Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

बेघरों के टीकाकरण को प्राथमिकता दें राज्य और केंद्र शासित प्रदेश : केंद्र

केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उन बेघर लोगों और भिखारियों का टीकाकरण करने का निर्देश दिया है, जिनके पास कोविड-19 महामारी के खिलाफ टीकाकरण के लिए संसाधन नहीं हैं।

The Prime Minister, Shri Narendra Modi [Wikimedia Commons]

 केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उन बेघर लोगों और भिखारियों का टीकाकरण करने का निर्देश दिया है, जिनके पास कोविड-19 महामारी के खिलाफ टीकाकरण के लिए संसाधन नहीं हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को ऐसे बेघर, भिखारियों और निराश्रितों के टीकाकरण के लिए स्वैच्छिक संस्थानों के साथ समन्वय करके विशेष अभियान चलाने और सत्र आयोजित करने का आदेश जारी किया।

नोटिस में कहा गया है, राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान जन-केंद्रित है और सभी पात्र प्राथमिकता वाले समूहों को उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के बावजूद इसे सुलभ बनाने के लिए प्रावधान किए गए हैं।


प्रशासन इस कार्य को अंजाम देने के लिए गैर सरकारी संगठनों और नागरिक समाज संगठनों की मदद ले सकता है। नोटिस में कहा गया है कि इस समूह के लोगों के टीकाकरण के लिए एक विशेष सत्र की योजना बनाई जा सकती है।

रेमेडिसविर सावधानी के साथ और सख्त निगरानी में उपयोग करने की जरूरत है।(Pixabay)

इससे पहले भी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 मई को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भिखारियों, खानाबदोशों (एक स्थान से दूसरे स्थान पर विचरण करने वाला समुदाय) जैसे लोगों के ऐसे समूहों को कोविड टीकाकरण प्रदान करने की सलाह दी थी। इनमें पुनर्वास शिविरों में रहने वाले लोग भी शामिल हैं और ऐसे व्यक्तियों के टीकाकरण के संबंध में एसओपी साझा करते हुए, यह हिदायत दी गई थी, जिनके पास निर्धारित पहचान पत्र नहीं हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने का आह्वान किया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने संबंधित सामाजिक न्याय और अधिकारिता और स्वास्थ्य विभागों को निराश्रित, भिखारियों और आवारा लोगों के टीकाकरण की सुविधा के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दें।

यह भी पढ़े : पीएम मोदी ने की ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर ऑल कार्यक्रम की शुरुआत

इस बीच, स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में कहा गया है कि भारत में अब तक कुल 46,15,18,479 कोविड वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है।पिछले 24 घंटों में कुल 52,99,036 लाख टीके की खुराक दी गई। भारत में पिछले 24 घंटों में 41,649 नए कोविड-19 मामले दर्ज किए, और इस अवधि में 593 मौतें हुईं।

31 जुलाई तक अब तक जांचे गए नमूनों की कुल संख्या 46.64 करोड़ तक पहुंच गई है।

–(आईएएनएस PS)

Popular

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

Keep Reading Show less

अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

Keep Reading Show less

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

Keep reading... Show less