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देश

सेवानिवृत्त सशस्त्र बल के डॉक्टर कोरोना से लड़ने में स्थानीय प्रशासन की कर रहे मदद

कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में स्थानीय प्रशासन का समर्थन करने के लिए रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के प्रयासों की समीक्षा की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह| (PIB)

देश भर में स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए लगभग 600 सेवानिवृत्त सशस्त्र बल (Retired armed force) के डॉक्टर जुटे हुए हैं। शनिवार को कोविड-19 की समीक्षा बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) को इस बारे में सूचित किया गया। इस दौरान उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में स्थानीय प्रशासन का समर्थन करने के लिए रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के प्रयासों की समीक्षा की।

सिंह को यह भी जानकारी दी गई कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने विभिन्न अस्पतालों में सहायता के लिए 200 बैटल फील्ड नसिर्ंग सहायकों को तैनात किया है। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) ने महाराष्ट्र, उत्तराखंड और हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर 300 कैडेटों और कर्मचारियों को तैनात किया है।


घर पर रह रहे रोगियों को परामर्श देने के लिए स्वास्थ्य सेवा से जुड़े वरिष्ठ कर्मियों द्वारा संचालित एक टेली मेडिसिन सेवा जल्द ही शुरू होगी। भारतीय सेना ने विभिन्न राज्यों में नागरिकों के लिए 720 से अधिक बिस्तर उपलब्ध कराए हैं।

रक्षा मंत्री ने सेना को राज्य और जिला स्तरों पर स्थानीय प्रशासन के साथ संपूर्ण विवरण साझा करने का निर्देश दिया। जनरल बिपिन रावत ने सुझाव दिया कि स्थानीय सैन्य कमांड को नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए सक्रिय रूप से जुटना होगा।

राजनाथ सिंह को यह भी जानकारी दी गई कि डीआरडीओ द्वारा लखनऊ में स्थापित किया जा रहा 500 बिस्तरों वाला अस्पताल अगले 2-3 दिनों में काम करना शुरू कर देगा।

एक और अस्पताल वाराणसी में भी स्थापित किया जा रहा है, जिसे 5 मई तक पूरा किया जाना है। डीआरडीओ के अध्यक्ष ने बताया कि पीएम केयर फंड के तहत निर्मित होने वाले 380 ऑक्सीजन पीएसए (प्रेशर स्विंग एडसॉप्र्शन) संयंत्रों में से पहले चार को अगले सप्ताह तक नई दिल्ली के अस्पतालों में तैनात किया जाएगा।

रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों द्वारा विदेशों से और साथ ही देश के भीतर उपभोग और उत्पादन के स्थानों के बीच ऑक्सीजन कंटेनरों के परिवहन में प्रदान की जा रही सहायता की सराहना की।

भरे हुए ऑक्सीजन (Oxygen) कंटेनरों को भारत लाने के लिए भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के परिवहन विमानों ने सिंगापुर, बैंकाक, दुबई और देश के भीतर से कई उड़ानेंभरी और भारतीय नौसेना ने चार जहाजों को – दो को मध्य – पूर्व और दो को दक्षिण – पूर्व एशिया – भेजा।

भारतीय वायु सेना ने 1 मई, 2021 को 830 मीट्रिक टन क्षमता वाले 47 ऑक्सीजन कंटेनरों की ढुलाई करने के लिए विदेशों से 28 उड़ानें भरी। जबकि देश के भीतर इसने 158 उड़ानें भरकर 2,271 मीट्रिक टन क्षमता वाले 109 कंटेनरों की ढुलाई की।

नौसेना और वायु सेना ने अपने भंडारों में से विभिन्न नागरिक अस्पतालों को लगभग 500 पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति भी की है।

यह भी पढ़ें :- कोरोनाकाल में आयुष विभाग सुरक्षा कवच बनकर उभरा

रक्षा से जुड़े सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (डीपीएसयू) सीएसआर के तहत अलग – अलग राज्यों के विभिन्न अस्पतालों में आपूर्ति के लिए 40 करोड़ रुपये की लागत से 28 ऑक्सीजन संयंत्र और अन्य चिकित्सा उपकरण खरीद रहे हैं।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने बेंगलुरू में 250 बिस्तरों वाला एक अस्पताल स्थापित किया है। 250 बिस्तरों वाला एक और अस्पताल लखनऊ में स्थापित किया जा रहा है।

राजनाथ सिंह ने इस बात को दोहराया कि सशस्त्र बलों को नागरिक प्रशासन को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने रक्षा मंत्रालय एवं तीनों सेवाओं के अधिकारियों से विभिन्न पहलों की प्रगति पर बारीकी से निगरानी रखने को भी कहा। (आईएएनएस-SM)

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पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

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\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

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अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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