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मनोरंजन

‘सड़क 2’ का ट्रेलर बना दुनिया में तीसरा सबसे अधिक नापसंद किया जाने वाला वीडियो

महेश भट्ट की इस फिल्म में उनकी दोनों बेटियां आलिया भट्ट और पूजा भट्ट हैं और इनके साथ संजय दत्त और निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर के छोटे भाई आदित्य रॉय कपूर भी हैं।

सड़क 2 का आधिकारिक पोस्टर

फिल्म ‘सड़क 2’ का ट्रेलर दुनिया में तीसरा सबसे ज्यादा नापसंद किया जाने वाला वीडियो है और इसी के साथ यह भारत में यूट्यूब पर सबसे अधिक डिसलाइक किया जाने वाला वीडियो है। बिजनेसटुडे डॉट इन की रिपोर्ट में इंडिया टुडे डेटा इंटेलिजेंस यूनिट (डीआईयू) के हवाले से बताया गया कि

करीब 90 लाख से अधिक डिसलाइक के साथ ‘सड़क 2’ तीसरे पायदान पर है, दूसरे नंबर पर 1.16 करोड़ डिसलाइक के साथ साल 2010 में आया पॉप स्टार जस्टिन बीबर का गाना ‘बेबी’ शामिल है और पहले नंबर पर 1.82 करोड़ डिसलाइक के साथ स्वयं यूट्यूब द्वारा पोस्ट किया गया ‘2018 रीवाइंड वीडियो’ है।


12 अगस्त को जारी किए गए ‘सड़क 2’ के ट्रेलर को नेपोटिज्म को बढ़ावा दिए जाने के चलते सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा ट्रोल किया गया। जून में बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से यह मुद्दा चर्चा में है।

यह भी पढ़ें: ‘गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल’ में लिंगभेद के चलते वायु सेना ने जताई आपत्ति

महेश भट्ट की इस फिल्म में उनकी दोनों बेटियां आलिया भट्ट और पूजा भट्ट हैं और इनके साथ संजय दत्त और निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर के छोटे भाई आदित्य रॉय कपूर भी हैं।

जुलाई में सुशांत के परिवार द्वारा बनाई गई नेपोमीटर में ‘सड़क 2’ को 98 फीसदी नेपोइस्टिक बताया गया था।(आईएएनएस)

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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