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कांग्रेस को बड़ा झटका: जितिन प्रसाद बीजेपी में हुए शामिल

पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद भाजपा में हुए शामिल।(Wikimedia Commons)

पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद बुधवार को केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी की मौजूदगी में पार्टी मुख्यालय में भाजपा में शामिल हो गए। जितिन प्रसाद का स्वागत करते हुए गोयल ने लोगों की सेवा करने की उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की और कहा कि वह (प्रसाद) उत्तर प्रदेश में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। गोयल ने कहा, “भविष्य में उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी एक प्रमुख भूमिका होगी। वह ऐसे व्यक्ति हैं जो जमीनी हकीकत से जुड़े हैं और राज्य में एक लोकप्रिय नेता हैं।” प्रसाद ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भगवा पार्टी में स्वीकार करने के लिए धन्यवाद दिया। पार्टी में शामिल होने के बाद प्रसाद ने कहा, “सवाल यह नहीं है कि मैं एक पार्टी क्यों छोड़ रहा हूं बल्कि मैं दूसरी पार्टी में क्यों शामिल हो रहा हूं। अगर आज सही मायने में कोई पार्टी है, एक संस्थागत पार्टी है, तो वह बीजेपी है।”

प्रसाद ने आगे कहा, “मुझे लगता है कि आपके राजनीति करने या किसी राजनीतिक दल में रहने का कोई उद्देश्य नहीं है यदि कोई व्यक्ति अपने लोगों के हितों की सेवा या रक्षा करने में सक्षम नहीं है। मुझे कांग्रेस में होने और सक्षम नहीं होने का एहसास हुआ। इसलिए, मैं भाजपा में शामिल हो गया और मेरा काम केवल अपने लिए बोलेगा।” भाजपा का मानना है कि प्रसाद के भाजपा में शामिल होने से उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों को शांत करने में मदद मिलेगी, जहां अगले साल की शुरूआत में विधानसभा चुनाव होंगे। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि प्रसाद को पार्टी के ब्राह्मण चेहरे के रूप में पेश किया जा सकता है जो उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से गायब है। प्रसाद कभी राहुल गांधी के करीबी हुआ करते थे। ग्रुप -23 (जी -23) हस्ताक्षरकर्ताओं का हिस्सा थे, जिन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में व्यापक सुधारों की मांग की थी। असंतुष्ट होने के बावजूद, उन्हें पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के अभियान का जिम्मा सौंपा गया, जो निराशाजनक रहा। पार्टी के खिलाफ एक स्टैंड लेते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल में भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा (आईएसएफ) के साथ कांग्रेस के गठबंधन का विरोध किया था। बता दें उनके पिता जितेंद्र प्रसाद उत्तर प्रसाद में एक प्रमुख ‘ब्राह्मण’ चेहरा थे, जिन्होंने 1999 में सोनिया गांधी के नेतृत्व को चुनौती दी थी और पार्टी प्रमुख के पद के लिए उनके खिलाफ चुनाव लड़ा था। 2002 में उनका निधन हो गया था।


भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष जे पी नड्डा और भाजपा शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद।(Jagat Prakash Nadda, Wikimedia Commons)

कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद के बुधवार को भाजपा में शामिल होने के कदम को कांग्रेस की बागी विधायक अदिति सिंह ने पार्टी की बड़ी क्षति बताया है। इसको लेकर कांग्रेस की बागी विधायक ने पार्टी को नसीहत दी है। उन्होंने कहा पार्टी को आत्ममंथन करने की जरूरत है। रायबरेली सदर से विधायक अदिति सिंह को कांग्रेस ने निलंबित कर रखा है। कांग्रेस से विधायक रहे दिवंगत बाहुबली अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह ने कहा कि वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद का पार्टी को छोड़कर जाना एक बड़ी क्षति है। अब तो पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए। पार्टी में सुनवाई न होने के कारण युवा नेताओं में निराशा है। जितिन प्रसाद का कांग्रेस से जाना बहुत बड़ा नुकसान है। उनका खमियाजा उन्हें 2022 के चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

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विधायक अदिति सिंह ने कहा कि हमारी समस्या शीर्ष नेतृत्व नहीं सुनता है। इसका उदाहरण समय-समय पर देखने को मिलता है। जनप्रतिनिधि की बात हाईकामान नहीं सुनता है। जबकि आपको उनकी बात सुननी पड़ेगी। अगर आप नहीं सुनते हैं तो भला आपकी पार्टी में लोग कैसे रहेंगे। इसीलिए धीरे-धीरे करके युवा कांग्रेस छोड़ रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया और कुंवर जितिन प्रसाद जैसे वरिष्ठ नेता क्यों जा रहे हैं। यह तो तय हो गया है कि कांग्रेस एक परिवार की पार्टी बनती जा रही है। भाजपा में जितिन प्रसाद जी का भविष्य काफी उज्‍जवल होगा। अदिति सिंह ने कहा, “जितिन प्रसाद का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए समस्या है। अब तो बड़े नेताओं को उत्तर प्रदेश में जमीन पर काम करने की जरूरत है। मंथन करें कि आखिर बड़े नेता पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं।” उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश की सियासत में जमीन पर कांग्रेस को काम करने की जरूरत है। मैं सच और साफ बोलती हूं। मेरी बात अगर किसी को बुरा लगती है तो हम इसका कुछ नहीं कर सकते। मैं प्रियंका गांधी पर कोई टिप्पणी नहीं करती, लेकिन उन्हें खुद देखने की जरूरत है।”(आईएएनएस-SHM)

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भारत, अमेरिका के विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा की ( Pixabay )

भारत(india) और अमेरिका(America) के विशेषज्ञों ने शनिवार को कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस) के माध्यम से जलवायु परिवर्तन (Environment change) से निपटने के लिए विभिन्न तकनीकों पर चर्चा करते हुए कहा कि वे 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से पांच - जलवायु कार्रवाई, स्वच्छ ताकत, उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा, खपत और उत्पादन जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए साझेदारी की है। विज्ञान विभाग के सचिव एस.चंद्रशेखर ने कहा, "सख्त जलवायु व्यवस्था के तहत हम उत्सर्जन कटौती प्रौद्योगिकियों के पोर्टफोलियो के सही संतुलन की पहचान और अपनाने का एहसास कर सकते हैं। ग्लासगो में हाल ही में संपन्न सीओपी-26 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ-साथ महत्वाकांक्षाओं को सामने लाया। दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के बावजूद हम जलवायु लक्ष्यों को पूरा करेंगे।"

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कार्बन कैप्चर पर पहली कार्यशाला में अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा, "पीएम ने हम सभी को 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन राष्ट्र बनने को कहा है।" उन्होंने सीसीयूएस के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के नेतृत्व वाले आरडी एंड डी की दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की हालिया पहलों के बारे में भी जानकारी दी।

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वेल्लोर के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला ( Pixabay)

कोरोना के इस दौर में ऐप टेक्नॉलॉजी (App Technology) की पढ़ाई कई समस्याओं का समाधान कर रही है। ऐसा ही एक समाधान 10 वर्षीय छात्र कनिष्कर आर ने कर दिखाया है। कनिष्कर ने पेशे से वकील अपने पिता की मदद एक ऐप (App) बनाकर की। दस्तावेज संभालने में मददगार यह ऐप वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करता है। 10 वर्षीय कनिष्कर का यह ऐप अब उसके पिता ही नहीं बल्कि देश के कई अन्य वकील भी इस्तेमाल कर रहे हैं और यह एक उद्यम की शक्ल ले रहा है।

कनिष्कर अपने पिता को फाईलें संभालते देखता था, जो दिन पर दिन बढ़ती चली जा रही थीं। जल्द ही वह समझ गया कि उसके पिता की तरह ही अन्य वकील भी थे, जो इसी समस्या से पीड़ित थे। इसलिए जब कनिष्कर को पाठ्यक्रम अपने कोडिंग के प्रोजेक्ट के लिए विषय चुनने का समय आया, तो उसने कुछ ऐसा बनाने का निर्णय लिया, जो उसके पिता की मदद कर सके। वेल्लोर (Vellore) के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट के एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करना है। इस ऐप द्वारा यूजर्स साईन इन करके अपने काम को नियोजित कर सकते हैं और क्लाईंट से संबंधित दस्तावेज एवं केस की अन्य जानकारी स्टोर करके रख सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से यूजर्स सीधे क्लाईंट्स से संपर्क भी कर सकते हैं। जिन क्लाईंट्स को उनके वकील द्वारा इस ऐप की एक्सेस दी जाती है, वो भी ऐप में स्टोर किए गए अपने केस के दस्तावेज देख सकते हैं।

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डॉ. मुनीश रायजादा ने इस वेब सीरीज़ के माध्यम से आम आदमी पार्टी में हुए भ्रस्टाचार को सामने लाने का प्रयास किया है

आम आदमी पार्टी(AAP) पंजाब के लोकसभा चुनाव में अपनी बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है वहीं पार्टी के एक पूर्व सदस्य ने राजनैतिक शैली में वेब सीरीज़ के रूप में 'इनसाइडर अकाउंट" निकला है जिसमे दावा किया गया है कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। 'ट्रांसपेरेंसी : पारदर्शिता का निर्माण शिकागो में कार्यरत चंडीगढ़ के चिकित्सक डॉ.मुनीश रायज़ादा द्वारा किया गया है। यूट्यूब(Youtube) पर उपलब्ध यह वेब सीरीज़ यह दर्शाती है कि कैसे एक पार्टी पारदर्शी होने के साथ साथ व्यवस्था परिवर्तन लाने के बजाय गैर-पारदर्शी औऱ राजनीतिक आदत का हिस्सा बन गई। यह वेब सीरीज अक्टूबर 2020 में पूरी होने के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म एमएक्स प्लयेर पर रिलीज हुई। डॉ.मुनीश रायज़ादा के अनुसार इस वेब सीरीज़ को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

डॉ.मुनीश रायजादा ने फोन पर आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि, " मंच इस वेब सीरीज का प्रचार यह कहकर नहीं कर रहा था कि यह एक राजनीतिक वेब सीरीज है, और मैंने सोचा कि मैं इस वेब सीरीज को बड़े पैमाने में दर्शकों तक कैसे ले जा सकता हूँ फिर मैंने यूट्यूब के बारे में सोचा।" यह वेब सीरीज यूट्यूब पर 17 जनवरी को रिलीज़ किया गया।

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