Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
राजनीति

कांग्रेस का सहारा महिला वोटबैंक हमारा!

40 फीसद हिस्सेदारी, छात्राओं को मुफ्त में स्कूटी एवं महिलाओं को सालाना 3 सिलेंडर मुफ्त के अलावा कई वादे किए गए हैं जो साफ जाहिर करता है कि कांग्रेस महिलाओं के सहारे अपनी खोई हुई जमीन तलाश रही है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने महिलाओं को लुभाने के लिए चले हैं कई बड़े दाव।(Wikimedia commons)

ये मजमों में नई-नई घोषणायें करने वाले हैं।

सेक्युलर का प्रमाण देने वाले तो मंदिर-मंदिर भी जाने वाले हैं।


सुना है, चुनाव आने वाले हैं।।

यह कविता एक समय इंटरनेट पर काफी तेजी से वायरल हो रही थी तभी हमने सोचा क्यों ना आज इसी पर एक विस्तृत रिपोर्ट आपके सम्मुख पेश करी जाए क्योंकि वर्तमान समय में कुछ ऐसा ही हो रहा है। "चुनाव आने वाले हैं" यह देख आप समझ गए होंगे कि उत्तर प्रदेश चुनाव से संबंधित यह लेख होने वाला है। दरअसल इतिहास की सबसे पुरानी पार्टी राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी जो हालांकि वर्तमान में इतिहास बनने की कगार पर है उसकी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश की चुनावी नब्ज टटोल रही हैं। आपको बता दें लोकसभा चुनाव 2019 और 2017 विधानसभा चुनाव में यह साफ जाहिर हो चुका हैं कि कांग्रेस अपनी चुनावी जमीन पूरी तरीके से खो चुकी है। इसलिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने कई ऐसे ऐलान करें हैं जो वह कांग्रेस शासित राज्यों में स्वयं व लेना पूरा करा पाए लेकिन चुनावी राज्य में दावा जरूर ठोका है।

कांग्रेस अबकी बार आधी आबादी को साधने की तैयारी में है है। काग्रेस के इस नए दांव को नौकरी पेशा वर्ग की महिलाओं और गृहणियों को आकर्षित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इसके कई उदाहरण साफ तौर पर देखे गये हैं। वो बाराबंकी में प्रतिज्ञा यात्रा का शुभारंभ करने पहुंचीं सड़क पर बैठी बालिकाओं से मुलाकात की। इसके बाद धान के खेत पर पहुंचीं। यहां पहले से मौजूद महिलाओं से चर्चा की। उनके साथ खाना भी खाया। आपको बता दें इसके पहले प्रियंका वाड्रा ने लड़की हूं लड़ सकती हूं एवं महिलाओं को 40 फीसद टिकट के साथ महिलाओं को लुभाने के लिए कई वादे किए थे।

राजनीतिक विषेषज्ञों की मानें तो खासकर यहां की राजनीति जाति-धर्म पर आधारित है जिसमें महिलाएं मुद्दा नहीं होती हैं। राजनीति में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता अभी भी सर्व स्वीकार्य नहीं है और अक्सर पुरुष रिश्तेदारों के हस्तक्षेप के कारण कई सवाल उठाए जाते हैं। इसके उदाहरण महिला प्रधान तो पुरूष ही उसका काम देखते है। जिला पंचायत से लेकर ब्लाक प्रमुख हर जगह यही चीजें देखने को मिलती रही है, लेकिन कुछ जगह बदलाव भी हो रहे हैं।

राजनीति के जानकार प्रसून पांडेय कहते हैं कि प्रियंका के इस दांव से नई प्रतिभा सामने आएगी। 40 प्रतिशत सिर्फ महिलाओं को टिकट देने की बात करके उन्हें एक बड़ा गेम खेला है। अभी भाजपा, सपा, बसपा के मुकाबले भी कांग्रेस का जमीन में संगठन भी उतना मजबूत नहीं है। इसके लिए कांग्रेस संगठन मजबूत करने की बहुत जरूरत है। उनके इस वादे से दूसरे दल किसी न किसी रूप में महिलाओं कुछ नया करने प्रयास करेंगे। जैसे घोषणापत्र में महिलाओं के लिए कुछ नयी घोषणा महिलाओं के लिए कर सकते हैं।

हलांकि भाजपा की प्रवक्ता साक्षी दिवाकर कांग्रेस के इन वादों को खोखला मान रही है। उनका कहना है कि पहले इनकी जहां सरकारें वहीं सारे वादों को लागू करना चाहिए। चाहे छत्तीसगढ़ और राजस्थान वहां पर यह लागू करना चाहिए। राजस्थान में महिलाओं की हालत किसी से छिपी नहीं है। अपनी सरकारों के समय जो यहां की दुर्दशा कांग्रेस ने की है वह किसी से छिपी नहीं है। भाजपा सरकार उसे ठीक कर रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मोदी और योगी सरकार ने बहुत सारे काम किए हैं।

कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह का कहना है कि प्रियंका गांधी यूपी की प्रभारी है इसीलिए उन्होंने 40 प्रतिशत महिलाओं के टिकट के आरक्षण बात कर रही है। इसके बाद उनके सुझाव पर केन्द्रीय नेतृत्व अन्य राज्यों पर भी करेगा। छत्तीसगढ़ में हम 2500 वहां धान की कीमत दे रहे हैं। वहां पर गोधन योजना चल रही है। कर्जमाफी भी गयी है। भाजपा ने महिलाओं से किए गये एक भी वादे पूरे नहीं कर पायी इसीलिए वह बौखला गए हैं। उन्होंने बताया कि बनारस और गोरखपुर की रैली में जिस प्रकार से महिलाओं की भागीदारी देखकर परेषान है। अगर एक महिला महिलाओं के सषक्तिकरण की बात कर रही हैं तो इससे अन्य राजनीतिक दल परेशान क्यों हो रहे हैं।

यह भी पढ़े - क्या सिखाती है रामायण?

खैर राजनीति तो अपनी जगह चलती रहेगी लेकिन यह वक्त बताएगा कि प्रियंका के वादे में कितना दम था की महिला वोट बैंक उनकी तरफ गया। जिसका जवाब यूपी विधानसभा चुनाव के परिणाम ही बता सकते हैं। लेकिन नेताओं को इस बात का जरूर ध्यान रखना चाहिए कि वह जनता से ऐसे वादे करें जो पूरे हो सके ना कि जुमले छोड़े जाए।

Input: आईएएनएस; Edited By: Lakshya Gupta

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें!

Popular

एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा जेवर एयरपोर्ट। (Twitter)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव(Uttar Pradesh Assembly Elections) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार प्रदेश का दौरा कर जनता को सौगातें दे रहे हैं इसी सौगात के क्रम मे गौतमबुद्धनगर के जेवर एयरपोर्ट(Jevar Airport) का नंबर भी आ गया। जेवर में उत्तर प्रदेश खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने गुरुवार को गौतमबुद्धनगर जिले में प्रदेश के पांचवे अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। नोएडा(Noida) का यह ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट भारत का पहला प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट होगा। आज हम आपको इसी एयरपोर्ट की विशेषता के बारे में बताएंगे -

क्या है जेवर एयरपोर्ट की विशेषता?

Keep Reading Show less

उत्तर प्रदेश में अब योगी सरकार जनता को देगी मुफ्त राशन का डबल डोज (Pixabay)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के 15 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों को सरकार मुफ्त राशन की डबल डोज देने जा रही है। यूपी के लोगों को राशन दुकानों से दोगुना मुफ्त राशन(Free Ration) मिलेगा। योगी सरकार(Yogi Government) के बाद केंद्र सरकार(Central Government) ने भी पीएमजीकेएवाई के तहत मुफ्त राशन वितरण अभियान को मार्च तक बढ़ा दिया है।

केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब यूपी के पात्र कार्ड धारकों को हर महीने 10 किलो राशन मुफ्त मिलेगा। केंद्र ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना(Pradhanmantri Garib Ann Kalyan Yojna) को मार्च 2022 तक बढ़ा दिया है। राशन कार्ड धारकों को महीने में दो बार गेहूं और चावल मुफ्त मिलेगा। दाल, खाद्य तेल और नमक भी मुफ्त दिया जाएगा। कोविड काल से चल रहे मुफ्त राशन वितरण के जरिये सरकार आर्थिक रूप से कमजोर गरीबों,मजदूरों को बड़ा सहारा देने की योजना पर काम कर रही है। महामारी के दौर में शुरू हुई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना नवंबर में खत्म हो रही थी, इसको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने 3 नवंबर को अयोध्या में राज्य सरकार की ओर से होली तक मुफ्त राशन वितरण की घोषणा की थी।

राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसार अंत्योदय राशन कार्डधारकों और पात्र परिवारों को दिसंबर से दोगुना राशन वितरण किया जाएगा। अंत्योदय अन्न योजना के तहत लगभग 1,30,07,969 इकाइयां और पात्र घरेलू कार्डधारकों की 13,41,77,983 इकाइयां प्रदेश में हैं।

Keep Reading Show less

स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) [Wikimedia Commons]

सन् 1863 में बंगाल के कायस्थ (शास्त्री) परिवार में जन्मे स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) का मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। उन्होंने पश्चिमी शैली के विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की, जहाँ उन्होंने पश्चिमी दर्शन , ईसाई धर्म और विज्ञान को जाना। हिंदू आध्यात्मिकता के बारे में बात करने के लिए अमेरिका जाने से पहले खेतड़ी के महाराज अजीत सिंह ने उन्हें 'विवेकानंद' नाम दिया था।

वह रामकृष्ण के प्रमुख शिष्यों में से एक बन गए थे और उन्होंने समाज को सुधारने और इसे एक बेहतर जगह बनाने की कोशिश की थी। स्वामी जी भी ब्रह्म समाज का हिस्सा रहे थे और उन्होंने बाल विवाह को समाप्त करने और साक्षरता का प्रसार करने की कोशिश की थी।

Keep reading... Show less