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निष्क्रियता और अतिसक्रियता से बचकर न्यायपूर्ण कार्य करे पुलिस : गृहमंत्री

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कोई भी संगठन तभी सफलतापूर्वक चलता है, जब उसको चलाने वाले व्यवस्था का हिस्सा बन इसको मजबूत करने के लिए काम करें।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (फाइल फोटो, PIB)

गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने पुलिस को निष्क्रियता और अतिसक्रियता से बचकर न्यायपूर्ण कार्य करने की सलाह दी है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये भारतीय पुलिस सेवा के 72वें बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों से संवाद करते हुए गृहमंत्री ने कोरोना में जान गंवाने वाले पुलिस और स्वस्थ्यकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए डॉक्टर दिवस और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स दिवस (Chartered Accountants Day) की शुभकामनाएं दी। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी संगठन के लिए व्यवस्था बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कोई भी संगठन तभी सफलतापूर्वक चलता है, जब उसको चलाने वाले व्यवस्था का हिस्सा बन इसको मजबूत करने के लिए काम करें। संगठन की व्यवस्था सुधारने से संगठन स्वत: ही सुधरता है और बेहतर परिणाम देता है। शाह ने यह भी कहा कि संगठन को व्यवस्था केंद्रित करना ही सफलता का मूल मंत्र है।


केंद्रीय गृहमंत्री कहा कि पुलिस पर निष्क्रियता (नो एक्शन) और अति सक्रियता (एक्सट्रीम एक्शन) के आरोप लगते हैं। (Wikimedia Commons)

यह भी पढ़ें :- भारत को पुरानी सोच छोड़ प्रक्रियाओं को लचीला बनाने की जरूरत : सेना प्रमुख

गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन है कि व्यवस्था तभी बदली जा सकती है जब उसकी मशीनरी को आज की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में ही समस्याओं को दूर करने का बीजारोपण किया जाना चाहिए, ताकि व्यक्ति को अधिक से अधिक उत्तरदायी और कर्तव्यपरायण बनाया जा सके। शाह ने कहा कि प्रशिक्षण व्यक्ति के स्वभाव, काम करने की पद्धति और पूरे व्यक्तित्व को ढालने का काम करता है और अगर प्रशिक्षण ठीक से किया जाये तो जीवनभर इसके अच्छे परिणाम आते हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री कहा कि पुलिस पर निष्क्रियता (नो एक्शन) और अति सक्रियता (एक्सट्रीम एक्शन) के आरोप लगते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को इनसे बचकर न्यायपूर्ण कार्य (जस्ट एक्शन) की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। शाह ने कहा कि जस्ट एक्शन का मतलब है कि स्वाभाविक ऐक्सन और पुलिस को कानून को समझकर न्यायोचित कार्य करना चाहिए। (आईएएनएस-SM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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ओला इलेक्ट्रिक के स्कूटर।(IANS)

ओला इलेक्ट्रिक ने घोषणा की है कि कंपनी ने 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ओला एस1 स्कूटर बेचे हैं। ओला इलेक्ट्रिक का दावा है कि उसने पहले 24 घंटों में हर सेकेंड में 4 स्कूटर बेचने में कामयाबी हासिल की है। बेचे गए स्कूटरों का मूल्य पूरे 2डब्ल्यू उद्योग द्वारा एक दिन में बेचे जाने वाले मूल्य से अधिक होने का दावा किया जाता है।

कंपनी ने जुलाई में घोषणा की थी कि उसके इलेक्ट्रिक स्कूटर को पहले 24 घंटों के भीतर 100,000 बुकिंग प्राप्त हुए हैं, जो कि एक बहुत बड़ी सफलता है। 24 घंटे में इतनी ज्यादा बुकिंग मिलना चमत्कार से कम नहीं है। इसकी डिलीवरी अक्टूबर 2021 से शुरू होगी और खरीदारों को खरीद के 72 घंटों के भीतर अनुमानित डिलीवरी की तारीखों के बारे में सूचित किया जाएगा।

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अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश (IANS)

केबीसी यानि कोन बनेगा करोड़पति भारतीय टेलिविज़न का एक लोकप्रिय धारावाहिक है । यहा पर अक्सर ही कई सेलिब्रिटीज आते रहते है । इसी बीच केबीसी के मंच पर भारत की हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पहुंचे । केबीसी 13' पर मेजबान अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने को लेकर बात की। श्रीजेश ने साझा किया कि "हम इस पदक के लिए 41 साल से इंतजार कर रहे थे। साथ उन्होंने ये भी कहा की वो व्यक्तिगत रूप से, मैं 21 साल से हॉकी खेल रहे है। आगे श्रीजेश बोले मैंने साल 2000 में हॉकी खेलना शुरू किया था और तब से, मैं यह सुनकर बड़ा हुआ हूं कि हॉकी में बड़ा मुकाम हासिल किया, हॉकी में 8 गोल्ड मेडल मिले। इसलिए, हमने खेल के पीछे के इतिहास के कारण खेलना शुरू किया था। उसके बाद हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली गई, खेल बदल दिया गया और फिर हमारा पतन शुरू हो गया।"

जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

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