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देश

पीएम मोदी ने देश में शेर, बाघ, तेंदुए की आबादी बढ़ने को बताया गर्व का विषय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वर्ष 2020 के अपने आखिरी रेडियो संबोधन 'मन की बात' के दौरान देश में शेर, बाघ और तेंदुओं की आबादी बढ़ने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे आनंद और गर्व का विषय बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (PIB)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वर्ष 2020 के अपने आखिरी रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ के दौरान देश में शेर, बाघ और तेंदुओं की आबादी बढ़ने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे आनंद और गर्व का विषय बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि का श्रेय सरकार के साथ संरक्षण की दिशा में जुटी सिविल सोसाइटी और संस्थाओ को भी दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछले कुछ सालों में, भारत में शेरों की आबादी बढ़ी है, बाघों की संख्या में भी वृद्धि हुई है, साथ ही, भारतीय वनक्षेत्र में भी इजाफा हुआ है। इसकी वजह ये है कि सरकार ही नहीं बल्कि बहुत से लोग, सिविल सोसाइटी, कई संस्थाएं भी, हमारे पेड़-पौधों और वन्यजीवों के संरक्षण में जुटी हुई हैं।

तेंदुए की आबादी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में लियोपार्ड यानी तेंदुओं की संख्या में, 2014 से 2018 के बीच, 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। 2014 में देश में तेंदुओं की संख्या लगभग 7,900 थी, वहीं 2019 में इनकी संख्या बढ़कर 12,852 हो गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये वही तेंदुए हैं जिनके बारे में जिम कार्बेट ने कहा था- जिन लोगो ने तेंदुए को प्रकृति में स्वच्छन्द रूप से घूमते नहीं देखा, वो उसकी खूबसूरती की कल्पना ही नहीं कर सकते। उसके रंगों की सुंदरता और उसकी चाल की मोहकता का अंदाजा नहीं लगा सकते।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के अधिकतर राज्यों में, विशेषकर मध्य भारत में, तेंदुओं की संख्या बढ़ी है। तेंदुए की सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में, मध्यप्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र सबसे ऊपर हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि तेंदुए पूरी दुनिया में वर्षों से खतरों का सामना करते आ रहे हैं, दुनिया भर में उनके हैबिटेट को नुकसान हुआ है। ऐसे समय में भारत ने तेंदुए की आबादी में लगातार बढ़ोत्तरी कर पूरे विश्व को रास्ता दिखाया है। (आईएएनएस)

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गामी पांच राज्यों में होने वाले चुनाव का बिगुल बज गया है और अब भाजपा जीत के लिए वापस से उनके मोदी नामक "ट्रम्प कार्ड" का इस्तेमाल करेगी। (Wikimedia Commons)

अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले चुनावों का बिगुल बज चूका है। पाँचों राज्यों में चुनाव जीतने के लिए राजनितिक पार्टियां रणनीति बनाने में लगी। इन पांचों राज्यों में सबसे बड़ी नज़र भाजपा(Bhajpa) पर होगी क्योंकि पांच राज्यों में से तीन राज्यों में उसकी सत्ता है। पांच राज्यों में से उत्तराखंड(Uttarakhand) में भी चुनाव होने हैं जहां भाजपा ने इस साल 3 मुख्यमंत्री बदल दिए हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी(Pushkar Dhami) हैं जिन्हे आए हुए कुछ ही महीने हुए हैं ऐसे में भाजपा के लिए उत्तराखंड का पूरा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आ गया है।

सैन्य बाहुल्य राज्य उत्तराखंड में पिछले पांच सालों में नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) की ऐसी छवि बन चुकी जिसे विपक्ष के लिए फिलहाल तोडना ना मुमकिन है। पिछले चुनाव में कांग्रेस में हुई बगावत और मोदी का जादू ही वो वजह था जिसने राज्य की 70 सीटों में से 57 सीटें भाजपा की झोली में दाल दी थी।

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देश में अब तक ओमीक्रोन से संक्रमित दो मरीज मिल चुके हैं। [pixabay]

दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन ने अब भारत में भी दस्तक दे दी है। मामले की गंभीरता आप इस बात से समझ सकते हैं कि देश के टॉप साइंटिस्ट ने शुक्रवार को यह चेतावनी तक दे दी है कि यह वेरिएंट देश में तीसरी लहर ला सकता है। बता दें कि देश में अब तक ओमीक्रोन से संक्रमित दो मरीज मिल चुके हैं। ये दोनों मरीज कर्नाटक से हैं। इनमे से एक शख्स 66 साल का विदेशी है जो 20 नवंबर को बैंगलुरु आया था। कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद इसे प्राइवेट होटल में आइसोलेट कर दिया गया, जिसके बाद 27 नवंबर को ये शख्स दुबई लौट गया। वहीं 46 साल का जो दूसरा शख्स ओमिक्रॉन वेरिएंट से प्रभावित है, वो स्थानीय है और 22 नवंबर को ये पॉजिटिव पाया गया था। फिलहाल इनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के लिए भेजे गए हैं। अब आइये जानते हैं कि क्या होती है जीनोम सिक्वेंसिंग।

जीनोम सिक्वेंसिंग क्या है ?

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हेल्थ स्टार्टअप्स ने भारत के सेकेंडरी केयर सर्जरी मार्केट का लाभ उठाया। [IANS]

हेल्थकेयर स्टार्टअप्स (Healthcare Startups) ने भारत में स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ देश में सेकेंडरी केयर सर्जरी बाजार में तेजी ला दी है। सर्जरी स्वास्थ्य देखभाल खर्च और सेकेंडरी केयर सर्जरी के साथ बढ़ते बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा है।

प्रिस्टिन केयर, प्रैक्टो और मिरास्केयर जैसे हेल्थकेयर स्टार्टअप्स ने ऐसे तकनीकी प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं, जो सस्ते दामों पर डॉक्टरों, ग्राहकों और अस्पतालों को जोड़ते हैं।

ये स्टार्टअप (Healthcare Startups) ऑनलाइन चिकित्सा सलाह प्रदान करते हैं और उसके बाद यदि आवश्यक हो तो देशभर के छोटे अस्पतालों में हर्निया, बवासीर, पित्त पथरी आदि जैसी बीमारियों के लिए गैर-महत्वपूर्ण न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी की जरूरत होती है, जो महानगरों के बड़े अस्पतालों की तुलना में कम क्षमता पर चलते हैं।

प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care), जो जनवरी 2021 से लगभग पांच गुना बढ़ चुका है, इस क्षेत्र में अग्रणी है। इसमें 80 से अधिक क्लीनिकों, 400 से अधिक साझेदार अस्पतालों और 140 से अधिक इन-हाउस सुपर स्पेशियलिटी सर्जनों का एक पारिस्थितिकी तंत्र है। यह देशभर के 22 से अधिक शहरों में काम करता है।

हाल ही में आए मिरास्केयर क्लीनिक एंड सेंटर भी उन्नत सामान्य, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और प्रोक्टोलॉजी में उपचार की एक सीरीज प्रदान करता है।

Memorial Hospital Central, hopitals in india, online health facilities पूरे भारत में 2,000 बड़े आकार के अस्पतालों में पहले से ही ऐसी सुविधाएं हैं। [Wikimedia Commons]

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