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देश

रविशंकर प्रसाद ने पूछा- जब एक मंत्री का टारगेट 100 करोड़ है तो बाकियों का क्या होगा ?

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को सवाल उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जब एक मंत्री का टारगेट सौ करोड़ है, तो बाकी के मंत्रियों का कितना होगा ?


 महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर सौ करोड़ रुपये वसूली के लगे गंभीर आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) लगातार उद्धव ठाकरे की गठबंधन सरकार पर हमलावर है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ( RAVI SHANKAR PRASAND  )ने मंगलवार को सवाल उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जब एक मंत्री का टारगेट सौ करोड़ है, तो बाकी के मंत्रियों का कितना होगा? केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ” भारत के इतिहास में ये पहली बार हुआ कि किसी पुलिस कमिश्नर ने लिखा कि राज्य के गृह मंत्री ने मुंबई से 100 करोड़ रुपये महीना वसूली का टार्गेट तय किया है। जब एक मंत्री का टार्गेट 100 करोड़ रुपये है तो बाकी के मंत्रियों का कितना होगा? पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कुछ दस्तावेजों के साथ कहा है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर भी वसूली चल रही थी। वो भी छोटे मोटे ऑफिसर्स की ही नहीं बल्कि बड़े बड़े आईपीएस ऑफिसर्स की भी।”

रविशंकर प्रसाद  ( RAVI SHANKAR PRASAND  )  ने कहा कि महाराष्ट्र जैसे राज्य में बड़े अधिकारियों की पोस्टिंग में वसूली हो रही है, तो हमें लगा मुख्यमंत्री कार्रवाई करेंगे। लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय, एक ईमानदारी महिला अधिकारी को सिविल डिफेंस का डीजीपी बना दिया।
 


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रविशंकर प्रसाद ने निलंबित चल रहे पुलिस कर्मी सचिन वाजे को दोबारा सेवा में लिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सचिन वाजे सस्पेंडेड था, करीब 15-16 वर्षों तक, वो शिवसेना का सदस्य बनता है। उसे कोरोना काल में बहाल करते हैं। उसके बाद उन्हें ही 100 करोड़ वसूली का टार्गेट दिया जाता है। एक उद्योगपति के घर के सामने जो गाड़ी मिली है, उसकी एनआईए जांच कर रही है, उस गाड़ी का तथाकथित मालिक मृत पाया जाता है, तो उसकी जांच को क्यों रोका जा रहा है?”

रविशंकर प्रसाद ने एनसीपी मुखिया पर भी निशाना साधते हुए कहा, “मैं शरद पवार से कहना चाहूंगा कि आप कृपया देश को बताएं कि गलत तथ्यों के आधार पर आपको महाराष्ट्र के गृहमंत्री को क्यों डिफेंड करना पड़ा?” ( AK आईएएनएस )
 

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