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इतिहास

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति निक्सन और एनएसए किसिंजर का भारतीयों के प्रति घृणा का इतिहास

अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने बंगाली विद्रोह के शरणार्थी प्रवाह के लिए इंदिरा को दोषी माना। किसिंजर ने उनके बारे में कहा, "वे मैला ढोने वाले लोग हैं।"

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन(Wikimedia Commons)

By: निखिला नटराजन

अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) हेनरी किसिंजर, 3 जून, 1971 को लाखों बंगाली शरणार्थियों को पनाह देने के लिए भारत और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से निरंकुश (वाइल्ड) थे। उस समय हेनरी और अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने बंगाली विद्रोह के शरणार्थी प्रवाह के लिए इंदिरा को दोषी माना। किसिंजर ने उनके बारे में कहा, “वे मैला ढोने वाले लोग हैं।”


किसिंजर के लिए यह माना जाता है कि वह पाकिस्तान के लिए दयालु और सौम्य थे। एक बार 10 अगस्त 1971 को पाकिस्तान में चल रही उठा-पटक और बंगाली शरणार्थियों के मुद्दे पर निक्सन के साथ चर्चा के दौरान किसिंजर ने कहा, “मैं आपको बता दूं कि पाकिस्तानी ठीक लोग हैं, लेकिन उनकी मानसिक संरचना असभ्य (आदिम) है।”

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17 जून, 1971 को निक्सन और किसिंजर ने इंदिरा गांधी के साथ एक हारी लड़ाई के तौर पर भारतीय महिलाओं के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रिंसटन प्रोफेसर ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस और लेखक गैरी जे. बास द्वारा रिपोर्ट की गई टेप से पता चला है कि भारतीय महिलाओं के लिए ‘सेक्सलेस’ शब्द का इस्तेमाल किया गया था।

टेप में बास बताते हैं कि भारत में राजदूत केनेथ बी. कीटिंग को ‘बास्टर्ड’ के रूप में संदर्भित किया गया।

केनेथ बी.कीटिंग (Wikimedia Commons)

यह समझा जा सकता है कि किसिंजर भारत के बारे में अच्छी राय नहीं रखते थे। क्योंकि उन्होंने निक्सन से कहा था कि भारतीय लोग बड़े ही चापलूस किस्म के होते हैं और वे चाटुकारिता में मास्टर होते हैं। उन्होंने इसका कारण भी गिनवाते हुए कहा कि यही वजह है कि भारतीय बुरे वक्त में भी 600 वर्षो तक जीवित बचे रहे।

किसिंजर ने आगे कहा, “वह अधिकतर ‘सेक्सलेस’ है और इन लोगों में कुछ नहीं है। मेरा मतलब है, लोग कहते हैं, काले अफ्रीकियों के बारे में क्या? अच्छा, आप कुछ देख सकते हैं, जैसे उत्साह। मेरा मतलब है कि उनमें एक छोटे से जानवर की तरह आकर्षण है। मगर हे भगवान., वो भारतीय, वो दयनीय हैं।”

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चार नवंबर, 1971 को इंदिरा गांधी के साथ एक व्हाइट हाउस शिखर सम्मेलन से एक निजी ब्रेक के दौरान निक्सन ने किसिंजर से भारतीयों के प्रति उनके यौन घृणा का खुलासा किया। उन्होंने कहा, “टू मी, दे टर्न मी ऑफ।” यानी निक्सन का कहना था कि भारतीयों में सेक्स की इच्छा की कमी होती है। निक्सन यहीं नहीं रुके, बल्कि उन्होंने किसिंजर से पूछा कि मुझे बताओ कि वह दूसरे व्यक्ति को इसके लिए (सेक्स) कैसे राजी करते होंगे।

जून 1971 में निक्सन, किसिंजर और व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ एच. आर. हेडलमैन के बीच बातचीत में भी भारतीयों के प्रति निक्सन की मानसिकता का पता चलता है। उन्होंने बातचीत के दौरान कथित तौर पर कहा, “निसंदेह दुनिया में सबसे बदसूरत महिलाएं भारतीय महिलाएं हैं।”(आईएएनएस)

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने स्लीपर सेल्स के ज़रिये दिल्ली में लगवाई आईईडी- रिपोर्ट (Wikimedia Commons)

एक सूत्र ने कहा कि आरडीएक्स-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), जो 14 जनवरी को पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर फूल बाजार में पाया गया था और उसमें "एबीसीडी स्विच" और एक प्रोग्राम करने योग्य टाइमर डिवाइस होने का संदेह था।

कश्मीर और अफगानिस्तान में सक्रिय जिहादी आतंकवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले इन स्विच का पाकिस्तान(Pakistan) सबसे बड़ा निर्माता है। सूत्र ने कहा कि इन फोर-वे स्विच और टाइमर का उपयोग करके विस्फोट का समय कुछ मिनटों से लेकर छह महीने तक के लिए सेट किया जा सकता है।

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8 जनवरी को चुनाव आयोग(Election Commission of India) द्वारा जारी के गए 5 राज्यों के विधान सभा चुनावों(Vidhan Sabha Election 2022) के तारिखों के ऐलान से चुनावी गहमा-गहमी चरम पर है। आपको बता दें कि वर्ष 2022 में 5 अहम राज्यों में विधान सभा चुनाव आयोजित होने जा रहे हैं। यह राज्य हैं उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखण्ड, गोवा एवं मणिपुर। साथ ही उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में होने जा रहे चुनाव को 7 चरणों में बांटा गया है, मणिपुर 2 चरणों में और गोवा, उत्तराखण्ड, पंजाब(Punjab) में चुनाव 1 चरण में आयोजित किया जाएगा। चुनाव तारीखों के घोषित होने बाद सभी राजनीतिक दल एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं और हर वह हथकंडा अपना रहे हैं जिससे मतदाता आकर्षित हों। साथ ही अब यह भी संभावना अधिक है कि इस बीच चुनावी जमाखोरी बढ़ जाएगी।

पिछले चुनाव में पार्टियों ने कितना खर्च किया था?

आपको जानकारी के लिए बता दें कि 2017 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करीब 5,500 करोड़ रूपये बड़ी पार्टियों द्वारा चुनाव अभियान में खर्च किए गए थे। साथ ही एक मीडिया रेपोर्ट के अनुसार 1000 करोड़ से अधिक पैसा मतदाताओं को पैसे से या शराब से लुभाने में खर्च किए गए थे। आपको यह भी बता दें कि 2017 में ही हुए 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव में 1.89 अरब रूपये खर्च किए गए थे, जिसमें बाहरी खर्च कितना था इसका कोई हिसाब-किताब नहीं है।

इसके साथ विधानसभा में चुनाव आयोग ने निर्धारित की खर्च सीमा प्रति उम्मीदवार 30 लाख तय किया है, किन्तु यह सभी जानते हैं कि इसका पालन नहीं होता है। बल्कि बाहरी खर्च और वोट के लिए नोट का इस्तेमाल कर बेहिसाब पैसा बहाया जाता है। सभी पार्टियां, पार्टी चंदे को भी चुनाव में होने वाले खर्च के लिए इस्तेमाल करती हैं। साथ ही टिकट बिक्री को भी चुनावी जमाखोरी में गिना जा सकता है। हालही में आम आदमी पार्टी के खुदके विधायक ने अरविन्द केजरीवाल पर करोड़ों रुपयों के बदले टिकट बेचने का आरोप लगाया है।
जैसा की आपको पता है कि इस साल होने वाले 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव सभी पार्टियों की नाक की बात बन गई है, जिस वजह से हर कोई अपने-अपने तरीके से लोगों को जुटाने में और चीजों को भुनाने में जुटा हुआ है। चाहे वह बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा हो या 'मैं लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ', किन्तु आज भी हम यह कह सकते हैं कि किसी भी प्रदेश ने महिलाओं की सुरक्षा का ठोस आश्वासन नहीं दिया है। इसी तरह भ्रष्टाचार और पैसों की जमाखोरी पर किसी भी सरकार को निर्दोष करार दे देना समझदारी का काम नहीं होगा। आपको बता दें कि एक समय ऐसा भी था जब समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने यह स्वीकारा था कि समाजवादी पार्टी के सरकार में भ्रष्टाचार होता था।

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राष्ट्रपति भवन (Wikimedia Commons)

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम(South Delhi Municipal Corporation) में भाजपा के मुनिरका वार्ड से पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द(Ramnath Kovind) को एक पत्र लिखकर राष्ट्रपति भवन(Rashtrapati Bhavan) में स्थित मुगल गार्डन का नाम बदल कर पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डाक्टर अब्दुल कलाम वाटिका(Abdul Kalam Vatika) के नाम पर रखने की मांग की है। निगम पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में लिखा है, मुगल काल में मुगलों द्वारा पूरे भारत में जिस प्रकार से आक्रमण किए गए और देश को लूटा था। वहीं देशभर में मुगल आक्रांताओं के नाम से लोगों में रोष हैं। जिन्होंने भारत की संस्कृति को खत्म करने का प्रयास किया उनको प्रचारित न किया जाए।

rastrapati bhavan, mughal garden राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन (Wikimedia Commons)

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