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थोड़ा हट के

‘जिंदगी फाउंडेशन’ की मदद से गरीब छात्रों ने पास की नीट परीक्षा

ओडिशा के एक एनजीओ 'जिंदगी फाउंडेशन' के सहयोग से, गरीब परिवार से आने वाले 19 मेडिकल छात्रों ने नीट की परीक्षा में सफलता हासिल की है।

16 अक्टूबर को नीट के परिणाम घोषित हो चुके हैं। (Unsplash)

ओडिशा के एक एनजीओ ‘जिंदगी फाउंडेशन’ ने गरीब परिवार से आने वाले 19 मेडिकल छात्रों की जिंदगी संवारने में अहम भूमिका निभाई है। दरअसल इन छात्रों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में इस एनजीओ के सहयोग से सफलता हासिल की है। न तो गरीबी और न ही कोरोनावायरस इन छात्रों को उनके लक्ष्य से दूर कर सकी।

जिंदगी कार्यक्रम शिक्षाविद अजय बहादुर सिंह चलाते हैं, जो खुद एक डॉक्टर बनना चाहते थे, लेकिन वित्तीय समस्या के चलते उन्हें हार माननी पड़ी।


सिह ने 2017 में जिंदगी फाउंडेशन का गठन किया था, जिसके तहत ओडिशा में गरीब तबके से आने वाले छात्रों को मुफ्त कोचिंग के साथ ही रहने, व स्टडी मैटिरियल की सुविधा प्रदान की जाती है।

यह भी पढ़ें – दिल्ली के छात्रों की मदद के लिए आगे आए लोग, छोटे बच्चों ने तोड़ी गुल्लक

इस परीक्षा में सत्यजीत साहू ने सफलता हासिल की है, जिनके पिता साइकिल पर सब्जी बेचा करते हैं। साहूल ने परीक्षा मं 619 अंक हासिल किए हैं।

वहीं सुभेंदु परिदा अपने माता-पिता के साथ इडली-वड़ा बेचा करते हैं। उन्होंने परीक्षा में 619 अंक लाकर सफलता अर्जित की है। इसी प्रकार कई गरीब छात्रों ने डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार किया है।(आईएएनएस)

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यूट्यूब ऐप ने सभी वीडियो के लिए शुरू की 'लिसनिंग कंट्रोल' सुविधा। (Wikimedia Commons)

यूट्यूब (Youtube) ने कथित तौर पर एंड्रॉइड और आईओएस यूजर्स के लिए एक 'सुनने का कंट्रोल' (Listening Control) सुविधा शुरू की है। इस नई सुविधा का फायदा केवल यूट्यूब प्रीमियम ग्राहक उठा सकते हैं।

9टु5गूगल (9to5 google) की रिपोर्ट के अनुसार, लिसनिंग कंट्रोल वीडियो विंडो के नीचे की हर चीज को एक विरल शीट से बदल देता है। प्ले/पाउस, नेक्स्ट/पिछला और 10-सेकंड रिवाइंड/फॉरवर्ड मुख्य बटन हैं।

लिसनिंग कंट्रोल का उपयोग कर के, यूट्यूब ऐप उपयोगकर्ता चाहें तो नए गीतों को प्लेलिस्ट में भी सहेज सकते हैं।

यह सुविधा अब यूट्यूब (Youtube) एंड्रॉइड और आईओएस यूजर्स के लिए व्यापक रूप से उपलब्ध है और यह केवल यूट्यूब प्रीमियम यूजर्स के लिए उपलब्ध है।

Google Play Store, यूट्यूब ऐप पहले ही गूगल प्ले स्टोर पर 10 बिलियन डाउनलोड को पार कर चुकी है। [Pixabay]

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ओडिशा सरकार ने भिखारियों के कल्याण के लिए शुरू किया सहया योजना। [Wikimedia Commons]

ओडिशा सरकार ने राज्य भर में कुल 6,970 भिखारियों की पहचान की है और उनके कल्याण के लिए सहया (Sahaya Scheme) नाम की एक योजना लागू कर रही है। एक मंत्री ने शनिवार को यह जानकारी दी। राज्य विधानसभा में एक लिखित उत्तर में, सामाजिक सुरक्षा और विकलांग व्यक्तियों के अधिकारिता मंत्री अशोक चंद्र पांडा (Ashok Chandra Panda) ने कहा कि ओडिशा (Odisha) के सभी 30 जिलों में राज्य सरकार द्वारा 4,128 पुरुष और 2,842 महिला भिखारियों की पहचान की गई है। हालांकि पांडा ने कहा कि राज्य (Odisha) में कोई बच्चा भिखारी नहीं है।

मंत्री ने कहा कि 1,060 भिखारियों के साथ कटक जिला सबसे ऊपर है, इसके बाद बरगढ़ जिले में 595, गंजम में 545, बोलांगीर में 502, सुंदरगढ़ में 447, खुर्दा में 418, कालाहांडी में 363, नुआपाड़ा में 354 और पुरी में 350 भिखारी हैं।

अन्य जिलों में सोनपुर जिले में 283, कोरापुट में 222, अंगुल में 205, जाजपुर में 196, भद्रक में 188, नबरंगपुर में 183, रायगढ़ा में 176, मयूरभंज में 164, ढेंकनाल में 132 और बालासोर में 131 भिखारियों की पहचान की गई है। पांडा ने कहा कि सूची में छूटे हुए भिखाड़ियों को शामिल करने की प्रक्रिया जारी है।

उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार सहया नामक एक योजना लागू कर रही है। मंत्री ने कहा कि पहले चरण में, पुरी और भुवनेश्वर शहरों में क्रमश: नीलाद्री निलय और एकमरा निलय नामक विशेष अभियान शुरू किए गए हैं।

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स्मृति ईरानी, महिला एवं बाल विकास मंत्री (Wikimedia Commons)

कोविड-19 में अपने परिवार को खोने वाले अनाथ बच्चों के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (WCD) ने पोर्टल बनाया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (WCD) के अनुसार जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण माता-पिता या कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिया है, उनके लिए यह योजना शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए सहायता प्रदान करती है और प्रत्येक बच्चे के 18 वर्ष की आयु तक पहुंचने पर उसके लिए 10 लाख रुपये का कोष बनाएगी।

हालांकि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने कोविड महामारी के कारण कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता दोनों को खो चुके बच्चों का समर्थन करने के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन (PM Cares For Children) योजना की घोषणा की थी। फिलहाल पोर्टल (Portal) के सम्बंध में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने जानकारी दी है कि अब तक 5491 आवेदन आ चुके हैं, जिनमें से 3049 आवेदनों को उचित प्रक्रिया के बाद जिलाधिकारियों द्वारा अनुमोदित किया गया है और 483 आवेदन अनुमोदन के लिए लंबित हैं।

Donations For Orphanage, WCD, PM Cares For Children कोविड महामारी में अनाथ हुए बच्चे के लिए 10 लाख रुपये का कोष बनाएगी डब्ल्यूसीडी । [Wikimedia Commons]

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