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28वें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने किया देश को सम्बोधित।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा उठाए गए क़दमों की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा ,''मुझे संतोष है की राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत के नैतिक संकल्पों को ताकत दे रहा है और सहयोग कर रहा है।

28वें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने किया देश को सम्बोधित। (WIKIMEDIA COMMONS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 28वें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के स्थापना दिवस कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। नवरात्री की शुभकामनाओं के साथ प्रधान मंत्री ने अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार का बहुत ज्यादा हनन तब होता है, जब उसे राजनीतिक रंग से देखा जाता है, राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, राजनीतिक नफा-नुकसान के तराजू से तौला जाता है। इस तरह का सलेक्टिव व्यवहार लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक होता है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा उठाए गए क़दमों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा ,''मुझे संतोष है की राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत के नैतिक संकल्पों को ताकत दे रहा है और सहयोग कर रहा है।


आए दिन जगह जगह हो रहे लोगों के मानवाधिकार के हनन पर उन्होंने कहा कि पिछले इन वर्षों में मानवाधिकार की व्याख्या कुछ लोग अपने-अपने तरीके से, अपने-अपने हितों को देखकर करने लगे हैं पर भारत ने हमेशा मानवाधिकारों को बरकरार रखा है ।


NHRC , \u0930\u093e\u0937\u094d\u091f\u094d\u0930\u0940\u092f \u092e\u093e\u0928\u0935\u093e\u0927\u093f\u0915\u093e\u0930 \u0906\u092f\u094b\u0917 राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) [ Wikimedia Commons]

महिलाओं के लिए किये गए अपने कामों को गिनवाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "दशकों से मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक के खिलाफ कानून की मांग कर रही थीं। हमने ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून बनाकर, मुस्लिम महिलाओं को नए अधिकार दिए हैं।"

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज महिलाओं के लिए काम के अनेक सेक्टर्स को खोला गया है, वो 24 घंटे सुरक्षा के साथ काम कर सकें, इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। जो काम दुनिया के बड़े-बड़े देश नहीं कर पा रहे, उसे भारत ने करके दिखाया है। उन्होंने करियर वुमेन को मिलने वाले 26 हफ्ते की पेड मैटरनिटी लीव की भी बात की।

प्रधानमंत्री ने आगे ट्रांसजेंडर, बच्चों और घुमंतू तथा अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए सरकार द्वारा किए गए कामों के बारे में बताया। उन्होंने बताया की ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण अधिनियम पेश किया गया है।

देश की कानून व्यवस्था की मजबुती के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 650 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए हैं और दुष्कर्म के जघन्य अपराध के लिए मौत की सजा की शुरुआत की है।

साथ ही उनकी सरकार ने हमेशा कतार में अंतिम व्यक्ति के बारे में सोचा है और यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की है कि कोई भी व्यक्ति, यहां तक कि जो अपने बुनियादी मानवाधिकारों से अनजान हैं, उन्हें भी नहीं छोड़ा जाए।

उन्होंने कहा, "यही कारण है कि हम जन-धन योजना, उज्जवला योजना और स्वच्छ भारत अभियान जैसी योजनाएं लेकर आए हैं।"

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मानवाधिकार की अवधारणा का गरीबों की गरिमा से गहरा संबंध है। जब गरीब से गरीब व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का बराबर लाभ नहीं मिलता है तो अधिकारों का सवाल उठता है। गरीबों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा किये गए प्रयासों के बारे में चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि जो गरीब कभी शौच के लिए खुले में जाने को मजबूर था, उस गरीब को जब शौचालय मिलता है, तो उसे डिग्निटी भी मिलती है। ठीक इसी प्रकार जो गरीब कभी बैंक के भीतर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था उस गरीब का जब जनधन खाता खुलता है, तो उसमें हौसला आता है, उसकी डिग्निटी बढ़ती है। इसी तरह, रुपे कार्ड, महिलाओं के लिए उज्जवला गैस कनेक्शन और पक्के मकानों का संपत्ति का अधिकार जैसे उपाय उस दिशा में प्रमुख कदम हैं।

यह भी पढ़ें : देश के 7 राज्यों में छात्रों की पहुंच डिजिटल उपकरणों तक सबसे कम।

प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजनों के लिए बनाए गए कानून की भी बात की। उन्होंने बताया की कैसे दिव्यांगजनों को नई सुविधाओं से जोड़ा गया है। साथ ही उनके लिए अनुकूल भवन बनाए जा रहे हैं और दिव्यांगों के लिए भाषा का मानकीकरण भी किया जा रहा है।

महामारी के दौरान पीएम फंड से गरीबों को पहुंचाई गयी मदद पर चर्चा करते हुए पीएम ने कहा कि महामारी के दौरान गरीब, असहाय और वरिष्ठ नागरिकों को उनके खाते में सीधे वित्तीय सहायता दी गई।इसके अलावा वन नेशन-वन राशन कार्ड के लागू होने से प्रवासी मजदूरों की परेशानी काफी कम हुई।

इस बात को दोहराते हुए कि उनकी सरकार मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील है और भारतीय समाज के हर वर्ग के सर्वोत्तम हित में काम कर रही है

मानवाधिकार के प्रति संवेदना जताते हुए आखिर में पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार भारतीय समाज के हर वर्ग के सर्वोत्तम हित में काम कर रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा की राजग सरकार जम्मू और कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के विकास की दिशा में भी गंभीरता से काम कर रही है। (आईएएनएस )

Input : IANS ; Edited by : MS

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