Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
संस्कृति

रत्नेश्वर महादेव मंदिर : एक तरफ झुका हुआ अनोखा मंदिर

हमारे देश भारत में अनेकों मंदिर हैं। हर मंदिर की अपनी अलग महिमा है और उनमें से कुछ मंदिर कई प्रकार के रहस्य लिए मोजूद हैं।

वराणसी के मणिकर्णिका घाट पे उपस्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर (wikimedia commons)

हमारे देश भारत में अनेकों मंदिर हैं, हर मंदिर कि एक अपनी अलग महिमा है। और उनमें से कुछ मंदिर कई प्रकार के रहस्य लिए मोजूद हैं । भारत में एक ऐसा मंदिर भी हे जो कि अपनी एक अलग पहचान के लिए विख्यात है , जी हा हम बात करने जा रहे हैं वराणसी के मणिकर्णिका घाट पे उपस्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर की। इस मंदिर की मुख्य बात यह है कि यह मंदिर मशहूर पीसा की मीनार की तुलना में ज्यादा एंगल से एक तरफ झुका हुआ है । वहीं अगर बात करें पीसा की मीनार की तो यह मीनार 4 डिग्री झुकी है और वहीं यह मंदिर 9 डिग्री झुका हुआ है। और साथ ही यह मंदिर 74 मीटर उंचा भी है , जबकि पीसा कि मीनार 54 मीटर ही ऊंची हैं । लेकिन इस बात का उल्लेख कही नही मिलता है। इस मंदिर की खासियत के बारे में लोगो को ज्यादा पता भी नहीं है। इसके इतिहास के बारे में बात करे तो यह पता चलता है कि इसका निर्माण ग्वालियर की महारानी बीजा बाई ने 19 वी शताब्दी में करवाया था। यह मंदिर पानी में उपस्थित है। यह मंदिर भगवान महादेव शिव को समर्पित है। यह भगवान शिव का मंदिर है। अगर बात करे मणिकर्णिका घाट की तो यह घाट भी अपनी पुरानी घटनाओ के लिए विख्यात है। मणिकर्णिका का संधि विच्छेद करे तो यह दो शब्दों से मिलकर बना है , जिनके अलग-अलग मतलब है। जिसमें मणि मतलब कान की रिंग है ओर कर्णिका मतलब कान है ।



\u092e\u0923\u093f\u0915\u0930\u094d\u0923\u093f\u0915\u093e \u0918\u093e\u091f बात करे मणिकर्णिका घाट की तो यह घाट भी अपनी पुरानी घटनाओ के लिए विख्यात है ।(wikimedia commons)

इस कुंड को लेकर भी एक पोराणिक कथा प्रचलित है , जिसके अनुसार एक बार भगवान शिव जी इस कुंड में स्नान कर रहे थे। और कहा जाता है उसी समय उनके कान की बाली इसमे गिर गई थी। तब से इस जगह कुंड का नामकरण मणिकर्णिका हुआ , और आज यह जगह विख्यात हो गई है । लेकिन सावन के महीने में भी रत्नेश्वर महादेव मंदिर में ना तो बोल बम के नारे गूंजते हैं और ना ही घंटी की आवाज सुनाई देती है। इसका कारण पास में शमशान घाट है। महाश्मशान के पास बसा करीब तीन सौ साल पुराना यह दुर्लभ मंदिर आज भी लोगों के लिए आश्चर्य ही है।

यह भी पढ़ें : 6 देवताओं के मंदिर होंगे राम जन्मभूमि परिसर में

पहुँच मार्ग :

वाराणसी शहर से हवाई यात्रा सभी बड़े शहरों से कनेक्ट हैं , जिससे की यहा आसानी से आया जा सकता है , साथ ही वाराणसी रेल्वे स्टेशन से भी भारत के किसी भी कोने से यंहा आसानी से आया जा सकता है। सड़क मार्ग भी कई बड़े शहर को वाराणसी से जोड़ता है।

Popular

गीत 'तेरी मिट्टी' के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का खिताब जीता है।(wikimedia commons)

67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कई प्रतिभाशाली लोगों को पुरस्कारों से नवाजा गया एसे में बी प्राक ने 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अपने गीत 'तेरी मिट्टी' के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का खिताब जीता है। उन्होंने और भी विजेताओं के साथ इस पल को साझा किया है ये उनके लिए खास पल रहा। गायक ने अपनी बड़ी जीत के बारे में कहा, "यह साल बहुत अच्छा रहा है। लेकिन सबसे ज्यादा यह पुरस्कार जीतने का पल खास हैं। मैं बहुत खुश हूं। मुझे लगता है कि मैं बहुत खुशनसीब हूं कि हमने एक टीम के साथ ऐसा गीत बनाया जो हमारे राष्ट्र के लिए गौरव के साथ गूंजता है।"

साथ हि वह कहते हैं कि इस पल को वह कभी नहीं भूलेंगे। "आज का दिन मेरे करियर के लिए अनमोल दिन है उन्होंने कहा। हर कलाकार चाहता है कि उसकी सराहना की जाए और राष्ट्रीय पुरस्कार से बड़ा सम्मान कोई नहीं हो सकता।"

 \u092b\u093f\u0932\u094d\u092e \u0915\u0947\u0938\u0930\u0940 2019 की फिल्म केसरी का मुख्य आकर्षण था(wikimedia commons)

Keep Reading Show less

वैश्विक डिजिटल सुरक्षा कंपनी नॉर्टनलाइफ लॉक की तरफ से जारी की गई है रिपोर्ट (Wikimedia Commons)

वैश्विक डिजिटल सुरक्षा कंपनी नॉर्टनलाइफ लॉक की तरफ से एक रिपोर्ट पेश करी गई है जिसमें कई अहम दावे किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अकेले भारत में पिछले एक तिमाही में औसतन 187,118 ब्लॉक प्रतिदिन 17,214,900 से अधिक साइबर सुरक्षा खतरों को सफलतापूर्वक रोका गया।

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तकनीकी सहायता (technical support) के घोटाले की प्रभावशीलता महामारी के दौरान बढ़ गई है, क्योंकि उपभोक्ताओं की हाइब्रिड वर्क शेड्यूल और पारिवारिक गतिविधियों को प्रबंधित करने के लिए अपने उपकरणों पर निर्भरता बढ़ गई है। साथ ही साथ रिपोर्ट में यह भी सचेत किया गया है कि आगामी छुट्टियों के मौसम के साथ-साथ खरीदारी और चैरिटी से संबंधित फिशिंग हमलों में तकनीकी सहायता घोटाले बढ़ने का अंदेशा है।

Keep Reading Show less

डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म फोनपे पर रिचार्ज करने के लिए उपयोगकर्ताओं को देने होंगे शुल्क।(Wikimedia Commons)

भारत के टॉप डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म फोनपे(PhonePe) ने अपनी एक घोषणा में कहा , "मोबाइल रिचार्ज के लिए फोनपे एक प्रयोग चला रहा है, जहां उपयोगकर्ताओं के एक छोटे से वर्ग से 51-100 रुपये के रिचार्ज के लिए 1 रुपये और 100 रुपये से अधिक के रिचार्ज के लिए 2 रुपये का प्रोसेसिंग शुल्क लिया जा रहा है।"

हालांकि , कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि उसके पेमेंट ऐप(PhonePe) पर सभी यूपीआई मनी ट्रांसफर, ऑफलाइन और ऑनलाइन भुगतान (यूपीआई, वॉलेट, क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर) सभी उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त हैं और वे जारी रहेंगे। कंपनी ने कहा कि फोनपे इन लेनदेन के लिए कोई शुल्क नहीं लेता है, और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेगा।

Keep reading... Show less