Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
मनोरंजन

‘जरूरी था’ गाने ने बनाया एक बड़ा रिकॉर्ड, राहत ने इस तरह किया लोगों का शुक्रिया

मशहूर गायक राहत फतेह अली खान (Rahat Fateh Ali Khan) के गाने ‘जरूरी था’ (zaroori tha) ने यूट्यूब पर सौ करोड़ से अधिक व्यूज पार कर लिए हैं, जिस बात से वह बेहद खुश व अभिभूत हैं। यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया के लेबल का यह पहला गैर-फिल्मी गाना है, जिसने यह मुकाम हासिल की है। यूनिवर्सल

मशहूर गायक राहत फतेह अली खान (Rahat Fateh Ali Khan) के गाने ‘जरूरी था’ (zaroori tha) ने यूट्यूब पर सौ करोड़ से अधिक व्यूज पार कर लिए हैं, जिस बात से वह बेहद खुश व अभिभूत हैं। यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया के लेबल का यह पहला गैर-फिल्मी गाना है, जिसने यह मुकाम हासिल की है। यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया (यूएमआई) की ओर से हमेशा से उन कलाकारों को आगे लाने व प्रोत्साहित किए जाने का काम किया गया है, जो गैर-फिल्मी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं।

इस गाने को छह साल पहले जारी किया गया था। इसके वीडियो में गौहर खान और कुशाल टंडन जैसे कलाकार शामिल थे, जिन्होंने रियलिटी शो ‘बिग बॉस 7’ में अपनी उपस्थिति से काफी सुर्खियों बटोरी थीं। इसका निर्माण सलमान अहमद ने किया था, जबकि म्यूजिक वीडियो के निर्देशन की जिम्मेदारी राहुल सूद ने निभाई थी।


यह भी पढ़ें – 2021 में आने वाली भारतीय वेब शो की रोमांचक सूची

राहत ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यूट्यूब पर सौ करोड़ व्यूज के एक मील के पत्थर तक पहुंचने का एहसास जबरदस्त है। ‘जरूरी था’ (zaroori tha) म्यूजिक एल्बम ‘बैक टू लव’ का हिस्सा है, जिसे साल 2014 में यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया द्वारा जारी किया गया था। सलमान अहमद के इस एल्बम का निर्माण, इसकी मार्केटिंग, इसे पेश किया जाना सब कुछ किसी फिल्म की तरह से था। सलमान अहमद के साथ-साथ मेरे प्रिय मित्र, यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया के एमडी और सीईओ देवराज सान्याल भी गैर-फिल्मी गानों में यकीन रखते हैं और हमारे किए काम को दुनिया ने सराहा है।”

जरूरी था की म्यूजिक वीडियो में गौहर खान और कुशाल टंडन जैसे कलाकार शामिल थे। (Facebook, Rahat Fateh Ali Khan)

उन्होंने आगे कहा, “इसका श्रेय समान रूप से गीतकार खलील उर रहमान कमर को भी जाता है, जिन्होंने जरूरी था जैसे खूबसूरत और यर्थाथपूर्ण अल्फाजों को गीत में पिरोया है। साहिर अली बग्गा के कम्पोज किए गए गाने के वीडियो का निर्देशन राहुल सूद ने किया है। इसके साथ ही पर्दे पर गौहर खान और कुशाल टंडन की केमिस्ट्री भी लोगों को खूब पसंद आई। इसमें शामिल हर एक के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।”

इस उपलब्धि पर बात करते हुए यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ देवराज सान्याल ने कहा, “उस्ताद राहत फतेह अली खान (Rahat Fateh Ali Khan) के जरूरी था (zaroori tha) के साथ यूट्यूब पर सौ करोड़ के क्लब में शामिल होना, हमारे लिए साल 2021 को शुरू करने का क्या जबरदस्त तरीका है। यह एक ऐसा है, जिसे हर उम्र, शैली, वक्त से परे जाकर सराहा गया है, प्यार दिया गया है।”

यह भी पढ़ें – पुस्तक समीक्षा : ब्यूरोक्रेसी का बिगुल और शहनाई प्यार की

इस पर अपनी बात रखते हुए निर्माता सलमान अहमद ने कहा, “यह एक प्रोड्यूसर के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। गैर-फिल्मी गानों पर मेरा यकीन रहा है और उस पर उत्साद राहत फतेह अली खान के मैजिक के साथ यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया का करार सोने पे सुहागा था। इसे संभव बनाने में देवराज सान्याल का भी बड़ा योगदान रहा है, जो मेरी ही तरह गैर-फिल्मी गानों पर यकीन रखते हैं। मैंने साल 2014 में टाम्पा बे में आयोजित आईफा अवॉर्डस पर इस एल्बम को लॉन्च किया, ऐसा कुछ मैंने पहले कभी नहीं किया था। फिर इसे महेश भट्ट की उपस्थिति में यूनिवर्सल द्वारा दुबई में रिलीज किया गया। एक इंडिपेंडेंट प्रोड्यूसर के रूप में इस मील के पत्थर का हिस्सा बनने का अहसास गजब है।” (आईएएनएस)

Popular

चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्री आरटीपीसीआर टेस्ट के ज़्यादा दाम से परेशान दिखे। (Pixabay)

भारत सरकार की कंपनी, 'हिंडलैब्स'(Hindlabs) जो एक 'मिनी रत्न'(Mini Ratna) है, प्रति यात्री 3,400 रुपये चार्ज कर रही है और रिपोर्ट देने में लंबा समय ले रही है।

चेन्नई के एक ट्रैवल एजेंट और दुबई के लिए लगातार उड़ान भरने वाले सुरजीत शिवानंदन ने एक समाचार एजेंसी को बताया, "मेरे जैसे लोगों के लिए जो काम के उद्देश्य से दुबई की यात्रा करते हैं, यह इतना मुश्किल नहीं है और खर्च कर सकता है, लेकिन मैंने कई सामान्य मजदूरों को देखा है जो पैसे की व्यवस्था के लिए स्तंभ से पोस्ट तक चलने वाले वेतन के रूप में एक छोटा सा पैसा।"

Keep Reading Show less

यह वे लोग हैं जिन्होंने ने उत्कृष्टता का एक नया उदाहरण पेश कर खड़ा लिया एक विशिष्ट संसथान। (IANS)

जब द्वितीय विश्व युद्ध(World War-2) समाप्त हो रहा था, तब लोगों के एक समूह ने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी सॉफ्ट पावर - आईआईटी(IIT) प्रणाली की स्थायी इमारत की नींव रखी।

इसमें तीन व्यक्ति शामिल थे जिन्होंने वायसराय की कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया। इनमें जो लोग शामिल थे उनमें नलिनी रंजन सरकार, देशबंधु चित्तरंजन दास की अनुचर और 1933 फिक्की(FICCI) की अध्यक्ष, आईसीएस अधिकारी से टाटा स्टील के कार्यकारी अधिकारी बने अर्देशिर दलाल, जो भारत के विभाजन के अपने कट्टर विरोध के लिए बेहतर जाने जाते हैं, और सर जोगेंद्र सिंह, एक संपादक, लेखक और पटियाला के पूर्व प्रधान मंत्री, जिन्होंने पंजाब में मशीनीकृत खेती की शुरूआत की।

बॉम्बे प्लान के लेखक, भारत के आर्थिक विकास के लिए विजन दस्तावेज उद्योगपति जे.आर.डी. टाटा(JRD Tata), जीडी बिड़ला(GD Birla) और सर पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास(Sir Purushottamdas Thakurdas), सर अर्देशिर(Sir Ardeshir), वायसराय की कार्यकारी परिषद के योजना और विकास के सदस्य के रूप में, अमेरिकी सरकार को भारतीय वैज्ञानिकों को डॉक्टरेट फेलोशिप की पेशकश करने के लिए राजी किया ताकि वे नए स्थापित वैज्ञानिक परिषद और औद्योगिक अनुसंधान (सीएसआईआर) का नेतृत्व करने के लिए पर्याप्त योग्यता प्राप्त कर सकें।

हालांकि, सर अर्देशिर ने जल्द ही महसूस किया कि अमेरिकी सरकार के साथ यह व्यवस्था केवल एक अल्पकालिक समाधान हो सकती है और उभरते हुए नए भारत को ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है जो योग्य वैज्ञानिक और तकनीकी जनशक्ति के लिए नर्सरी बन सकें।

Keep Reading Show less

टि्वटर ने सस्पेंड किए कई अकाउंट। (Wikimedia Commons)

नए नियमों की घोषणा भारतीय मूल के पराग अग्रवाल(Parag Aggarwal) द्वारा सह-संस्थापक जैक डोर्सी(jack dorsey) से ट्विटर के सीईओ(CEO) के रूप में पदभार संभालने के ठीक एक दिन बाद की गई थी। लेकिन चरमपंथी समूहों ने नई निजी मीडिया नीति का फायदा उठाना शुरू कर दिया था। जिसकी वजह से ट्विटर(Twitter) ने चरमपंथी विरोधी शोधकर्ताओं के कई खातों को निलंबित कर दिया है। इसकी जानकारी मीडिया रिपोर्ट ने दी।


Keep reading... Show less