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खेल

बचपन में लिन डैन का पोस्ट लेकर सोता था : शुभंकर डे

भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी शुभंकर डे ने 2018 में दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता चीन के लिन डैन को सारलोरॉक्सओपन बैडमिंटन चैम्पियनशिप में हराने पर चर्चा की है।

बैडमिंटन खिलाडी लिन डैन । (Social Media )

भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी शुभंकर डे ने 2018 में दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता चीन के लिन डैन को सारलोरॉक्सओपन बैडमिंटन चैम्पियनशिप में हराने पर चर्चा की है। विश्व रैकिंग में नंबर 46वें नंबर पर मौजूद है शुभंकर ने पहली बार राष्ट्रीय प्रसिद्धि तब हासिल की थी, जब उन्होंने 2017 में नागपुर में सीनियर बैडमिंटन नेशनल्स के क्वार्टर फाइनल में बी साई प्रणीत को हराया और 2018 में लिन डैन के खिलाफ जीतकर वे सुर्खियों में आए थे।

27 वर्षीय शुभंकर ने एक शो में कहा, “जब मैं छोटा था, तब मेरी बहन ने मेरे लिए लिन डैन का एक बड़ा पोस्टर बनाया और मैं उसे अपने बगल में रखकर सोता था और सोचता था कि एक दिन मैं उनके खिलाफ खेलूंगा। मैंने उस समय उन्हें हराने के बारे में कभी नहीं सोचा था, क्योंकि मैं बहुत छोटा था। यह हमेशा बस मेरे लिए एक सपना था। मैं लिन डैन को देखना चाहता था, उनकी तरह खेलना चाहता था और जब मैं कोलकाता में था, तब उनके खेल की नकल किया करता था।”


लिन डैन के खिलाफ अपनी जीत के बारे में पूछे जाने पर शुभंकर ने कहा, “मैं हर जीत के बाद बहुत जश्न मनाता हूं, लेकिन लिन डैन को हराने के बाद मैंने बिल्कुल भी जश्न नहीं मनाया। यह मेरे लिए काफी आश्चर्यजनक था और शायद भारत में हर व्यक्ति के लिए भी, क्योंकि आपने लिन डैन को हराया था, इसलिए कुछ भावनाएं जरूर होनी चाहिए थी, लेकिन मैं बस उनके पास गया और उनसे हाथ मिलाकर चला गया, यही मेरा उनके लिए सम्मान था।”

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बैडमिंटन खेलाड़ी बनने का सफ़र

उन्होंने शो पर अपने शुरुआती दिनों के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे उनके बड़े भाई और बहन ने उन्हें इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया। वह सिर्फ 500 रुपये के साथ मुंबई आए थे और यह उनके करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

भारतीय बैडमिंटन खेलाड़ी शुभंकर डे । ( Twitter )

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जब मैं मुंबई आया था, तो यह मेरे करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ था। मैंने वहां जाने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करना शुरू किया। शुरू में इसमें कोई स्पॉन्सर नहीं थे, लेकिन मैं भारत में नंबर 6 खिलाड़ी बन गया और एशियाई चैम्पियनशिप अंडर-19 का हिस्सा भी बना, उस समय मुझे हिंदुस्तान पेट्रोलियम से 12 हजार रुपये की स्कॉलरशिप मिली। यह मेरे लिए पहली स्कॉलरशिप थी और यह उस समय मेरे लिए बहुत बड़ी राशि थी।

शुभंकर जो प्रीमियर बैडमिंटन लीग में अवध वारियर्स के लिए भी खेलते हैं, को अन्य खिलाड़ियों की तरह ही देशभर में लगे लॉकडाउन के कारण लंबे समय तक खेल से दूर रहना पड़ा और यह अंतत: उनके लिए ऊबाउ हो गया।

उन्होंने कहा कि “शुरू के 2-3 महीने ठीक थे और मुझ में उत्साह था लेकिन इसके बाद बोरियत होने लगी, सौभाग्य से मुंबई में मेरा अपना सेंटर है और मेरे पास कुछ छात्र भी हैं। उन्होंने ऑनलाइन सत्र शुरू किया और फिर हमने फिजिकल सेशन भी शुरू कर दिया और इस प्रकार मैंने अपना समय गुजारा।” अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में, शुभंकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इसी तरह आगे बढ़ना चाहते हैं और अगले साल टॉप-20 में अपनी जगह बनाना चाहते हैं। (आईएएनएस)

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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