Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
दुनिया

भारत में डिजिटल जेंडर डिवाइड के खात्मे के लिए साथ आए नीता अंबानी और इवांका

कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए नीता अंबानी ने कहा, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी और गर्व है कि यूएसएआईडी के साथ साझेदारी करके रिलायंस फाउंडेशन और डब्ल्यू-जीडीपी साथ आ रहे हैं।

इवांका ट्रम्प और नीता अंबानी(Image: Wikimedia Commons)

रिलायंस फाउंडेशन की चेरयपर्सन नीता अंबानी ने भारत में डिजिटल जेंडर डिवाइड के खात्में के लिए ‘यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलेपमेंट’ यानी यूएसएआईडी के साथ हाथ मिलाया है। अमेरीकी राष्ट्रपति की बेटी और एडवाइजर इवांका ट्रंप मुख्य अतिथी के तौर पर कार्यक्रम में मौजूद रहीं। अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2019 में दुनिया भर में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘वूमेंस ग्लोबल डेवलेपमेंट प्रोस्पेरिटी’ यानी डब्ल्यू-जीडीपी इनिशिएटिव को लॉन्च किया था। इसको बनाने में इवांका ट्रंप ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। डब्ल्यू-जीडीपी इनिशिएटिव का लक्ष्य 2025 तक विकासशील देशों की 50 लाख महिलाओं तक पहुंचने का है।

डब्ल्यू-जीडीपी इनिशिएटिव के तहत रिलायंस फाउंडेशन और वरअकऊ साथ मिलकर काम करेंगे। इस महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा डब्ल्यू-जीडीपी के तहत हुए एक विशेष कार्यक्रम में की गई। कार्यक्रम की मेजबानी अमेरिकी उप-मंत्री स्टीफन बेजगुन ने की, कार्यक्रम में यूएसएआईडी के उप-प्रशासक बोनी ग्लिक भी शामिल रहे।


कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए नीता अंबानी ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी और गर्व है कि यूएसएआईडी के साथ साझेदारी करके रिलायंस फाउंडेशन और डब्ल्यू-जीडीपी साथ आ रहे हैं। हम 2020 में भारत भर में एक साथ डब्ल्यू-जीडीपी वुमनकनेक्ट चैलेंज लॉन्च करेंगे। हमारा साझा लक्ष्य, भारत में लिंग भेद और डिजिटल विभाजन दोनों के खात्में का है क्योंकि जब महिलाएं जागती है तो वो परिवारों, समाज और देश की प्रगति के नए रास्ते खोलती हैं। सही मायनों में विकसित विश्व तो उसी को कहा जा सकता है जिसमें सबसे बराबरी का व्यवहार होता हो।”

यह भी पढ़ें: गूगल ने पत्रकारों के लिए लॉन्च किया कोविड-19 मैप

रिलायंस फाउंडेशन के साथ मिलकर डब्ल्यू-जीडीपी, भारत भर में वुमन कनेक्ट चैलेंज लॉन्च करेगा। यह चैलेंज भारत में लिंग भेद के खात्में के साथ साथ भारतीय महिलाओं को व्यापर में जोड़ने और उनको बढ़ावा देने का काम करेगा।

राष्ट्रपति की सलाहकार इवांका ट्रंप ने कहा, “इनोवेटिव कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए डब्ल्यू-जीडीपी फंड बनाया गया था। हम अमेरिकी सरकार और निजी क्षेत्र के संसाधनों और विशेषज्ञता का लाभ उठा रहे हैं ताकि इसका स्थायी और गहरा प्रभाव पड़े।”

यह भी पढ़ें: पुतिन ने किया दावा- रूस ने बनाई दुनिया की पहली कोविड-19 वैक्सीन

रिलायंस फाउंडेशन महिला सशक्तिकरण के मिशन में रिलायंस जियो की ताकत का इस्तेमाल भी करना चाहता है। रिलायंस जियो के लगभग 40 करोड़ ग्राहक हैं और देश के कोने कोने में उसकी पहुंच है। उधर रिलायंस फाउंडेशन भी अपनी स्थापना की 10वीं सालगिरह मना रहा है। पिछले एक दशक में रिलायंस फाउंडेश ने 3 करोड़ 60 लाख से अधिक जिंदगियों को छुआ है। रिलायंस जियो और रिलायंस फाउंडेशन भारत में जेंडर डिजिटल विभाजन को खत्म करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।(आईएएनएस)

Popular

मोहम्मद खालिद (IANS)

मिलिए झारखंड(Jharkhand) के हजारीबाग निवासी मृतकों के अज्ञात मित्र मोहम्मद खालिद(Mohammad Khalid) से। करीब 20 साल पहले उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, जब उन्होंने सड़क किनारे एक मृत महिला को देखा। लोग गुजरते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हजारीबाग में पैथोलॉजी सेंटर चलाने वाले खालिद लाश को क्षत-विक्षत देखकर बेचैन हो गए। उन्होंने एक गाड़ी का प्रबंधन किया, एक कफन खरीदा, मृत शरीर को उठाया और एक श्मशान में ले गए, बिल्कुल अकेले, और उसे एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार(Last Rites) दिया। इस घटना ने उन्हें लावारिस शवों का एक अच्छा सामरी बना दिया, और तब से उन्होंने लावारिस शवों को निपटाने के लिए इसे अपने जीवन का एक मिशन बना लिया है।

Keep Reading Show less

भारत आज स्टार्टअप की दुनिया में सबसे अग्रणी- मोदी। (Wikimedia Commons)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने आज अपने "मन की बात"("Mann Ki Baat") कार्यक्रम में देशवासियों से बात करते हुए स्टार्टअप के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा की जो युवा कभी नौकरी की तलाश में रहते थे वे आज नौकरी देने वाले बन गए हैं क्योंकि स्टार्टअप(Startup) भारत के विकास की कहानी में महत्वपूर्ण मोड़ बन गया है। उन्होंने आगे कहा की स्टार्ट के क्षेत्र में भारत अग्रणी है क्योंकि तक़रीबन 70 कंपनियों ने भारत में "यूनिकॉर्न" का दर्जा हासिल किया है। इससे वैश्विक स्तर पर भारत का कद और मज़बूत होगा।

उन्होंने आगे कहा की वर्ष 2015 में देश में मुश्किल से 9 या 10 यूनिकॉर्न हुआ करते थे लेकिन आज भारत यूनिकॉर्न(Unicorn) की दुनिया में भारत सबसे ऊँची उड़ान भर रहा है।

Keep Reading Show less