Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
खेल

बिना सीनियर्स के भारत के खिलाफ सीरीज बड़ी चुनौती , श्रीलंका के नए कप्तान ने कहा

श्रीलंका के नवनियुक्त वनडे कप्तान दशुन शनाका ने कहा कि भारत के साथ सीरीज सीनियर खिलाड़ियों के बिना एक बड़ी चुनौती होगी।

श्रीलंका के नवनियुक्त वनडे कप्तान दशुन शनाका( instagram , DASUN SHANAKA)

श्रीलंका के नवनियुक्त वनडे कप्तान दशुन शनाका ने कहा कि भारत के साथ सीरीज सीनियर खिलाड़ियों के बिना एक बड़ी चुनौती होगी।

पिछले हफ्ते कंधे की चोट के कारण कुसल परेरा को बाहर हो जाने के बाद ऑलराउंडर शनाका को कमान सौंपी गई है।


देश का क्रिकेट इतिहास के सबसे कठिन दौर में से एक से गुजर रहा है क्योंकि उसे कुछ बड़े नामों के बिना मौजूदा मजबूत भारतीय टीम का सामना करना है। इन खिलाड़ियों में अंजेलो मैथ्यूज, दिनेश चांदीमल और दिमुथ करुणारत्ने प्रमुख हैं।

श्रीलंका क्रिकेट ने शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाजों कुशाल मेंडिस, निरोशन डिकवेला और धनुष्का गुणथिलाका को भी अपनी पिछली सीरीज के दौरान इंग्लैंड में कोविड -19 बायो बबल का उल्लंघन करने के लिए निलंबित कर दिया है।

मौजूदा टीम में शामिल शेष अनुभवी खिलाड़ियों में अविष्का फर्नांडो, धनंजय डिसिल्वा और इसिरु उदाना हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम (फाइल फोटो)

हालांकि शनाका ने कहा कि दोनों टीमें समान रूप से शुरूआत करेंगी क्योंकि दोनों सीनियर्स को मिस कर रहे हैं क्योंकि कुछ भारतीय खिलाड़ी भी इंग्लैंड में हैं।

उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि श्रीलंका आए कुछ भारतीय खिलाड़ी आईपीएल में खेले हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नहीं। इसलिए दोनों टीमों के पास मौके भी होंगे।

हालांकि शनाका ने कहा कि हालांकि जीत पर उनका नियंत्रण नहीं है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि उनकी टीम अच्छी लड़ाई दे सकती है।

शनाका ने मीडिया से यह भी कहा कि टीम को दुनिया की शीर्ष टीमों में से एक भारत के खिलाफ खेलने से अच्छा अनुभव मिल सकता है।

उन्होंने कहा, ‘इस स्तर पर भारत के खिलाफ खेलना बहुत अच्छा होगा क्योंकि हम ठीक से माप सकते हैं कि हम कहां हैं।

भारत और श्रीलंका 18-28 जुलाई के बीच तीन टी20 मैच और तीन वनडे मैच खेलेंगे।

यह भी पढ़े: राणा, सकारिया धैर्य, दृढ़ संकल्प का पाठ सीखना चाहते हैं द्रविड़ से .

श्रीलंका की टीम में दासुन शनाका (कप्तान), धनंजया डी सिल्वा, अविष्का फर्नांडो, भानुका राजपक्षे, पथुम निसंका, चरित असलंका, वनिन्दु हसरंगा, आशेन बंडारा, मिनोड भानुका, लाहिरु उदारा, रमेश मेंडिस, चमिका करुणारत्ने, दुष्मंथा चमीरा, लक्षण संदाकन, अकिला धनंजय, शिरन फर्नांडो, धनंजय लक्षन, ईशान जयरत्ने, प्रवीण जयविक्रेमा, असिथा फर्नांडो, कसुन रजिथा, लाहिरु कुमारा, इसुरु उदाना, बिनुरा फर्नांडो (सिर्फ टी20) शामिल हैं। (आईएएनएस-PS)

Popular

देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटें। (IANS)

राम भक्तों द्वारा दी गई और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (Vishwa Hindu Parishad) द्वारा तीन दशक लंबे मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटों का इस्तेमाल अब राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण के लिए किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, "1989 के 'शिलान्यास' के दौरान कारसेवकों द्वारा राम जन्मभूमि पर एक लाख पत्थर रखे गए थे। कम से कम, 2 लाख पुरानी कार्यशाला में रह गए हैं, जिन्हें अब निर्माण स्थल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ईंटों पर भगवान राम का नाम लिखा है और यह करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रमाण है।

Keep Reading Show less

कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। (wikimedia commons)

हिंदू संगठनों की ओर से आलोचना झेल रही कर्नाटक की भाजपा सरकार नें कर्नाटक में मंदिर विध्वंस के मुद्दे पर फिलहाल राज्य विधानसभा में एक कानून पारित कर पुरे कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस इन दोनों के बीच मंगलवार को तीखी बहस के बीच प्रस्तावित कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक 2021 को पारित कर दिया गया।

यह प्रस्तावित अधिनियम जिसका नाम 'कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक-2021' है, इसका मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य में धार्मिक संरचनाओं के विध्वंस को रोकना है।

यह अधिनियम में कहा गया है कि 'कर्नाटक धार्मिक संरचना संरक्षण अधिनियम -2021' के लागू होने की तारीख से, कानूनों के कानूनी प्रावधान और अदालतों, न्यायशास्त्र और अधिकारियों के आदेशों या दिशानिदेशरें के बावजूद, सरकार धार्मिक केंद्रों की रक्षा करेगी।

सार्वजनिक संपत्तियों पर बने धार्मिक केंद्रों को खाली करने, स्थानांतरित करने और ध्वस्त करने की प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। इस अधिनियम के लागू होने और विधान परिषद में पारित होने के बाद से ही ।

इसी बीच विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि हिंदू जागरण वेदिक और हिंदू महासभा की आलोचना का सामना करने के बाद भाजपा यह कानून लाई है। मैसूर में मंदिर तोड़े जाने के बाद बीजेपी पुनर्निर्माण के लिए नया कानून ला रही है, यह भी आरोप लगायें हैं उन्होंने भाजपा पार्टी के खिलाफ । इसके बाद कांग्रेस के एक और विधायक और पूर्व मंत्री औरयू.टी. खादर ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि छात्र पाठ्यपुस्तकों में पढ़ने जा रहे हैं कि भाजपा ने भारत में आक्रमणकारियों की तरह मंदिरों को ध्वस्त कर दिया।

\u0915\u0930\u094d\u0928\u093e\u091f\u0915 \u0930\u093e\u091c\u094d\u092f कर्नाटक राज्य का नक्शा सांकेतिक इमेज (wikimedia commons)

Keep Reading Show less

डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

Keep reading... Show less