Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
मनोरंजन

‘रील लाइफ’ हीरो जो 2020 में बने ‘रियल लाइफ’ हीरो

कोविड वॉरियर्स बनने के लिए इन सितारों ने न केवल अपनी आवाज और स्टारडम का इस्तेमाल किया, बल्कि अपने संसाधनों का भी इस्तेमाल किया।

कई अभिनेता कोरोनाकाल में कोविड वॉरियर्स के रूप में उभर कर सामने आए। (Wikimedia Commons)

देश में कोविड-19 महामारी के कारण साल 2020 सबसे कठिन वर्षो में से एक रहा। इस दौरान कुछ ‘रील लाइफ’ हीरो ‘रियल लाइफ’ हीरो बनकर उभरे। कोविड वॉरियर्स (covid warriors) बनने के लिए इन सितारों ने न केवल अपनी आवाज और स्टारडम का इस्तेमाल किया, बल्कि अपने संसाधनों का भी इस्तेमाल किया।

सोनू सूद

अभिनेता सोनू सूद। (Facebook)


प्रवासी मजदूरों को अपने गृहनगर तक सुरक्षित लौटने के लिए परिवहन, आवास और एक हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था करके इन्होंने अपने आप में एक मिसाल पेश की। कोरोनाकाल में अभिनेता हजारों प्रवासी श्रमिकों के लिए मसीहा बन गए। सोनू सूद (Sonu Sood) ने चिकित्सा कर्मियों के रहने के लिए जुहू स्थित अपने होटल में बंदोबस्त किया और मुंबई में गरीबों के लिए नियमित रूप से भोजन की व्यवस्था भी की। अभिनेता ने ट्विटर पर उनके और जनता के बीच संचार की लाइनें भी खोल दीं, ताकि वे उनके मुद्दों को जान सकें।

यह भी पढ़ें – 2020 में दुनिया को अलविदा कहने वाले लोकप्रिय चेहरे

प्रभास

अभिनेता प्रभास। (Facebook)

प्रभास (Prabhas) ने आंध्र प्रदेश के सीएम रिलीफ फंड और तेलंगाना के सीएम रिलीफ फंड और कोरोना क्राइसिस चैरिटी को अतिरिक्त 50 लाख रुपये की राशि दान में दी, जिसके तहत तेलुगू सिनेमा के दैनिक वेतनभोगी कर्मियों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े श्रमिकों की मदद की जानी थी। प्रभास ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में भी 3 करोड़ का दान दिया है। प्रभास ने ईको-पार्क के लिए 2 करोड़ की विकास निधि के साथ तेलंगाना में 1650 एकड़ वन भूमि को भी अपने जिम्मे लिया है, जिसका नाम उनके दिवंगत पिता उप्पलपति सूर्य नारायण राजू के नाम पर रखा जाएगा।

सलमान खान

अभिनेता सलमान खान। (Facebook)

सलमान खान (Salman Khan) ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई – FWICE) के 25,000 दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को वित्तीय सहायता दी, जो ऑल इंडिया स्पेशल आर्टिस्ट एसोसिएशन (एआईएसएए – AISAA) के सदस्य थे और इसके साथ उन्होंने कई स्पॉट बॉय की भी मदद की। अपनी संस्था ‘बीइंग ह्यूमन (Being Human)’ के माध्यम से उन्होंने जरूरतमंदों को भोजन सामग्री पहुंचाने के लिए फूड ट्रक ‘बीइग हंग्री’ की शुरूआत की। उन्होंने इस दौरान लोगों को अन्न दान करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

ऋतिक रोशन

अभिनेता ऋतिक रोशन। (Wikimedia Commons)

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष में एक बड़ी राशि दान करने के अलावा ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) पुलिस अधिकारियों और बीएमसी कार्यकतरओ सहित कोविड-19 फ्रंट लाइनर्स को सुरक्षा के लिए जरूरी सामान मुहैया कराने में मदद करते रहे। इनमें जोश व उत्साह समान बनाए रखने के लिए अभिनेता ने अपने सोशल मीडिया पर ‘बैच ऑफ 2020’ के लिए एक प्रेरक संदेश दिया। इन सबके अलावा, वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग ट्रेन में यात्रा करने के खतरों के बारे में जागरूकता लाने के लिए भी किया।

अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए – List Of Bollywood Actors Who Returned To The Limelight

ऋतिक रोशन मीडिया कर्मियों को वित्तीय सहायता देने वाले पहले व्यक्तियों में से थे और यहां तक कि उन्होंने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिन्टा) को भी अपना समर्थन दिया। युवा सपनों को साकार करने के लिए ऋतिक ने एक महत्वाकांक्षी वंचित बैले डांसर को प्रायोजित किया और यहां तक कि 100 से अधिक डांसर्स के समर्थन में धन दान किया, जिनके पास काम नहीं था।

अक्षय कुमार

अभिनेता अक्षय कुमार। (Wikimedia Commons)

कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए निवारक और एहतियाती लॉकडाउन नियमों के बारे में स्टार सक्रिय रूप से जागरूकता फैलाते रहे। अभिनेता ने पीएम-केयर्स फंड, मुंबई पुलिस फाउंडेशन, बीएमसी और सिन्टा सहित कई निधियों में अपना योगदान दिया। अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने महामारी से प्रभावित लोगों के लिए धन जुटाने के लिए बॉलीवुड के सबसे बड़े धन संग्रह कार्यक्रम में भी भाग लिया।

Popular

अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश (IANS)

केबीसी यानि कोन बनेगा करोड़पति भारतीय टेलिविज़न का एक लोकप्रिय धारावाहिक है । यहा पर अक्सर ही कई सेलिब्रिटीज आते रहते है । इसी बीच केबीसी के मंच पर भारत की हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पहुंचे । केबीसी 13' पर मेजबान अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने को लेकर बात की। श्रीजेश ने साझा किया कि "हम इस पदक के लिए 41 साल से इंतजार कर रहे थे। साथ उन्होंने ये भी कहा की वो व्यक्तिगत रूप से, मैं 21 साल से हॉकी खेल रहे है। आगे श्रीजेश बोले मैंने साल 2000 में हॉकी खेलना शुरू किया था और तब से, मैं यह सुनकर बड़ा हुआ हूं कि हॉकी में बड़ा मुकाम हासिल किया, हॉकी में 8 गोल्ड मेडल मिले। इसलिए, हमने खेल के पीछे के इतिहास के कारण खेलना शुरू किया था। उसके बाद हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली गई, खेल बदल दिया गया और फिर हमारा पतन शुरू हो गया।"

जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

Keep Reading Show less

कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। (IANS)

वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बड़े खिलाड़ी और कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को घोषणा की कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ेंगे। उनका ये एलान करोड़ो दिलो को धक्का देने वाला था क्योंकि कोहली को हर कोई कप्तान के रूप में देखना चाहता है । कई दिनों से चल रहे संशय पर विराम लगाते हुए कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। कोहली ने बताया कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 के कप्तानी पद को छोड़ देंगे।

ट्वीट के जरिए उन्होंने इस यात्रा के दौरान उनका साथ देने के लिए सभी का धन्यवाद दिया। कोहली ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने वर्कलोड को मैनेज करने के लिए लिया है। उनका वर्कलोड बढ़ गया था ।

Keep Reading Show less

मंगल ग्रह की सतह (Wikimedia Commons)

मंगल ग्रह पर घर बनाने का सपना हकीकत में बदल सकता हैं। वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यात्रियों के खून, पसीने और आँसुओ की मदद से कंक्रीट जैसी सामग्री बनाई है, जिसकी वजह से यह संभव हो सकता है। मंगल ग्रह पर छोटी सी निर्माण सामग्री लेकर जाना भी काफी महंगा साबित हो सकता है। इसलिए उन संसाधनों का उपयोग करना होगा जो कि साइट पर प्राप्त कर सकते हैं।

मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के अध्ययन में यह पता लगा है कि मानव रक्त से एक प्रोटीन, मूत्र, पसीने या आँसू से एक यौगिक के साथ संयुक्त, नकली चंद्रमा या मंगल की मिट्टी को एक साथ चिपका सकता है ताकि साधारण कंक्रीट की तुलना में मजबूत सामग्री का उत्पादन किया जा सके, जो अतिरिक्त-स्थलीय वातावरण में निर्माण कार्य के लिए पूरी तरह से अनुकूल हो।

Keep reading... Show less