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दुनिया

रूस ने भारत से कोरोना वैक्सीन के लिए मदद मांगी

रूस द्वारा बनाई गई वैक्सीन पर विचार किया जा रहा है। रूसी सरकार ने सरकार से संपर्क करते हुए दो चीजों पर मदद मांगी है, पहला- बड़े स्तर पर निर्माण दूसरा- भारत में वैक्सीन का ट्रायल।

रूसी सरकार ने स्पुतनिक-5 वैक्सीन के निर्माण में भारत की मदद मांगी है। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

रूसी सरकार ने स्पुतनिक-5 वैक्सीन के निर्माण में भारत की मदद मांगी है। इसके साथ ही रूस ने वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण में भी भारत से मदद का आह्वान किया है। एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। रूस ने कोरोना वैक्सीन ‘स्पुतनिक-5’ का पहला बैच अपने नागरिकों के लिए जारी कर दिया है। इस वैक्सीन को गैमलेया नेशनल रिसर्च सेंटर ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी और रूसी डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) द्वारा विकसित किया गया है, जिसे 11 अगस्त को पंजीकृत किया गया था।

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नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने बताया कि रूस की वैक्सीन पर सरकार की नजरे हैं। पॉल ने कहा, “रूस द्वारा बनाई गई वैक्सीन पर विचार किया जा रहा है। रूसी सरकार ने सरकार से संपर्क करते हुए दो चीजों पर मदद मांगी है। पहला- देश की नेटवर्क कंपनियों की मदद से वैक्सीन का बड़े स्तर पर निर्माण करना। दूसरा- भारत में वैक्सीन का फेज-3 का ट्रायल।”

डॉ. पॉल ने कहा, “भारत सरकार अपने खास दोस्त से साझेदारी के इस प्रस्ताव को बहुत महत्व देती है।”

रूस द्वारा बनाई गई वैक्सीन पर भारत सरकार विचार कर रही है। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

भारत के लिए इसे जीत की स्थिति करार देते हुए पॉल ने कहा, “भारत उस वैक्सीन का निर्माण बड़ी और महत्वपूर्ण मात्रा में कर सकता है, जो रूस और भारत के लिए अच्छा है और उस मात्रा का विशिष्ट भाग अन्य दुनिया को भी प्रदान किया जा सकता है।”

नीति आयोग के सदस्य ने कहा, “हम इस वैक्सीन उम्मीदवार के साथ मैन्यूफैक्च रिंग, ट्रायल और नियामक प्रक्रिया के लिए विज्ञान एवं मानवता की भावना के निर्माण के लिए साझेदारी में काम कर रहे हैं।”

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उन्होंने बताया कि इसके लिए भारत में कई कंपनियों के लिए आउटरीच का विस्तार किया गया है और उनमें से चार पहले से ही आगे आई हैं। पॉल ने कहा कि अन्य लोग अपने रूसी समकक्ष के साथ चर्चा कर रहे हैं और सरकार इस प्रक्रिया की सुविधा दे रही है कि कैसे कनेक्शन बनाया जा सकता है।

बता दें कि भारत में पहले से तीन वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। इनमें भारत बायोटेक के वैक्सीन फेज-दो ट्रायल के लिए मंगलवार से ही लोगों का पंजीकरण शुरू हो गया है। जबकि कैडिला-जायडस के फेज-दो का ट्रायल पहले से चल रहा है। तीसरा वैक्सीन आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का है, जिसे भारत में सीरम इंस्टीट्यूट बनाने जा रहा है। इसके तीसरे फेज का परीक्षण अगले महीने 17 स्थानों पर शुरू होगा, जिनमें 1600 लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। इस वैक्सीन का पहले ही अमेरिका और ब्राजील में हजारों लोगों पर ट्रायल चल रहा है।(आईएएनएस)

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मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। (IANS)

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पेश हैं मोदी के भाषण की 10 खास बातें:

आकांक्षा: "ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा जो कभी एक रेलवे स्टेशन के टी-स्टॉल पर अपने पिता की मदद करता था, वो आज चौथी बार, भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यूएनजीए को संबोधित कर रहा है।

लोकतंत्र: सबसे लंबे समय तक गुजरात का मुख्यमंत्री और फिर पिछले 7 साल से भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे हेड ऑफ गवर्मेट की भूमिका में देशवासियों की सेवा करते हुए 20 साल हो रहे हैं। मैं अपने अनुभव से कह रहा हूं। हां, लोकतंत्र उद्धार कर सकता है। हां. लोकतंत्र ने उद्धार किया है।"

बैंकिंग: "बीते सात वर्षों में भारत में 43 करोड़ से ज्यादा लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है, जो अब तक इससे वंचित थे। आज 36 करोड़ से अधिक ऐसे लोगों को भी बीमा सुरक्षा कवच मिला है, जो पहले इस बारे में सोच भी नहीं सकते थे।"

स्वास्थ्य देखभाल: "50 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देकर, भारत ने उन्हें क्वालिटी हेल्थ सर्विस से जोड़ा है। भारत ने 3 करोड़ पक्के घर बनाकर, बेघर परिवारों को घर का मालिक बनाया है।"

जलापूर्ति: "प्रदूषित पानी, भारत ही नहीं पूरे विश्व और खासकर गरीब और विकासशील देशों की बहुत बड़ी समस्या है। भारत में इस चुनौती से निपटने के लिए हम 17 करोड़ से अधिक घरों तक, पाइप से साफ पानी पहुंचाने का बहुत बड़ा अभियान चला रहे हैं।"

भारत और भारतीय: "दुनिया का हर छठा व्यक्ति भारतीय है। जब भारतीय प्रगति करते हैं, तो दुनिया के विकास को भी गति मिलती है। जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। जब भारत सुधार करता है, तो दुनिया बदल जाती है।"

विज्ञान और तकनीक: "भारत में हो रहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार दुनिया में एक बड़ा योगदान दे सकते हैं। हमारे तकनीकी समाधानों का स्केल और उनकी कम लागत, दोनों अतुलनीय है। भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए हर महीने 3.5 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शन हो रहे हैं।"

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वैक्सीन : "मैं यूएनजीए को ये जानकारी देना चाहता हूं कि भारत ने दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन विकसित कर ली है, जिसे 12 साल की आयु से ज्यादा के सभी लोगों को लगाया जा सकता है। एक और एमआरएनए टीका विकास के अंतिम चरण में है।" निवेश का अवसर: "मैं दुनिया भर के वैक्सीन निमार्ताओं को भी निमंत्रण देता हूं। आओ, भारत में वैक्सीन बनाएं।"

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पूर्वोत्तर सीमा क्षेत्र बहुत संवेदनशील हैं और उनके लिए तोड़फोड़ के ऐसे प्रयासों के बारे में जानना नितांत आवश्यक है। (Unsplash)

भारत चीन सीमा पर बसे हुए गांव चिंता का विषय हैं। हैग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल के सलाहकार बोर्ड ने एक बड़ी सूचना देते हुए बड़ा खुलासा किया है कि चीन ने भारत के साथ अपनी सीमा पर 680 'जियाओकांग' (समृद्ध या संपन्न गांव) बनाए हैं। ये गांव भारतीय ग्रामीणों को बेहतरीन चीनी जीवन की और प्रभावित करने के लिए हैं।

कृष्ण वर्मा, ग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल के सलाहकार बोर्ड के एक सदस्य ने आईएएनएस को बताया, " ये उनकी ओर से खुफिया मुहिम और सुरक्षा अभियान है। वे लोगों को भारत विरोधी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हम अपने पुलिस कर्मियों को इन प्रयासों के बारे में अभ्यास दे रहे हैं और उन्हें उनकी हरकतों का मुकाबले का सामना करने के लिए सक्षम बना रहे हैं। चीनी सरकार के द्वारा लगभग 680 संपन्न गांव का निर्माण किया जा चुका है। जो चीन और भूटान की सीमाओं पर हैं। इस गांव में चीन के स्थानीय नागरिक भारतीयों को प्रभावित करते है कि चीनी सरकार बहुत अच्छी है। शुक्रवार को भारत सरकार के पूर्व विशेष सचिव वर्मा गुजरात के गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) में 16 परिवीक्षाधीन उप अधीक्षकों (डीवाईएसपी) के लिए 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर एक कार्यक्रम में थे।

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