख ऐसे लाभार्थी होंगे जिन्हें आर्थिक सहायता की पहली किस्त प्राप्त होगी जबकि 80 हजार लाभार्थी ऐसे होंगे जिन्हें दूसरी किस्त मिलेगी और जिन्हें पीएमएवाई-जी के अंतर्गत पहली किस्त पहले ही दी जा चुकी है।


प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 20 नवंबर, 2016 को शुरू हुई की गई थी और इस योजना के तहत देशभर में अब तक 1.26 करोड़ घर पहले ही बनाए जा चुके हैं। पीएमएवाई-जी के अंतर्गत मैदानी इलाकों में प्रत्येक लाभार्थी को घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये जबकि पहाड़ी क्षेत्रों (पूर्वोत्तर राज्यों/दुर्गम स्थानों/जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित क्षेत्रों/आईएपी/एलडबल्यूई जिलों) के लोगों को 1.30 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है।

यह भी पढ़ें : उप्र में एक और ‘कागज़’ की कहानी

पीएमएवाई-जी के लाभार्थियों को घर के अलावा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस) के अंतर्गत अकुशल कामगार श्रेणी के तरह भी मदद दी जाती है। साथ ही शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी), एमजीएनआरईजीएस या अन्य श्रोतों से 12,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना को केंद्र सरकार और राज्यों तथा केंद्र शासित सरकारों की अन्य योजनाओं के साथ भी जोड़ा गया है। इसके तहत लाभार्थी को एलपीजी कनेक्शन का लाभ देने के लिए उज्‍जवला योजना, बिजली कनेक्शन, और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन इत्यादि को इसमें शामिल किया गया है। (आईएएनएस )

Popular

आईपीएल में रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) का एक मैच (wikimedia commons)

भारत के क्रिकेट टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक के बाद टीम से अपनी कप्तानी छोड़ने का जैसे ऐलान किया वैसे हि , उनके चाहने वाले , प्रशंसकों और साथी खिलाडियों ने अपनीं प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी । इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का कहना है कि आईपीएल की टीम का नेतृत्व करने का दबाव और युवा परिवार का होना रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के कप्तान विराट कोहली के इस आईपीएल के बाद टीम की कप्तानी छोड़ने के फैसले का कारण हो सकता है। आरसीबी की टीम की और से रविवार की देर रात यह घोषणा की गई , कि विराट कोहली आईपीएल 2021 सीजन के बाद टीम की कप्तानी छोड़ देंगे । इस के पहले कोहली ने कुछ दिन पहले ही टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम के टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का भी फैसला किया था।


डेल स्टेन ने आगे कहा कि, " विराट कोहली आरसीबी टीम के साथ शुरू से जुड़े हैं। मुझे नहीं पता, जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है आप चीजों को प्राथमिकता देने लगते हैं। कोहली का नया यूवा परिवार है । उन्हें अपनी पर्शनल लाइफ भी देखना है ।
डेल ने यह भी कहा कि , "हो सकता है, उस जिम्मेदारी (कप्तानी) से थोड़ा सा त्याग करना और सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होना उनके करियर के लिए इस समय एक अच्छा निर्णय है।"

Keep Reading Show less

दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन (wikimedia commons)

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में शुमार अमेजन को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है । द मॉर्निग कॉन्टेक्स्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन ने भारत में अपने कानूनी प्रतिनिधियों के आचरण की जांच शुरू कर दी है। एक व्हिसलब्लोअर शिकायत के आधार पर यह जांच हुई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमेजन द्वारा कानूनी शुल्क में भुगतान किए गए कुछ पैसे को उसके एक या अधिक कानूनी प्रतिनिधियों द्वारा घूस में बदल दिया गया है।

काम करने वाले दो लोगों ने जो कि अमेजन की इन-हाउस कानूनी टीम के साथ है , उन्होंने मिलकर पुष्टि की कि अमेजन के वरिष्ठ कॉर्पोरेट वकील राहुल सुंदरम को छुट्टी पर भेजा गया है। एक संदेश में उन्होंने कहा, "क्षमा करें, मैं प्रेस से बात नहीं कर सकता।" हम स्वतंत्र रूप से यह पता नहीं लगा सके कि आंतरिक जांच पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है।

कई सवालों के एक विस्तृत सेट के जवाब में, अमेजन के प्रवक्ता ने कहा, "भ्रष्टाचार के लिए हमारे पास शून्य सहनशीलता है। हम अनुचित कार्यो के आरोपों को गंभीरता से लेते हैं, उनकी पूरी जांच करते हैं, और उचित कार्रवाई करते हैं। हम विशिष्ट आरोपों या किसी की स्थिति पर इस समय जांच या टिप्पणी नहीं कर रहे हैं इस समय जांच।"

\u0911\u0928\u0932\u093e\u0907\u0928 \u0930\u093f\u091f\u0947\u0932\u0930 \u0905\u092e\u0947\u091c\u0928 दुनिया की सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन कंपनी का लोगो (wikimedia commons)

Keep Reading Show less

भारतीय जनता पार्टी भाजपा का चुनावी चिन्ह (wikimedia commons)

अभी-अभी भारत के पंजाब राज्य में एक बड़ी राजनेतिक घटना घटी जब वंहा का मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और सत्ता दल पार्टी ने राज्य ने नया मुख्यमंत्री बनाया । पंजाब में एक दलित को मुख्यमंत्री बना कर कांग्रेस ने एक बड़ी सियासी चाल खेल दी है। अब कांग्रेस इसका फायदा अगले साल होने जा रहे राज्यों के विधानसभा चुनाव में उठाने की रणनीति पर भी काम करने जा रही है । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सियासी पारे को गरम कर दिया है कांग्रेस की इस मंशा ने।

कांग्रेस नेता हरीश रावत जो कि पंजाब में दलित सीएम के नाम का ऐलान करने वाले वो उत्तराखंड से ही आते हैं, अतीत में प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आगे भविष्य में भी सीएम पद के दावेदार हैं, इसलिए बात पहले इस पहाड़ी राज्य के सियासी तापमान की करते हैं। साढ़े चार साल के कार्यकाल में भाजपा राज्य में अपने दो मुख्यमंत्री को हटा चुकी है और अब तीसरे मुख्यमंत्री के सहारे राज्य में चुनाव जीतकर दोबारा सरकार बनाना चाहती है। इसलिए भाजपा इस बात को बखूबी समझती है कि हरीश रावत उत्तराखंड में तो इस मुद्दें को भुनाएंगे ही।

बात करे उत्तराखंड राज्य कि तो यहा पर आमतौर पर ठाकुर और ब्राह्मण जाति ही सत्ता के केंद्र में रहती है, लेकिन अब समय बदल रहा है राजनीतिक दल भी दलितों को लुभाने का विशेष प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है , जिसमें 13 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। मसला सिर्फ 13 आरक्षित सीट भर का ही नहीं है। उत्तराखंड राज्य के 17 प्रतिशत से अधिक दलित मतदाता 22 विधानसभा सीटों पर जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसके साथ ही कुल 36 सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी राज्य में सरकार बना लेती है।

brahmin in uttrakhand उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है (wikimedia commons)

Keep reading... Show less