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केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान और तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी(Ram Vilas Paswan, Twitter)

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने प्रणव मुखर्जी के निधन पर उन्हें सियासत का शिखर पुरुष बताया। उन्होंने कहा कि प्रणव मुखर्जी सर्वगुण संपन्न थे, इसलिए राजग ने भी उनके राष्ट्रपति बनने का समर्थन किया था। मंत्री पासवान ने कहा, “2019 में भारत रत्न से सम्मानित प्रणव दा हमेशा शोषित, वंचितों के कल्याण के लिए हमेशा तत्पर रहे। उनमें दलीय राजनीति से ऊपर सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता थी।”

पासवान ने आगे कहा, “प्रणव दा आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका मृदुभाषी सौम्य चेहरा हमेशा हमें प्रेरणा देता रहेगा। उनसे मेरी पहली मुलाकात 1977 में दिल्ली में हुई और उसके बाद से ही उनके साथ एक पारिवारिक संबंध बना रहा और सुख-दुख के हर मौके पर उनका स्नेह मिलता रहा।”

यह भी पढ़ें: प्रणब मुखर्जी (1935-2020) : जन-जन के राष्ट्रपति (श्रद्धांजलि)

उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में प्रणव मुखर्जी के अद्वितीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने वित्त, विदेश और रक्षा मंत्री सहित तमाम प्रमुख मंत्रालयों को संभालते हुए एक अमिट छाप छोड़ी। राष्ट्रपति के पद पर रहते उनकी निष्पक्ष छवि की भी मिसाल दी जाएगी।(आईएएनएस)

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ (VOA)

बसपा प्रमुख मायावती(Mayawati) की रविवार को टिप्पणी, गोरखनाथ मंदिर की तुलना एक "बड़े बंगले" से करने पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने तत्काल प्रतिक्रिया दी, जिन्होंने उन्हें मंदिर जाने और शांति पाने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री, जो मंदिर के महंत भी हैं, ने ट्विटर पर निशाना साधते हुए कहा - "बहन जी, बाबा गोरखनाथ ने गोरखपुर के गोरक्षपीठ में तपस्या की, जो ऋषियों, संतों और स्वतंत्रता सेनानियों की यादों से अंकित है। यह हिंदू देवी-देवताओं का मंदिर है। सामाजिक न्याय का यह केंद्र सबके कल्याण के लिए कार्य करता रहा है। कभी आओ, तुम्हें शांति मिलेगी, ”उन्होंने कहा।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Wikimedia Commons)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री(Union Health Minister) मनसुख मंडाविया(Mansukh Mandaviya) ने सोमवार को 40 लाख से अधिक लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और टेली-परामर्श सुविधा तक आसान पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से एक नया सीजीएचएस वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्च किया।

टेली-परामर्श की नई प्रदान की गई सुविधा के साथ, केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (Central Government Health Scheme) के लाभार्थी सीधे विशेषज्ञ की सलाह ले सकते हैं, उन्होंने कहा।

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(NewsGram Hindi)

जैसे-जैसे विधान सभा चुनाव(Vidhan Sabha Election 2022) नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे चुनावी पार्टियों में भगदड़ और दल-बदल तेज हो गई है। कोई टिकट न मिलने पर खेमा बदल रहा है, तो कोई वैचारिक मतभेद के कारण दल-बदल की प्राचीन राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ने की पहल कर रहा है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा समाजवादी पार्टी से हाथ मिलाने के बाद दल-बदल की प्रक्रिया में तेजी देखी गई है। मौर्य के साथ भाजपा के कई विधायकों ने समाजवादी पार्टी का हाथ थामा है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने त्याग पत्र में लिखा था कि "विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में श्रम, रोजगार मंत्री के रूप में पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ काम किया है। लेकिन मैं दलितों, पिछड़े वर्गों, किसानों, बेरोजगार युवाओं और छोटे मध्यम आकार के व्यापारियों के प्रति घोर उपेक्षा को देखते हुए यूपी मंत्रालय से इस्तीफा दे रहा हूं।"

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