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देश

रेलवे परियोजना जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाएं पूरी करेगी :रेलमंत्री पी.गोयल

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में चल रहे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक को लेकर कहा कि परियोजना को पूरा करके लोगों की 'आकांक्षाओं' को पूरा किया जाएगा, ताकि क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों से सालभर जुड़ा रहे।

रेलमंत्री पीयूष गोयल । (Wikimedia Commons )

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में चल रहे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) राष्ट्रीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि परियोजना को पूरा करके लोगों की ‘आकांक्षाओं’ को पूरा किया जाएगा, ताकि क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों से सालभर जुड़ा रहे। गोयल के अलावा, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ वी.के. यादव, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगाल और यूएसबीआरएल परियोजना के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विजय शर्मा भी बैठक के दौरान उपस्थित थे।

कटरा-बनिहाल परियोजना

शर्मा ने गोयल को कटरा-बनिहाल के बीच परियोजना के अंतिम चरण में काम की नवीनतम स्थिति से अवगत कराया। परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए, गोयल ने कहा, “जम्मू और कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को परियोजना को पूरा करके पूरा किया जाना है, ताकि यह क्षेत्र, देश के बाकी हिस्सों से जुड़े रहने के लिए एक अच्छी परिवहन प्रणाली से लैस हो सके।”


मंत्री ने परियोजना पर काम कर रहे इंजीनियरों से मिशन मोड पर काम के शेष हिस्से को शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने सामग्रियों की खरीद और अनुमति प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के भी निर्देश दिए, ताकि लाइन के निर्माण में देरी न हो। गंगाल ने मंत्री को जानकारी देते हुए कहा, “साइटों पर कारीगर शिविर और आइसोलेशन केंद्र उपलब्ध कराए गए हैं। यहां काम कर रहे 366 लोगों को कोरोना से संक्रमित पाया गया था, लेकिन सभी ठीक हो गए हैं।” यूएसबीआरएस एक राष्ट्रीय परियोजना है, जिसे रेलवे द्वारा कश्मीर क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत हिमालय के जरिए ब्रॉड-गेज रेलवे लाइन का निर्माण शुरू किया गया है ।

कश्मीर घाटी । (Wikimedia Commons )

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परियोजना के पहले तीन चरणों का निर्माण पूरा हो चुका है और कश्मीर घाटी में बारामूला-बनिहाल और जम्मू क्षेत्र में जम्मू-उधमपुर-कटरा के बीच ट्रेनों के परिचालन के लिए लाइन चालू है। फिलहाल कटरा-बनिहाल के 111 किलोमीटर सेक्शन पर काम चल रहा है। इस क्षेत्र में कठिन भौगोलिक स्थितियां विद्यमान हैं, जिससे यहां कई महत्वपूर्ण पुलों और सुरंगों का निर्माण किया जाएगा । (आईएएनएस)

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रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

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झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

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इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

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