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राजनीति

क्या पंजाब में चलेगा अरविन्द केजरीवाल का सब "मुफ्त" वाला दांव ?

यह सब तो वे बातें हैं जो हमें अखबारों में और टीवी पर देखने को मिल जाती हैं लेकिन इस बार के चुनाव में जो सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है वो है अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी।

अरविंद केजरीवाल (Wikimedia Commons)

देश में 2022 की शुरुआत में पांच राज्यों में चुनाव होने हैं। इसमें दो राज्य उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) और पंजाब(Punjab) ऐसे राज्य हैं जहां सारे देशवासियों की नजरे टिकी हुई हैं। अगर बात करें पंजाब की तो यह राज्य 2017 के चुनाव से ज़्यादा सुर्खियां आज बटोर रहा है क्योंकि इसबार राज्य में एक तरफ राजनीतिक पारा पहले से कई ज़्यादा गरम है तो दूसरी ओर राज्य में दलों का गणित पूरी तरह बदल चूका है। एक ओर एनडीए(National Democratic) में साथी रहे शिरोमणि अकाली दल(Shiromani Akali Dal) और भारतीय जनता पार्टी(Bhartiye Janta Party) अलग हो चुके हैं, तो वहीं राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस में मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह(Captain Amrinder Singh) कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बनाकर भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनाव में उतरने के लिए तैयार हैं। यह सब तो वे बातें हैं जो हमें अखबारों में और टीवी पर देखने को मिल जाती हैं लेकिन इस बार के चुनाव में जो सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है वो है अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी।

दिल्ली के लिए सब "मुफ्त" है?


दिल्ली में अपार सफलता हासिल करने के बाद अब आम आदमी पार्टी(Aam Aadmi Party) पंजाब में पैर पसारने की फिराक में है। 2020 में दिल्ली(Delhi) के चुनाव में जनता ने दुबारा अरविंद केजरीवाल(Arvind Kejriwal) पर प्यार बरसाया और वापस उन्हें 2015 की तरह प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापस लाए। अब इसका कारण केजरीवाल का सब "मुफ्त"का वादा है या फिर उनका काम या फिर उनकी लोकप्रियता यह तो जनता ही जानती है।

2015 में जब केजरीवाल सभी पार्टियों को पछाड़ कर सत्ता में आए थे तो इसका एक बड़ा कारण उनका सब "मुफ्त" वाला वादा भी था। केजरीवाल ने वादा किया था की वे बिजली और पानी सबके बिल माफ़ करेंगे और उन्होंने ऐसा किया भी, इसलिए 2020 के चुनाव में जनता ने उनके इसी छलावे पर विश्वास कर उनकी दुबारा सत्ता में वापसी कराई।

पंजाब में भी सब "मुफ्त" है!

केजरीवाल ने अब दिल्ली में मज़बूती से अपने पैर जमा लिए है और अब वे अपना सब "मुफ्त" वाला प्लान लेकर पंजाब आ गए हैं। केजरीवाल जब 28 जून 2021 को पंजाब के दौरे पर आए थे तो उन्होंने घोषणा की थी कि अगर पार्टी चुनाव जीतती है तो सभी पंजाबियों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी। 30 सितंबर 2021 को, केजरीवाल ने यह भी घोषणा की कि अगर आप चुनाव जीत जाती है, तो उनकी सरकार पंजाब में मोहल्ला क्लीनिक बनाएगी जो मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगी। 22 नवंबर 2021 को, अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि अगर आप पंजाब जीतती है तो 18 साल से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये दिए जाएंगे।

अब केजरीवाल ने इतने बड़े-बड़े वादे तो कर दिए है पर अब सवाल यह उठता है की क्या यह वादे सच में पुरे किए जाएंगे। केजरीवाल भले ही बड़े-बड़े दावे कर ले की उन्होंने दिल्ली को लंदन बना दिया या फिर उन्होंने दिल्ली में सब कुछ मुफ्त कर दिया है पर असल में अगर हम ज़मीनी हकीकत की बात करेंगे तो केजरीवाल के सभी दावों पर पानी फिर जाएगा।

सच्चाई से परे हैं केजरीवाल के सब "मुफ्त" के वादे!

अगर हम बात करें दिल्ली में सफाई की तो सफाई के मामले में दिल्ली बहुत पीछे है। सड़कों पर हफ्ता-हफ्ता भर कूड़ा पड़ा रहता है पर कोई न तो उसे साफ़ करता है और न कोई उसे उठाने वाला होता है। स्थानीय लोग कूड़े की दुर्गन्ध के साथ जीने को मजबूर हैं। बात करें सड़कों की तो सड़कों पर इतने गड्ढे मिल जाएंगे की मानसून की पहली बारिश में गड्ढे तालाब कम झील बन जाते हैं। केजरीवाल कहते हैं की उन्होंने पानी के बिल माफ़ कर दिए लेकिन उसके बदले जनता को गटर से भी गन्दा पानी दिया जा रहा। लोग ये कहने को मजबूर है की केजरीवाल जी हमसे पैसे लेलो लेकिन हमें साफ़ पानी देदो। यमुना की हालत तो बद से बदतर हो गई है। हालात इतने खराब हैं की यमुना में बहते पानी में सफ़ेद झाग बन जा रहा है और पानी, पानी कम बर्फीली झील ज़्यादा लग रहा है। जहां तक बात रही दिल्ली की हवा की तो दिल्ली एक गैस चैम्बर बन चुका है और यह सच किसी से छुपा नहीं है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा की केजरीवाल ने वादों के नाम पर सिर्फ दिल्ली को ठगा है। यह सब तो वो बातें थी जोकि हम सबने देखी है लेकिन अगर आपको सच में यह जानने में दिलचस्पी है की क्या है केजरीवाल के वादों की काली सच्चाई तो ज़रूर देखें “Transparency: Pardarshita Webseries I

यह सीरीज चंदे की पारदर्शिता के लिए एक आम-आदमी द्वारा किए गए संघर्ष को उजागर करती है।

“Transparency: Pardarshita” एक राजनीतिक थ्रिलर वेब सीरीज है जिसे Dr. Munish Raizada द्वारा निर्मित और निर्देशित किया गया है। जिसमें कुल 7 एपिसोड हैं। प्रत्येक एपिसोड 40 से 50 मिनट की अवधि में है। वेब सीरीज में तीन गीतों को भी बखूबी शामिल किया गया है| जिसमें कैलाश खेर जी द्वारा “बोल रे दिल्ली बोल”, उदित नारायण जी द्वारा “कितना चंदा” और सवानी मुद्गल जी द्वारा “वैष्णव जन”| यह एक ऐसी वेब सीरीज है, जो आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) और इंडिया अगेंस्ट करप्शन (India Against Corruption) के चौंकाने वाले तथ्यों के विषय में बात करती है। एक ऐसी राजनीतिक पार्टी जिसने इस मकसद से सत्ता में कदम रखा की भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर देंगे उस पार्टी ने कैसे मासूम जनता की उम्मीदों का गला घोंटा है, यह सीरीज ऐसे कई झकझोर देने वाले सच को बयां करती है|

अब अगर वापस बात करें पंजाब की तो यह केजरीवाल का कोई पुराना मकसद भी हो सकता है। अब पुराना मकसद क्या है यह तो अरविंद केजरीवाल ही जानते हैं लेकिन अगर आप के पूर्व नेता की बात मानें तो अरविंद केजरीवाल दिल्ली को मनीश सिसोदिया के हवाले कर पंजाब के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं।

यह भी पढ़ें- Transparency Web Series : स्वराज से लेकर भ्रष्टाचार तक का सफर

अब सच क्या है ये न तो हम जानते हैं और ना तो जनता लेकिन जहां तक बात है पंजाब की तो यहां की जनता सब जानती हैं और यह भी जानती है की कौन उनके लिए सही है।

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