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देखभाल और दयालु होने के महत्व पर आर माधवन ने चर्चा की

अभिनेता आर माधवन मानते हैं कि माता-पिता दुनिया के लिए एक बच्चे का पहला प्रदर्शन हैं। गभार्धान से लेकर वयस्क होने तक माता-पिता एक बच्चे को एक बेहतर इंसान के रूप में ढालते हैं।

पिता, अभिनेता और मानवतावादी आर माधवन(instagram , r.madhwan)

अभिनेता आर माधवन मानते हैं कि माता-पिता दुनिया के लिए एक बच्चे का पहला प्रदर्शन हैं। गभार्धान से लेकर वयस्क होने तक माता-पिता एक बच्चे को एक बेहतर इंसान के रूप में ढालते हैं। बच्चे अपने अनुभवों और घर पर, स्कूल में और दोस्तों के साथ खेलने के दौरान आमने-सामने बातचीत के माध्यम से सभी से प्यार, देखभाल, दया और करुणा जैसे मूल्यवान सबक सीखते हैं। ये गुण समय के साथ और अभ्यास से सीखे जाते हैं, लेकिन यह सीख घर से ही शुरू होती है। पिता, अभिनेता और मानवतावादी आर माधवन के लिए पालन-पोषण एक सर्वव्यापी अभी तक पुरस्कृत यात्रा रही है। नए सामान्य को देखते हुए पालन-पोषण की भूमिका कैसे विकसित हुई है, इस पर विचार करते हुए, उन्होंने साझा किया, “डेढ़ साल पहले के विपरीत, आज के बच्चे एक बहुत ही अलग दुनिया में पैदा होते हैं। वे अपने घरों की चार दीवारों तक सीमित है। माता-पिता के लिए उनका मार्गदर्शक बनना और इन चुनौतीपूर्ण समय के दौरान अपने बच्चे के सीखने और विकास के वर्षों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करना अधिक महत्वपूर्ण है।”

माधवन विक्स हैशटैग टचऑफकेयर अभियान में शामिल हुए (wikimedia commons)


देखभाल कई रूपों में की जाती है, और बच्चों के साथ, बच्चा बनकर कदम उठाना चाहिए। अपने बच्चे को अपने आस-पास के सभी लोगों की देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित करें, विशेष रूप अपने दादा-दादी की। छोटे कदम एक लंबा रास्ता तय करते हैं जैसे कि एक खिलौना दान करना जो उन्होंने बड़ा पसंद है या अपने दादा-दादी को इमोशनल कार्ड बनाना। अगर आपके घर में पौधे और जानवर हैं, तो अपने बच्चे को उसको पालने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित करें।

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हाल ही में, माधवन विक्स हैशटैग टचऑफकेयर अभियान में शामिल हुए, जहां उन्होंने महामारी के दौरान दिवंगत बाल रोग विशेषज्ञ ज्ञानेश्वर भोसले की कहानी की सराहना की। डॉ. भोसले ने कोविड के दौरान अपने गांव में वंचित बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास किया। माता-पिता के रूप में यह महत्वपूर्ण है, हम अपने बच्चों को उनकी कहानियों से परिचित कराएं। उनके जैसे नायकों और कई अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने इस दौरान साहस और बहादुरी का परिचय दिया है।(आईएएनएस-PS)

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आईपीएल में रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) का एक मैच (wikimedia commons)

भारत के क्रिकेट टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक के बाद टीम से अपनी कप्तानी छोड़ने का जैसे ऐलान किया वैसे हि , उनके चाहने वाले , प्रशंसकों और साथी खिलाडियों ने अपनीं प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी । इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का कहना है कि आईपीएल की टीम का नेतृत्व करने का दबाव और युवा परिवार का होना रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के कप्तान विराट कोहली के इस आईपीएल के बाद टीम की कप्तानी छोड़ने के फैसले का कारण हो सकता है। आरसीबी की टीम की और से रविवार की देर रात यह घोषणा की गई , कि विराट कोहली आईपीएल 2021 सीजन के बाद टीम की कप्तानी छोड़ देंगे । इस के पहले कोहली ने कुछ दिन पहले ही टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम के टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का भी फैसला किया था।


डेल स्टेन ने आगे कहा कि, " विराट कोहली आरसीबी टीम के साथ शुरू से जुड़े हैं। मुझे नहीं पता, जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है आप चीजों को प्राथमिकता देने लगते हैं। कोहली का नया यूवा परिवार है । उन्हें अपनी पर्शनल लाइफ भी देखना है ।
डेल ने यह भी कहा कि , "हो सकता है, उस जिम्मेदारी (कप्तानी) से थोड़ा सा त्याग करना और सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होना उनके करियर के लिए इस समय एक अच्छा निर्णय है।"

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दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन (wikimedia commons)

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में शुमार अमेजन को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है । द मॉर्निग कॉन्टेक्स्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन ने भारत में अपने कानूनी प्रतिनिधियों के आचरण की जांच शुरू कर दी है। एक व्हिसलब्लोअर शिकायत के आधार पर यह जांच हुई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमेजन द्वारा कानूनी शुल्क में भुगतान किए गए कुछ पैसे को उसके एक या अधिक कानूनी प्रतिनिधियों द्वारा घूस में बदल दिया गया है।

काम करने वाले दो लोगों ने जो कि अमेजन की इन-हाउस कानूनी टीम के साथ है , उन्होंने मिलकर पुष्टि की कि अमेजन के वरिष्ठ कॉर्पोरेट वकील राहुल सुंदरम को छुट्टी पर भेजा गया है। एक संदेश में उन्होंने कहा, "क्षमा करें, मैं प्रेस से बात नहीं कर सकता।" हम स्वतंत्र रूप से यह पता नहीं लगा सके कि आंतरिक जांच पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है।

कई सवालों के एक विस्तृत सेट के जवाब में, अमेजन के प्रवक्ता ने कहा, "भ्रष्टाचार के लिए हमारे पास शून्य सहनशीलता है। हम अनुचित कार्यो के आरोपों को गंभीरता से लेते हैं, उनकी पूरी जांच करते हैं, और उचित कार्रवाई करते हैं। हम विशिष्ट आरोपों या किसी की स्थिति पर इस समय जांच या टिप्पणी नहीं कर रहे हैं इस समय जांच।"

\u0911\u0928\u0932\u093e\u0907\u0928 \u0930\u093f\u091f\u0947\u0932\u0930 \u0905\u092e\u0947\u091c\u0928 दुनिया की सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन कंपनी का लोगो (wikimedia commons)

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भारतीय जनता पार्टी भाजपा का चुनावी चिन्ह (wikimedia commons)

अभी-अभी भारत के पंजाब राज्य में एक बड़ी राजनेतिक घटना घटी जब वंहा का मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और सत्ता दल पार्टी ने राज्य ने नया मुख्यमंत्री बनाया । पंजाब में एक दलित को मुख्यमंत्री बना कर कांग्रेस ने एक बड़ी सियासी चाल खेल दी है। अब कांग्रेस इसका फायदा अगले साल होने जा रहे राज्यों के विधानसभा चुनाव में उठाने की रणनीति पर भी काम करने जा रही है । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सियासी पारे को गरम कर दिया है कांग्रेस की इस मंशा ने।

कांग्रेस नेता हरीश रावत जो कि पंजाब में दलित सीएम के नाम का ऐलान करने वाले वो उत्तराखंड से ही आते हैं, अतीत में प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आगे भविष्य में भी सीएम पद के दावेदार हैं, इसलिए बात पहले इस पहाड़ी राज्य के सियासी तापमान की करते हैं। साढ़े चार साल के कार्यकाल में भाजपा राज्य में अपने दो मुख्यमंत्री को हटा चुकी है और अब तीसरे मुख्यमंत्री के सहारे राज्य में चुनाव जीतकर दोबारा सरकार बनाना चाहती है। इसलिए भाजपा इस बात को बखूबी समझती है कि हरीश रावत उत्तराखंड में तो इस मुद्दें को भुनाएंगे ही।

बात करे उत्तराखंड राज्य कि तो यहा पर आमतौर पर ठाकुर और ब्राह्मण जाति ही सत्ता के केंद्र में रहती है, लेकिन अब समय बदल रहा है राजनीतिक दल भी दलितों को लुभाने का विशेष प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है , जिसमें 13 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। मसला सिर्फ 13 आरक्षित सीट भर का ही नहीं है। उत्तराखंड राज्य के 17 प्रतिशत से अधिक दलित मतदाता 22 विधानसभा सीटों पर जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसके साथ ही कुल 36 सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी राज्य में सरकार बना लेती है।

brahmin in uttrakhand उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है (wikimedia commons)

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