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देश

पुलिस स्मृति दिवस 2020 : देश के पुलिसकर्मियों की अमर कहानी

पुलिसकर्मियों के बलिदान को स्मरण करने के लिए 21 अक्टूबर को वार्षिक रूप से पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

कोरोनाकाल में कई पुलिसकर्मि अपनी सेवा देते हुए शहीद हो गए हैं। (Pixabay)

भारत और चीन के बीच चल रहे आपसी तनाव से हम सभी अवगत हैं। इसकी शुरुआत 1959 में ही हो गयी थी, जब भारत की सीमा रक्षा पर हमारे 10 पुलिसकर्मियों ने शहादत को गले लगा लिया था। 

मामला उस दिन का है जब पूर्वी लद्दाख में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कुल 15 जवान हॉट स्प्रिंग के पास तैनात थे।


मौका पाते ही चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने सीआरपीएफ की उस टुकड़ी पर हमला बोल दिया। इस हमले में हमारे दस जवान शहीद हो गए। बाकी बचे पांच, जिन्हें चीन ने हिरासत में धर लिया था।

बन्दी बनाये जवानों के साथ चीनी सेना ने क्रूरता पूर्ण व्यवहार किया। अंत में दिल्ली से बगावत की आवाज़ उठने पर , चीन ने दस जवानों के मृत देह के साथ उन पांच जिंदा जवानों को लौटा दिया।

यह भी पढ़ें – सीआरपीएफ तैयार करेगी 500 हाई-टेक विशेषज्ञों की टीम

हालांकि उस एक तरफ़ा युद्ध में भी हमारे देश के जवानों ने पूरी तरह से हार नहीं मानी थी।

आज पुलिसकर्मियों के उसी बलिदान के बाद, हर साल 21 अक्टूबर को वार्षिक रूप से पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) मनाया जाता है। उसके बाद भी ना जाने कितने पुलिसकर्मी अपनी सेवा देते हुए देश के लिए, अपने समाज के लोगों के लिए शहीद हो गए।

हम चाहे पुलिस दल से डर जाएं, या उन्हें अपशब्द कहें मगर समाज में उनकी ज़रूरत और उनकी भूमिका को कभी दरकिनार नहीं कर सकते।

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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