Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

भारतीय अर्थव्यवस्था के मौजूदा हालात सुधरते हुए नजर आ रहे : रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि सामान्य मॉनसून के अनुमान के आधार पर कृषि क्षेत्र वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था पर महामारी के असर को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

अर्थव्यवस्था का सबसे बुरा वक्त बीत चुका है, क्योंकि प्रमुख संकेतकों में सुधार दिख रहा है।(Image: Pixabay)

देश में चरणबद्ध तरीके से अनलॉल की प्रक्रिया चल रही है और आर्थिक गतिविधियों को क्रमबद्ध तरीके से अनुमति दी जा रही है। ऐसे में आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) की मासिक आर्थिक रिपोर्ट में कहा गया है कि लगता है अर्थव्यवस्था का सबसे बुरा वक्त बीत चुका है, क्योंकि प्रमुख संकेतकों में सुधार दिख रहा है।

मंगलवार को जारी जुलाई की रिपोर्ट में कहा गया है कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी), पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स (पीएमआई), विद्युत उत्पादन, इस्पात और सीमेंट उत्पादन, रेलवे माल ढुलाई, प्रमुख बंदरगाहों पर यातायात, ई-वे बिल जनरेशन के अलावा अन्य संकेतक दिखाते हैं कि आर्थिक गतिविधियां जोर पकड़ ली हैं।


रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत में अनलॉकिंग के साथ लगता है सबसे बुरा वक्त समाप्त हो गया, क्योंकि उच्च तीव्रता वाले संकेतक अप्रैल 2020 में बुरी तरह प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था में सुधार दिखाते हैं।”

हालांकि रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 के बढ़ते मामलों और राज्यों में बीच-बीच में हो रहे लॉकडाउन के कारण जोखिम की स्थिति बनी हुई है। इसमें कहा गया है कि वृद्धि में तेजी आने वाले महीनों में ग्रामीण भारत से मिलेगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सामान्य मॉनसून के अनुमान के आधार पर कृषि क्षेत्र वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था पर महामारी के असर को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि समय पर और सक्रियता के साथ इस सेक्टर के लिए लॉकडाउन में छूट देने से रबी फसलों की मड़ाई सुगमता से हो पाई और खरीफ फसल की बुवाई का रकबा बढ़ा है।

इसमें कहा गया है, “गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी से किसानों को लगभग 75,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में निजी उपभोग को बढ़ावा मिलेगा। सितंबर, 2019 से व्यापार की शर्ते कृषि क्षेत्र के पक्ष में मुड़ी हैं और ग्रामीण क्षेत्रों की मांग बढ़ी है।” (आईएएनएस)

Popular

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता ( wikimedia Commons )

अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म ‘द मॉर्निंग कंसल्ट’ की एक सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रूवल रेटिंग 71% दर्ज की गई है यह जानकारी 'द मॉर्निंग कंसल्ट' ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए साझा की है। 'द मॉर्निंग कंसल्ट' के सर्वे के मुताबिक अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने अमरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत दुनिया भर के 13 राष्ट्र प्रमुखों को पीछे छोड़ दिया है।

मॉर्निंग कंसल्ट’ दुनिया भर के टॉप लीडर्स की अप्रूवल रेटिंग ट्रैक करता है। मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में नेताओं की रेटिंग पर नज़र रख रही है। रेटिंग पेज को सभी 13 देशों के नवीनतम डेटा के साथ साप्ताहिक रूप से अपडेट किया जाता है।

Keep Reading Show less

अल्लू अर्जुन की नई फिल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' हिंदी में जल्द होगी रिलीज ( wikimedia commons )


हाल ही में रिलीज़ हुई अल्लू अर्जुन की फ़िल्म 'पुष्पा: द राइज़' को दर्शकों ने काफ़ी पसंद किया इस फ़िल्म के आने के बाद से तमिल फिल्म के अभिनेता अल्लू अर्जुन के प्रशंसकों की संख्या में काफ़ी इज़ाफ़ा हुआ है। लोग उनकी फिल्म को खूब पसंद कर रहे हैं । अब दर्शकों को अल्लू अर्जुन की नई फिल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' को हिंदी में रिलीज होने का इंतजार है। यह फ़िल्म भगवान विष्णु की पौराणिक कहानी से प्रेरित है।
पुष्पा की तरह फ़िल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' से भी दर्शक जुड़ाव महसूस करें इसके लिए मेकर्स ने इस फ़िल्म के टाइटल के मायने भी बताए।

फिल्म निर्माण कम्पनी ‘गोल्डमाइंस टेलीफिल्म्स’ ने अपने ट्विटर हैंडल पर फ़िल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु'का मतलब बताते हुए लिखा की “अला वैकुंठपुरमुलु पोथन (मशहूर कवि जिन्होंने श्रीमद्भागवत का संस्कृत से तेलुगु में अनुवाद किया) की मशहूर पौराणिक कहानी गजेंद्र मोक्षणम की सुप्रसिद्ध पंक्ति है। भगवान विष्णु हाथियों के राजा गजेंद्र को मकरम (मगरमच्छ) से बचाने के लिए नीचे आते हैं। उसी प्रकार फिल्म में रामचंद्र के घर का नाम वैकुंठपुरम है, जहाँ बंटू (अल्लू अर्जुन) परिवार को बचाने आता है। अला वैकुंठपुरमुलू की यही खूबी है।”

Keep Reading Show less

फ़िल्म अभिनेता मनोज बाजपेयी (Wikimedia Commons)

दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी(Manoj Bajpai) के लिए ये साल काफी व्यस्त रहने वाला है क्योंकि वह इस साल कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके पास जो प्रतिबद्धताएं हैं वह 2023 के अंत तक ऐसे ही रहने वाली हैं।

साल 2022 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मनोज बाजपेयी(Manoj Bajpai) के लिए बहुत व्यस्त रहने वाला है क्योंकि वह इस साल राम रेड्डी की बिना शीर्षक वाली फिल्म, कानू भेल की 'डिस्पैच', अभिषेक चौबे की फिल्म और राहुल चितेला की फिल्म जैसे नए प्रोजेक्ट के लिए बैक-टू-बैक शूटिंग करेंगे।


मनोज बाजपेयी ने हाल ही में दो प्रोजेक्ट को खत्म किया है, एक रेड्डी की अभी तक बिना शीर्षक वाली फिल्म के साथ, जिसमें दीपिक डोबरियाल भी हैं। फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड की खूबसूरत जगहों पर हुई फिर, उन्होंने कानू बहल द्वारा निर्देशित आरएसवीपी के 'डिस्पैच' को समाप्त किया, जो अपराध पत्रकारिता की दुनिया में स्थापित एक खोजी थ्रिलर है।

Keep reading... Show less