सिख परंपरा भारत की भक्ति व शक्ति का एक अद्भुत संगम है: योगी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साहिबजादा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में। [twitter]

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सोमवार को श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों एवं माता गुजरी जी की शहादत को समर्पित साहिबजादा दिवस (Sahibzada Day) के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में गुरबाणी कीर्तन आयोजित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश व दुनिया में सिख कौम जहां भी है, अपने पुरुषार्थ के लिए जानी जाती है। उन्होंने कहा कि सिख परंपरा, भारत की भक्ति व शक्ति का एक अद्भुत संगम है।

योगी (Yogi Adityanath) ने कहा कि भारत को गुलाम बनाने की मंशा और भारत को इस्लाम में बदलने की मंशा से जो आए थे, आज उनका नाम और निशान मिट गया है। भारत की गुरू परंपरा सामान्य परंपरा नहीं एक दिव्य परंपरा है। अपने इतिहास को विस्मृत करके कोई भी अपने उज्जवल भविष्य को आगे नहीं बढ़ा सकता है।

साहिबजादों के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश का इतिहास है कि एक तरफ औरंगजेब बाबा काशी विश्वनाथ का मंदिर तोड़ता है तो दूसरी तरफ राजा रणजीत सिंह ने विश्वनाथ मंदिर को स्वर्ण मंडित किया। हमें सोचना है कि हमें औरंगजेब का सम्मान करना है या राजा रणजीत सिंह जी का। कौन नहीं जानता कि जब आक्रांता औरंगजेब के सिपहसालार ने गुरु गोविंद सिंह जी के साहेबजादों को लालच देने का प्रयास किया था। साहिबजादों ने दीवार में चुनना पसंद किया और धर्म व देश की रक्षा के लिए बलिदान होना स्वीकार किया। जब बाबर के हमले भारत में हो रहे थे, आताताइयों ने पूरे धर्म को इस्लाम में बदलने और भारत को गुलाम बनाने की उनकी मंशा को सिख गुरुओं ने पूरा नहीं होने दिया।

मुख्यमंत्री (Yogi Adityanath) ने कहा कि इससे पहले अपने सरकारी आवास पर श्री गुरु ग्रंथ साहब की अगवानी की। इससे पहले भी सीएम के आवास पर श्री गुरु नानक देव के 550 वें प्रकाशोत्सव पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। यह मेरे लिए सौभाग्य का अवसर है कि देश व धर्म के लिए अपना बलिदान देने वाले गुरु गोबिंद सिंह महाराज के उन चार साहिबजादों की शहादत में आज साहिबजादा दिवस पर हम लोग मुख्यमंत्री आवास में गुरुबाणी कीर्तन करके यहां उनकी स्मृति को नमन कर रहे हैं।

वहीं उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने गुरूद्वारे से जुडी अपनी एक अनुभूति के बारे में बताते हुए कहा, “मेरा पहला चुनाव था और मैं बहुत हताश और परेशान था। मैंने चुनाव में पैसा नहीं खर्च नहीं किया था और विपक्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रहा था। चुनाव से पहले मैं गुरुद्वारे पहुंचा और माथा टेका, जिससे मुझे नई ऊर्जा मिली और चुनाव भी जीता। योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में सबका साथ सबका विकास के संकल्प और भाव के साथ ही धार्मिक सद्भाव की ओर भी लगातार कदम बढ़ा रही है।”

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कार्यक्रम की शुरुआत गुरबाणी कीर्तन से हुई। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह तथा लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया भी मौजूद रहे। (आईएएनएस)

Input: IANS ; Edited By: Manisha Singh

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