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देश

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर संसद को बाधित करने के लिए साधा निशाना, कहा- उन्हें बेनकाब करें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद को ठीक से काम नहीं करने देने और दोनों सदनों में बार-बार व्यवधान पैदा करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा है। प्रधानमंत्री मंगलवार को यहां भाजपा संसदीय दल की बैठक में बोल रहे थे.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi [Wikimedia Commons]

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद को ठीक से काम नहीं करने देने और दोनों सदनों में बार-बार व्यवधान पैदा करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा है। प्रधानमंत्री मंगलवार को यहां भाजपा संसदीय दल की बैठक में बोल रहे थे। सूत्रों ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने पार्टी सांसदों से कहा कि कांग्रेस पार्टी जानबूझकर संसद में खलल डाल रही है। वे न तो बहस में रुचि रखते हैं और न ही संसद को सुचारू रूप से चलने दे रहे हैं।’

प्रधानमंत्री ने कोविड पर सभी दलों के फ्लोर नेताओं की बैठक में भाग नहीं लेने के लिए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। 20 जुलाई को, प्रधान मंत्री ने संसद के दोनों सदनों के सभी दलों के नेताओं के साथ बातचीत के दौरान उन्हें कोविड के बढ़ते असर और महामारी के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के बारे में बताया था।


कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी एवं उनकी बहन प्रियंका गाँधी।(Wikimedia Commons)

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस सदन का कामकाज ठप कर देती है और दूसरी तरफ वे कोविड पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होने नहीं आए। उनका व्यवहार मानवता के खिलाफ है। उन्होंने तमाम सांसदों को देश के लोगों के बीच कांग्रेस को बेनकाब करने को कहा।

पता चला है कि प्रधानमंत्री ने भाजपा सांसदों से कहा कि वे आजादी के 75 साल पूरे होने पर जनता की भागीदारी से ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाएं ताकि यह किसी सरकारी कार्यक्रम की तरह न लगे।

यह भी पढ़े : मुख्यमंत्री ने 6,696 शिक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र, बोले अवैध कमाई बंद तो कुछ लोग युवाओं को कर रहे गुमराह .

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा सांसदों से भी कहा कि वे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ को जनभागीदारी से बड़े पैमाने पर मनाएं। यह भी पता चला है कि प्रधानमंत्री ने भाजपा सांसदों से कहा कि वे लोगों से अगले 25 वर्षों के लिए सुझाव देने की अपील करें। बैठक में मौजूद एक अन्य सांसद ने कहा, उन्होंने लोगों से अगले 25 वर्षों के लिए अपने विचार और ²ष्टिकोण सुझाने के लिए कहा, जब देश 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा।

प्रधानमंत्री ने सांसदों से ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ में जागरूकता पैदा करने और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करने को भी कहा।(आईएएनएस PS)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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