Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

2020 में दुनिया को अलविदा कहने वाले लोकप्रिय चेहरे

यह साल अपने साथ कई लोगों को ले गया, खासकर कोरोना महामारी के कारण। इनमें से कुछ कोविड से अपनी लड़ाई हार गए, तो कुछ अन्य कारणों से दुनिया को अलविदा कह गए।

सुशांत सिंह राजपूत का 2020 में निधन हो गया था।(सोशल मीडिया)

साल 2020 को कई लोकप्रिय चेहरे खोने के लिए याद किया जाएगा। यह साल अपने साथ कई लोगों को ले गया, खासकर कोरोना महामारी के कारण। इनमें से कुछ कोविड से अपनी लड़ाई हार गए, तो कुछ अन्य कारणों से दुनिया को अलविदा कह गए। आईएएनएस इस साल अपने प्रशंसकों और परिवारों को अलविदा कह गए लोकप्रिय लोगों की सूची लेकर आया है।

दिव्या भटनागर : ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ की टीवी अभिनेत्री का पिछले कुछ हफ्तों से कोविड-19 से जूझने के बाद 7 दिसंबर को निधन हो गया। वायरस से संक्रमित होने के बाद वह नवंबर से अस्पताल में भर्ती थीं। उनकी उम्र 34 साल थी। दिव्या ने ‘तेरा यार हूं मैं’, ‘उड़ान’, ‘जीत गई तो पिया मोरे’ और ‘विष’ जैसे धारावहिकों में भी अभिनय किया था।


वीजे चित्रा : टेलीविजन अभिनेत्री और होस्ट को तमिल शो ‘पांडियन स्टोर्स’ में अभिनय के लिए जाना जाता है। वह 9 दिसंबर को चेन्नैइज नजरथपेट में एक होटल के कमरे में मृत पाई गई थी। टीएनएम के अनुसार, चेन्नई पुलिस का कहना है कि चित्रा की मौत आत्महत्या के कारण हुई थी, लेकिन उनके रिश्तेदारों का मानना है कि उनकी हत्या हुई है। वह 29 साल की थीं।

रवि पटवर्धन : वयोवृद्ध हिंदी और मराठी अभिनेता का निधन 6 दिसंबर को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से हो गया। सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उनको एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था। वह 84 साल के थे। पटवर्धन सत्तर के दशक के पहले से मराठी सिनेमा और टेलीविजन में एक जाना पहचाना चेहरा थे, जो अक्सर जज, वकील, ग्राम प्रधान, पुलिसकर्मी या एक परिवार के पितृसत्तात्मक परिवार के प्रमुख की भूमिका निभाते थे। पटवर्धन ने ‘तेजाब’, ‘नरसिम्हा’, ‘चमत्कार’, ‘तक्षक’, ‘यशवंत’, ‘प्रतिघाट’, ‘मुजरिम’, ‘हफ्ता बंद’, ‘सलाखें’, ‘युगपुरुष’, और ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ जैसी कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया था।

सौमित्र चटर्जी : प्रसिद्ध अभिनेता का निधन 15 नवंबर को हुआ था। वह 85 वर्ष के थे। दादासाहेब फाल्के विजेता अभिनेता लगभग 40 दिनों तक कोलकाता के बेले व्यू अस्पताल के आईसीयू में थे। उनकी प्रमुख समस्या कोविड-19 एन्सेफैलोपैथी थी। चटर्जी का 5 अक्टूबर को कोरोनावायरस टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी और अगली सुबह अस्पताल में भर्ती हो गए थे।

आसिफ बसरा : बसरा (53) ने कथित तौर पर 12 नवंबर को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में अपने आलीशन किराए के आवास पर आत्महत्या कर ली। वह यहां करीब चार सालों से रह रहे थे। पुलिस ने आईएएनएस को जानकारी दी कि उन्होंने अपने पालतू कुत्ते के पट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। ‘ब्लैक फ्राइडे’, ‘परजानिया’, ‘जब वी मेट’ और ‘काई पो चे’ जैसी कई अन्य फिल्मों में नजर आए बसरा को आखिरी बार हॉटस्टार टीवी सीरीज ‘हॉस्टेजेस’ में देखा गया था।

यह भी पढ़ें: सुशांत की मौत पर अभिनेता कुमुद मिश्रा ने साझा किए अपने विचार

शॉन कॉनरी : महान अभिनेता का 31 अक्टूबर को 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। हॉलीवुड स्क्रीन पर मूल जेम्स बॉन्ड के रूप में लोकप्रिय कॉनरी का अभिनय करियर लगभग पांच दशकों का रहा। उन्होंने 1962 में जेम्स बॉन्ड के रूप में वैश्विक सुपरस्टारडम की शूटिंग की, जो 007 सीरीज की पहली फिल्म, ‘डॉ. नो’ थी, उसके बाद उन्होंने ‘फ्रॉम रशिया विद लव’ (1963), ‘गोल्डफिंगर’ (1964), ‘थंडरबॉल’ (1965), ‘यू ओनली लिव ट्वाइस’ (1967), ‘डायमंड्स आर फॉरएवर’ (1971) और भी कई फिल्मों में काम किया।

एसपी बालासुब्रमण्यम : फिल्मी दुनिया में एसपीबी या बालू के नाम से प्रसिद्ध मशहूर पाश्र्व गायक और पद्मश्री विजेता ने पांच दशकों में 16 भाषाओं में 40,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड करवाए। 25 सितंबर को चेन्नई में उनका निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। बालासुब्रह्मण्यम गंभीर कोविड-19 निमोनिया से ग्रसित थे।

आशालता वबगांवकर : अनुभवी अभिनेत्री कथित तौर पर कोविड-19 से पीड़ित थीं, 22 सितंबर को सतारा के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हुआ। वह 79 वर्ष की थीं। आशालता ने 100 से अधिक हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया।

निशिकांत कामत : फिल्म निर्माता ने 17 अगस्त को हैदराबाद के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 50 वर्ष के थे। कामत पिछले दो वर्षो से लिवर सिरोसिस से जूझ रहे थे। उन्होंने अजय देवगन-तब्बू स्टारर ‘दृश्यम’, इरफान खान-स्टारर ‘मदारी’ और जॉन अब्राहम के साथ ‘फोर्स’ और ‘रॉकी हैंडसम’ जैसी बॉलीवुड फिल्मों का निर्देशन किया था।

कुमकुम : दिग्गज अभिनेत्री का निधन 28 जुलाई को हो गया। उनके परिवार ने उनकी मृत्यु का कारण बीमारी बताई। कुमकुम को गुरु दत्त ने ढूंढा था। कुमकुम ने ‘प्यासा’, ‘मेम साब’, ‘ललकार’, ‘गीत’, ‘राजा और रंक’ जैसी कई फिल्मों में काम किया था।

ऋषि कपूर : साल 2018 में उन्हें पहली बार कैंसर का पता चला था, जिसके बाद वे इलाज के लिए लगभग एक साल तक न्यूयॉर्क में रहे थे। वह सितंबर 2019 में भारत लौट आए। हालांकि 30 अप्रैल को हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह गए। वह 67 वर्ष के थे। ऋषि कपूर ने अपनी पहली फिल्म ‘बॉबी’ में एक किशोर आइकन की भूमिका निभाने के लिए प्रसिद्धि पाई। वह सत्तर, अस्सी और नब्बे के दशक की ‘हिना’ सहित कई हिट फिल्मों में एक रोमांटिक हीरो के रूप में लोकप्रिय हुए।

अभिनेता ऋषि कपूर । ( Wikimedia Commons )

यह भी पढ़ें : हॉलीवुड अभिनेता जेफ डेनियल ने बताया अराजनैतिक होने का अर्थ

जगदीप : वयोवृद्ध बॉलीवुड कॉमेडियन का 8 जुलाई को मुंबई में उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। जगदीप का जन्म 29 मार्च, 1939 को अमृतसर में हुआ था, उनका वास्तविक नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था। उन्होंने 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया था। उन्हें रमेश सिप्पी की ब्लॉकबस्टर ‘शोले’ (1975) में सूरमा भोपाली की भूमिका के लिए जाना जाता है। नब्बे के दशक के बच्चे उन्हें राजकुमार संतोषी की ‘अंदाज अपना अपना’ (1994) में सलमान खान के पिता के रूप में याद करेंगे। उनकी आखिरी रिलीज हुई फिल्म 2017 में ‘मस्ती नहीं सस्ती’ है।

सरोज खान : लोकप्रिय कोरियोग्राफर का निधन 2 जुलाई को दिल का दौरा पड़ने से हुआ। वह 71 साल के थे। खान को कुछ समय से सांस लेने की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें मुंबई के गुरु नानक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खान ने साढ़े तीन दशकों के दौरान 2000 से अधिक गानों को कोरियोग्राफ किया था।

सरोज खान । (Pinterest )

पंडित जसराज : महान शास्त्रीय गायक और पद्म विभूषण विजेता पंडित जसराज का 90 वर्ष की आयु में अमेरिका में 17 अगस्त को निधन हो गया। हरियाणा में साल 1930 में जन्मे, शास्त्रीय गायक ने मेवाती घराने को वैश्विक संगीत गायन के रूप में प्रस्तुत किया। करीब 80 साल के करियर के साथ पंडित जसराज ने भारतीय संगीत को दुनिया के मंच पर पेश किया।

चैडविक बॉसमैन : सुपरमैन ब्लैक पैंथर की अपनी भूमिका के लिए जाने जाने वाले बॉसमैन 2016 से पेट के कैंसर से जूझ रहे थे। उनकी मृत्यु 28 अगस्त को हुई। वह 43 वर्ष के थे। उन्होंने ‘कैप्टन अमेरिका : सिविल वॉर’, ‘एवेंजर्स : इन्फिनिटी’ में भी सुपरहीरो की भूमिका निभाई थी।

सुशांत सिंह राजपूत : शुरुआत में यह माना गया था कि उन्होंने 14 जून को आत्महत्या की थी, लेकिन उनकी मौत के कारण की जांच अभी भी जारी है। वह 34 वर्ष के थे। सुशांत ने टीवी धारावाहिक ‘पवित्र रिश्ता’ में मानव देशमुख के रूप में अभिनय से लोकप्रियता हासिल की थी। साल 2013 में उन्होंने ‘काई पो चे’ के साथ बड़े पर्दे पर कदम रखा था और कई फिल्मों में काम किया। ‘दिल बेचेरा’ उनकी आखिरी फिल्म रही।

बासु चटर्जी : महान फिल्मकार का निधन 93 साल की उम्र में 4 जून को हो गया। वह उन फिल्मकारों में से हैं, जिन्होंने आम आदमी को हिंदी व्यावसायिक सिनेमा का नायक बनाया। उन्हें ‘रजनीगंधा’, ‘चितचोर’, ‘खट्टा मीठा’, ‘प्रियतम’, ‘शौकीन’ और ‘चमेली की शादी’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है।

यह भी पढ़ें : क्या मनोरंजन ‘सेना’ से बड़ा है ?

वाजिद खान : लोकप्रिय संगीतकार जोड़ी साजिद-वाजिद में से एक वाजिद खान का 1 जून को इंतकाल हो गया। 5 जून को, उनके परिवार ने बताया कि वाजिद की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई। साजिद-वाजिद को सलमान खान अभिनीत फिल्म ‘दबंग’ में उनके गीतों के लिए जाना जाता है।

इरफान खान । (social media )

इरफान खान : अभिनेता इरफान खान ने 29 अप्रैल को अंतिम सांस ली। उन्हें पेट के संक्रमण के कारण धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह 54 वर्ष के थे। अभिनेता कई वर्षो से न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से जूझ रहे थे और चिकित्सा सुविधा ले रहे थे। इरफान ‘हिंदी मीडियम’, ‘अंग्रेजी मीडियम’ और ‘लाइफ इन ए मेट्रो’ जैसी व्यावसायिक फिल्मों से लोकप्रियता हासिल की थी।

किर्क डगलस : 5 फरवरी को 103 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उन्होंने 60 सालों में लगभग 90 फिल्मों और टीवी श्रृंखलाओं में अभिनय किया। (आईएएनएस)

Popular

इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

Keep Reading Show less
Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

Keep Reading Show less

वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

Keep reading... Show less