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वेंटिलेशन की जरूरत वाले मरीजों पर Remdesivir प्रभावी नहीं : पीजीआई डॉक्टर

रेमेडिसविर एक एंटीवायरल दवा है, जो मृत्युदर को कम करने में कोई प्रभाव नहीं डालती और यह वैंटिलेशन की जरूरत वाले मरीजों के लिए कारगर नहीं है।

रेमेडिसविर सावधानी के साथ और सख्त निगरानी में उपयोग करने की जरूरत है।(Pixabay)

रेमेडिसविर(Remdesivir) एक एंटीवायरल दवा है, जो मृत्युदर को कम करने में कोई प्रभाव नहीं डालती और यह उच्च ऑक्सीजन सहायता या वेंटिलेशन की जरूरत वाले मरीजों के लिए कारगर नहीं है। यह बात स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने गुरुवार को कही। पीजीआईएमईआर में एनेस्थीसिया और गहन देखभाल विभाग के प्रमुख जी.डी. पुरी ने कहा कि यदि दवा का तर्कसंगत उपयोग किया जाना है, तो इसे COVID-19 से संक्रमित होने के पहले सात से आठ दिनों के भीतर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसका इस्तेमाल सिर्फ ऐसे मरीजों पर किया जाना चाहिए, जिसकी सांस से कमरे में हवा के हाइपोक्सिया विकसित होते हों, यानी जिसकी ऑक्सीजन संतृप्ति 94 प्रतिशत से कम हो।

रेमेडिसविर(Remdesivir) COVID-19 रोगियों के उपचार के लिए अमेरिकी एफडीए द्वारा अनुमोदित पहली दवा थी।


उन्होंने कहा, “यह उन रोगियों के लिए 10 दिनों के बाद फायदेमंद होने की संभावना नहीं है जो पहले से ही वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। इस दवा में गुर्दे को खराब करने की क्षमता है और इससे अतालता (एनहायथमिया) हो सकती है, इसलिए इसे सावधानी के साथ और सख्त निगरानी में उपयोग करने की जरूरत है। इसलिए रेमेडिसविर का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।”

दिन ब दिन कोरोना वायरस भारत में विकराल रूप ले रहा है।(Pixabay)

पुरी ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार रोगियों में मृत्युदर को कम करने के लिए निश्चित प्रभाव वाली एकमात्र दवा स्टेरॉयड (डेक्सामेथासोन) है, जो तभी फायदेमंद होती है, जब कोविड पॉजिटिव मरीज हाइपोक्सिया विकसित करता है।

डॉक्टर ने चेतावनी दी कि रूम एयर हाइपोक्सिया विवकसित न कर पाने वाले रोगियों में स्टेरॉयड का उपयोग मृत्युदर के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है। स्टेरॉयड का उपयोग भी चिकित्सा पर्यवेक्षण के तहत विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें: कोरोना काल में ऑक्सीजन मैन बनें गौरव, अब तक 900 से ज्यादा मरीजों को पहुंचा चुके हैं सिलेंडर

टॉसिलाइजुमैब के उपयोग पर, उन्होंने कहा कि यह मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली को काबू में रखने वाला यंत्र है और इसके जरिए तेजी से ‘साइटोकिन स्टॉर्म्स’ को नियंत्रित करने के लिए संकेत दिया जाता है। पुरी ने कहा कि इसका उपयोग कर रोगी की नैदानिक स्थिति को सही दिशा दी जाती है।

उन्होंने कहा कि चूंकि यह रोगियों में द्वितीयक जीवाणु संक्रमण की घटनाओं को बढ़ा सकता है, इसलिए इसका उपयोग महत्वपूर्ण जीवाणु या कवक संक्रमणों से निपटने के बाद ही किया जाना चाहिए।

डॉॅक्टर ने कहा कि यदि यह उपलब्ध नहीं हो, तो मरीज की अच्छी तरह देखभाल करने के साथ स्टेरॉयड और वेंटिलेशन की मदद दी जा सकती है।(आईएएनएस-SHM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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