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पीएम मोदी ने की ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर ऑल कार्यक्रम की शुरुआत

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीकी शिक्षा को लेकर एक नई शुरूआत की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PIB)

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीकी शिक्षा को लेकर एक नई शुरूआत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर ऑल’ कार्यक्रम की शुरूआत की है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी समझ पैदा करने वाला यह कार्यक्रम सीबीएसई, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और इंटेल इंडिया द्वारा संचालित किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर ऑल 4 घंटे का एक माइक्रो लनिर्ंग प्रोग्राम है। यह लनिर्ंग कार्यक्रम छात्र, अभिभावक, घर पर ही रहने वाले लोग, कामकाजी व्यक्ति और वरिष्ठ नागरिक भी सीख सकते हैं।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को यह विश्वास दिलाती है कि देश अब पूरी तरह से उनके साथ है, उनके हौसलों के साथ है। युवा मन जिस दिशा में भी सोचना चाहें, खुले आकाश में जैसे उड़ना चाहें, देश की नई शिक्षा व्यवस्था उसे वैसे ही अवसर उपलब्ध करवाएगी।


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर ऑल कार्यक्रम को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जागरूकता है। वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर ऑल के अंतर्गत ही दूसरा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्रिसिएशन है।

जागरूकता कार्यक्रम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बेसिक समझ के लिए है तो एप्रिसिएशन इससे अधिक सीखने का मौका देगा।

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री (फ़ाइल फोटो, PIB)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर ऑल का लक्ष्य पहले वर्ष में 1 मिलियन लोगों को जोड़ना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा में डिजिटल रेवोलुशन पूरे देश में एक साथ आए। गांव, शहर समान रूप से डिजिटल लनिर्ंग से जुड़ें, इसका भी खास ख्याल रखा गया है। नेशनल डिजिटल एजुकेशनल और नेशनल एजुकेशन टेक्नोलॉजी फोरम इस दिशा में पूरे देश में डिजिटल और टेक्नोलॉजिकल फ्रेमवर्क उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसी तरह स्ट्रक्च र एसेसमेंट फॉर एनालाइजिंग लनिर्ंग लेबल यानी सफल के जरिए छात्रों के आकलन की भी वैज्ञानिक व्यवस्था शुरू हुई है। यह व्यवस्था आने वाले समय में छात्रों को परीक्षा के डर से भी मुक्ति दिलाएगी। जब यह डर युवाओं के मन से निकलेगा तो नए-नए स्किल्स लेने का साहस, नए-नए इनोवेशन का नया दौर शुरू होगा।(आईएएनएस-PS)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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