एशिया के सबसे बड़े Bio-CNG Plant का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi ने किया

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प्रधानमंत्री द्वारा किया गया गोबर र्धन बायो-सीएनजी प्लांट का उद्घाटन।(साभार: PIB)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्य प्रदेश के इंदौर में एशिया के सबसे बड़े Bio-CNG Plant का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले दो वर्षों में देश भर के 75 बड़े नगर निकायों में इसी तरह के गोबर धन बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान से भारत के शहरों को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त, स्वच्छ ऊर्जा बनाने में काफी मदद मिलेगी।

पीएम मोदी ने अभिभाषण में कहा, “चाहे वह शहर में घरों से निकलने वाला गीला कचरा हो, गांव में पशुओं और खेतों से कचरा हो, यह सब एक तरह से गोबर धन है। शहर के कचरे और पशुओं से गोबर धन तक, गोबर धन से स्वच्छ ईंधन और फिर से स्वच्छ ईंधन से ऊर्जा तक, श्रृंखला जीवन धन बनाती है।”

उन्होंने आगे कहा, “देश भर के शहरों में दशकों से लाखों टन कचरा इसी तरह की हजारों एकड़ जमीन को अपनी चपेट में ले रहा है।”

प्रधानमंत्री ने प्रदूषण की बात करते हुए कहा कि वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण से होने वाली बीमारियों का भी यह एक बड़ा कारण है। इसलिए स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में इस समस्या से निपटने के लिए काम किया जा रहा है। सात-आठ साल पहले भारत में एथेनॉल की मिलावट 1-2 फीसदी ही हुआ करती थी। आज पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का प्रतिशत 8 फीसदी के करीब पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में सम्मिश्रण के लिए इथेनॉल की आपूर्ति में भी काफी वृद्धि हुई है।

कचरे से वेल्थ इनोवेशन की अवधारणा पर आधारित है।

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कचरे से वेल्थ इनोवेशन की अवधारणा पर आधारित है यह बायो प्लांट।(साभार: PIB)

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पराली जलाने के विषय में पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने इस बजट में कई अहम फैसले लिए हैं। “हमने इस बजट में इससे संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह निर्णय लिया गया है कि कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों में भी पराली का उपयोग किया जाएगा। इससे न केवल किसान की समस्याएं दूर होंगी, बल्कि इससे अतिरिक्त आय भी होगी।” साथ ही “सरकार ज्यादा से ज्यादा शहरों को वाटर प्लस में बदलने का काम कर रही है। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण पर जोर दिया जा रहा है।”

इंदौर में बायो-सीएनजी प्लांट की स्थापना भारत के सबसे स्वच्छ शहर में कचरे से वेल्थ इनोवेशन की अवधारणा पर आधारित है। 550 मीट्रिक टन प्रतिदिन की क्षमता वाले संयंत्र को एशिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा संयंत्र कहा जाता है।

Source: आईएएनएस(SM)


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