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देश

विद्यार्थियों का बहुमूल्य वर्ष खराब नहीं होने देगी सरकार : निशंक

डॉ. निशंक ने बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से देश भर के अभिभावकों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों के असंख्य मेल मिल रहे हैं जिनमें माता-पिता और छात्रों ने निवेदन किया है कि वे परीक्षा देना चाहते हैं, वे पिछले वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और किसी भी सूरत में शून्य वर्ष नहीं चाहते।

डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री(फ़ाइल फोटो, PIB)

जेईई और एनईईटी (नीट) परीक्षा के आयोजन पर मचे घमासान के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने स्पष्ट किया है कि मंत्रालय द्वारा इन दोनों परीक्षाओं के सुरक्षित संचालन के लिए पूरी तैयारियां कर ली गयी है और सरकार परीक्षा आयोजन के लिए कृत संकल्प है। डॉ निशंक ने कहा कि वो प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के जीवन में शून्य शैक्षणिक वर्ष नहीं चाहते। उन्होंने कहा कठिनाईयां आती हैं पर जीवन को आगे बढ़ना है, और हम अपने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य निर्माण के प्रति अत्यंत सजग हैं। बता दें कि जेईई मेन 2020 और नीट, जिसे पहले अप्रैल-मई के लिए निर्धारित किया गया था, स्थगित कर दिया गया था और अब सितंबर में आयोजित किया जा रहा है।

डॉ. निशंक ने बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से देश भर के अभिभावकों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों के असंख्य मेल मिल रहे हैं जिनमें माता-पिता और छात्रों ने निवेदन किया है कि वे परीक्षा देना चाहते हैं, वे पिछले वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और किसी भी सूरत में शून्य वर्ष नहीं चाहते। अपनी अपील में डॉ. निशंक ने सभी छात्रों से अनुरोध किया कि वे पूरी मेहनत से परीक्षा दें और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के बारे में चिंता न करें।


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शिक्षा के राजनीतिकरण पर दु:ख प्रकट करते हुए डॉ. निशंक ने कहा, मैं अपने सभी विपक्षी साथियों से माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने का अनुरोध करता हूं कि राजनीति को छोड़कर, उन्हें विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य निर्माण में सहयोग करना चाहिए।

नीट और जेईई के मुद्दे पर जहां पूरा विपक्ष परीक्षा टलवाने के लिए हर संभव कोशिश में लगा है, वहीं शिक्षा मंत्री ने आईएएनएस से कहा है कि देश के शिक्षा मंत्री होने के नाते देश के शिक्षार्थियों का भविष्य वो कभी बर्बाद नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के नाम पर जो राजनीति कर रहा है, वह पूरी तरह अनैतिक है, छात्रों के पीछे छुप कर हो रही ओछी राजीनति सभी छात्र समझते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा को लेकर वैसे ही काफी तनाव होता है और परीक्षा अगर समय से नहीं होंगी तो ये तनाव लम्बे समय तक बरकरार रहेगा।

शिक्षा मंत्री ने और क्या कहा-

छात्रों का साल बर्बाद नहीं होने देना चाहते:

शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थी साल भर के लिए इस दिन के लिए जीतोड़ मेहनत करता है और अंत में अगर उसे परीक्षा देने का भी मौका न मिले तो यह उसके प्रति अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि छात्र हर हाल में परीक्षा चाहते हैं। प्रवेश परीक्षाओं से छात्रों के भविष्य की दिशा तय होती है, और बार बार परीक्षा तिथि के बढ़ने से छात्रों को न केवल एक अकादमिक वर्ष का नुकसान उठाना पडेगा, बल्कि आगे चलकर उन्हें प्रोफेशनल करियर में भी इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है। निशंक ने कहा कि नीट परीक्षा के एडमिट कार्ड डाउनलोड करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या हर दिन लगातार बढ़ रही है और अभी तक 19 लाख प्रवेश पत्र डाउनलोड हो चुके हैं, जो इस बात को दशार्ता है कि विद्यार्थियों में परीक्षा के लिए जबरदस्त उत्साह है।

शिक्षाविदों की राय:

शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और विदेश के 150 से ज्यादा शिक्षाविदों, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय, इग्नू, लखनऊ विश्वविद्यालय, जेएनयू, बीएचयू और आईआईटी दिल्ली के अलावा लंदन विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, येरूशलम के हेब्रू विश्वविद्यालय और इजरायल के बेन गुरियन विश्वविद्यालय के शिक्षाविद शामिल हैं, ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर कहा है कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई मेंस और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा नीट को और टालने का मतलब छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना होगा, क्योंकि इससे उनका एक कीमती साल बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने लिखा कि युवाओं के सपनों और भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता है। पत्र में परीक्षा स्थगित करने के मामले को विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया गया है। निशंक ने कहा माननीय न्यायालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी भी कह चुकी है कि बच्चों के एक कीमती साल को यूं ही बर्बाद हो जाना कोई समझदार कदम नहीं होगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अनुसार अगर इसे शून्य वर्ष मान लेते हैं तो हम अगले साल के एक सत्र में दो साल के उम्मीदवारों को कैसे समायोजित कर पाएंगे।

परीक्षा के दौरान सभी सेफ्टी मेजर्स भी फॉलो किए जाएंगे:

निशंक ने कहा कि वो स्वयं इस बात पर नजर रखेंगे कि परीक्षा के दौरान सभी सेफ्टी मेजर्स भी फॉलो किए जाएं। उन्होंने कहा कि एक कमरे में छात्रों की संख्या 24 से घटाकर 12 कर दी गई है, तकरीबन 99 फीसदी कैंडिडेट्स को उनका चुना हुआ टेस्ट सेंटर दिया गया है। जेईई परीक्षा के सेंटर्स 570 से बढ़ाकर 660 कर दिए हैं, जबकि नीट परीक्षा के सेंटर्स 2,846 से बढ़ाकर 3,843 कर दिए गए हैं। इसके अलावा जेईई मेन परीक्षा के लिए नंबर ऑफ शिफ्ट्स भी बढ़ा दी गईं हैं। वहीं, परीक्षा कक्षा के बाहर सामाजिक दूरी और सुरक्षा का अनुपालन सुनश्चित करने के लिए भी पूरी सावधानी बरती जाएगी। (आईएएनएस)

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