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देश

देश के 45 सौ उद्योगों की चिमनियों में लगीं मशीन, 24 घंटे हो रही प्रदूषण की मॉनीटरिंग

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने देश में 17 तरह की इंडस्ट्रीज से जुड़ी साढ़े चार हजार प्रदूषणकारी इकाइयां चिन्हित की हैं। जहां ऑनलाइन कॉन्टीन्यूअस एमिशन मानीटरिंग सिस्टम लगाया गया है।

प्रदूषण फ़ैलाने वाले 17 उद्योगों में ऑनलाइन कॉन्टीन्यूअस एमिशन मानीटरिंग सिस्टम(ओसेम्स) लगाया गया है। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

By- नवनीत मिश्र

देश में प्रदूषण के खिलाफ चल रही जंग में मोदी सरकार ने उद्योगों की निगरानी तेज की है। पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की 24 घंटे की निगरानी की खास व्यवस्था की है। इस सिलसिले में देश के 45 सौ उद्योगों की चिमनियों से निकलने वाले जहरीले धुएं से लेकर उनके वाटर डिस्चार्ज तक की जांच के लिए मशीनें लगाई गई हैं। जिससे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से लेकर पर्यावरण मंत्रालय तक सभी उद्योगों के प्रदूषण के बारे में पल-पल की खबर मिलने से एक्शन लेना आसान हुआ है।


दरअसल, देश में कुल 17 तरह की इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा प्रदूषण फ़ैलाने के लिए बदनाम हैं। इनमें रिफाइनरी, सीमेंट, अल्युमीनियम, डिस्टलरी आदि सेक्टर से जुड़े उद्योग शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने देश में इन 17 तरह की इंडस्ट्रीज से जुड़ी साढ़े चार हजार प्रदूषणकारी इकाइयां चिन्हित की हैं। जहां ऑनलाइन कॉन्टीन्यूअस एमिशन मानीटरिंग सिस्टम(ओसेम्स) लगाया गया है। जिससे उद्योगों से होने वाले उत्सर्जन को लेकर अब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण को रियलटाइम सूचनाएं मिल रही हैं। उद्योगों की चिमनियों से निकलने वाली खतरनाक गैसों के बारे में पूरी जानकारी इस सिस्टम से मिलती है।

मसलन, उद्योगों से कार्बन डाई आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड आदि खतरनाक गैसों की कितनी मात्रा निकल रही है, इसकी लगातार 24 घंटे की रिपोर्ट अब उपलब्ध रहती है। ऑनलाइन एमिशन मॉनीटरिंग सिस्टम उद्योगों की चिमनियों और वाटर डिस्चार्जिंग दोनों जगह लगता है। इन दोनों जगहों से प्रदूषण के सभी तत्वों की मॉनीटरिंग आसानी से होती है।

यह भी पढ़ें: दिल्ली में 95 प्रतिशत प्रदूषण के लिए “AAP” जिम्मेदार : भाजपा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी डॉ. प्रशांत गार्गव ने आईएएनएस को बताया, “प्रदूषण को लेकर हर तरह के उद्योग के लिए अलग-अलग स्टैंडर्ड हैं। ऑनलाइन एमिशन मानीटरिंग सिस्टम लगने से उद्योगों से होने वाले उत्सर्जन की रियलटाइम जानकारी मिलती है। अगर उद्योग मानक का उल्लंघन करते मिलते हैं तो उन्हें सिस्टम अलर्ट करता है। प्रदूषण से जुड़ा अलर्ट मिलने के बाद भी उद्योंगों की ओर से सुधार की कोशिश न करने पर एक्शन होता है। ये मशीनें प्रदूषणकारी उद्योग इकाइयों को सेल्फ रेग्युलेशन के तहत खुद लगवानी होती हैं।”(आईएएनएस)

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जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री [Wikimedia Commons]

केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी (G.Kishan Reddy) ने शनिवार को कहा कि भले ही गोवा (Goa) में कोविड (Covid-19) की तीसरी लहर आए या ना आए, लोगों को पर्यटन स्थलों (Tourist places) की यात्रा करनी चाहिए और आवश्यक कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बैठकों और समारोहों में भाग लेना चाहिए। यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रेड्डी ने यह भी कहा कि कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट का प्रसार, भारत में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही के लिए एक बाधा साबित हो सकता है।

रेड्डी ने मीडियाकर्मियों से कहा, "न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में पर्यटन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। घरेलू पर्यटन अब बढ़ रहा है और लोग बड़ी संख्या में गंतव्यों की यात्रा कर रहे हैं। लेकिन आज, तीसरी लहर के बारे में बहस चल रही है।"

उन्होंने (G.Kishan Reddy) कहा, "लेकिन मैं लोगों से आग्रह करता हूं, चाहे तीसरी लहर आए या न आए, सभी को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए और पर्यटन स्थलों की यात्रा करनी चाहिए। राज्य सरकारों ने भी प्रोटोकॉल का पालन करने के संबंध में अपने निर्णय लिए हैं।"

गोवा के लिए चार्टर पर्यटन उड़ानों के तत्काल भविष्य पर टिप्पणी करते हुए, (जिसे हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति दी गई थी) रेड्डी ने कहा कि विश्व स्तर पर ओमिक्रॉन का बढ़ता प्रसार एक निराशाजनक साबित हो सकता है।

उन्होंने (G.Kishan Reddy) यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय क्रूज पर्यटन को एक मिशन मोड पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए और कहा कि उनका मंत्रालय प्रधानमंत्री के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय के साथ काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, "क्रूज पर्यटन सागरमाला पहल का एक हिस्सा है। हमारा जहाजरानी मंत्रालय इसे प्रोत्साहित कर रहा है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के अनुसार क्रूज पर्यटन विकास को एक मिशन मोड पर लिया जाएगा।"

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निश्चित ही सभी देश इस वैरीअंट(Omicron Variants) को रोकने के लिए लॉकडाउन(Lockdown) जैसे बड़े फैसले पर विचार कर रहे हैं। लेकिन डब्ल्यूएचओ ने लॉकडाउन को सही फैसला नहीं बताया है, जबकि अंतिम उपाय के रुप मे लॉकडाउन(Lockdown) को बताया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को कम करने के लिए लॉकडाउन लागू करना बहुत महंगा साबित हो सकता है और इसे अंतिम उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

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उन्होंने(Mansukh Mandaviya) कहा कि कोविड(Covid 19) से पहले भारत एन-95 मास्क, पीपीई किट, वेंटिलेटर जैसे कई उपकरणों का आयात करता था, लेकिन अब देश इनका निर्यातक बन गया है। साथ ही साथ मंडाविया ने सदन को बताया भारत दुनिया की 70 फीसदी कोविड वैक्सीन जरूरतों को पूरा कर रहा है।

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