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राजनीति

बिहार में छोटे दल ‘वोटकटवा’ से ज्यादा कुछ नहीं!

कहा जा रहा है कि चुनाव में मुख्य मुकाबला, राजग और राजद नेतृत्व वाले गठबंधन में ही है। छोटे दल भले ही गठबंधन बनाकर चुनावी मैदान में उतर आए हों लेकिन उनकी क्षमता वोटकटवा से ज्यादा कुछ नहीं है।

भारत के चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों की घोषणा कर दी है। (Twitter)

By – मनोज पाठक

कोरोना काल में हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव में कई बदलाव दिख रहे है। इधर, कई राजनीतिक दल भी सत्ता तक पहुंच बनाने के सपने संजोए नई राह पर चलकर अपनी मंजिल तक पहुंचने में जुटे हैं, जिसे लेकर सभी दल जोर आजमाइश कर रहे हैं।


यही कारण है कि कई नए गठबंधनों का उदय हुआ है और सभी गठबंधनों ने अपने-अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार भी तय कर दिए हैं। वैसे, कहा जा रहा है कि चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेतृत्व वाले गठबंधन में ही है।

कहा जा रहा है कि इस चुनाव में महागठबंधन को छोड़कर राजग के साथ आए हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के कुछ क्षेत्रों को छोड़ दें, तो राज्य के अन्य क्षेत्रों में इनका प्रभाव नहीं के बराबर है। छोटे दल भले ही गठबंधन बनाकर चुनावी मैदान में उतर आए हों लेकिन उनकी क्षमता वोटकटवा से ज्यादा कुछ नहीं है।

पटना के वरिष्ठ पत्रकार और बिहार की राजनीति को जानने वाले मनोज चौरसिया भी कहते है कि छोटे दलों की भूमिका इस चुनाव में कहीं नजर नहीं आ रही है। उन्होंने हालांकि यह भी माना कि राजग से अलग हटकर बिहार में चुनाव लड़ रहे लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) कई क्षेत्रों में इस चुनाव को प्रभावित करेगा।

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लोक जनशक्ति पाार्टी। (LJP)

उन्होंने माना कि अन्य छोटे दल गठबंधन के जरिए भले ही चुनावी मैदान में हैं, लेकिन कई ऐसे दल भी हैं, जिनकी कोई पहचान बिहार में नहीं है।

इस चुनाव में राजग में शामिल वीआईपी 11 सीटों पर, जबकि ‘हम’ सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है। दोनों पार्टियां लोकसभा चुनाव में तीन सीटों पर चुनाव लड़ी थी और सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। वीआईपी को दो प्रतिशत से भी कम वोट मिले थे।

इधर, इस चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) महागठबंधन से अलग होकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा), ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) सहित छह राजनीतिक दलों ने मिलकर ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट (विराट लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष मोर्चा) के तहत चुनाव लड़ रही है।

इधर, पूर्व सांसद पप्पू यादव की पार्टी जन अधिकार पार्टी भी आजाद समाज पार्टी सहित कई दलों के साथ प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन के तहत चुनाव मैदान में है। लोकसभा चुनाव में पप्पू यादव अपनी लोकसभा सीट नहीं बचा सके थे।

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जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव। (IANS , Twitter)

वैसे, पिछले दिनों पप्पू यादव ने क्षेत्र में काफी मेहनत की है। राजनीतिक समीक्षक संतोष सिंह भी कहते हैं कि छोटे दल अपनी संभावना भले ही नहीं बना सकें लेकिन दूसरे की संभावनाओं को क्षीण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव की जाप, ओवैसी की एआईएमआईएम की कुछ क्षेत्रों में पकड़ है, लेकिन पूरे राज्य में परिणाम प्रभावित करेंगे, ऐसी संभावना नहीं है।

इधर, लोजपा भी 143 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है। दूसरे राज्यों में सत्ता का स्वाद चखने वाले क्षेत्रीय दलों का बिहार की राजनीति में कभी भी अधिक नहीं दखल नहीं हो सका। इस चुनाव में स्थिति बहुत अधिक बदलेगी, ऐसी उम्मीद नहीं है। (आईएएनएस)

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हेलो हार्ट फंक्शन की सहायता से कंट्रोल में रहेगा बीपी(Wikimedia Commons)

विज्ञान और टेक्नोलॉजी के इस जमाने में जहां टेक्नोलॉजी एक ओर घातक साबित होती है तो वहीं दूसरी ओर मनुष्य के काफी काम आसान भी बनाती है। दरअसल, लगभग 28,000 वयस्कों पर तीन साल के लंबे अध्ययन से पता चला है कि स्मार्टफोन ऐप और कनेक्टेड मॉनिटर उनके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। हेलो हार्ट एक फंक्शन है जिसमे लोगों को उनके ब्लड प्रेशर, वजन और शारीरिक गतिविधि पर नजर रखने, और ब्लड प्रेशर को प्रबंधित करने के तरीके के बारे में सुझाव देता है। हैलो हार्ट' फंक्शन में एक ब्लड प्रेशर मॉनिटर शामिल है जो स्वचालित रूप से सीधे ऐप पर रीडिंग भेजता है।

ऐप रीडिंग पर नजर रखता है और स्वचालित रूप से उपयोगकर्ताओं को आहार और व्यायाम जैसी चीजों के साथ अपने रक्तचाप में सुधार करने का सुझाव देता है। एक मोबाइल ऐप उच्च रक्तचाप स्व-प्रबंधन कार्यक्रम दीर्घकालिक कंट्रोल बीपी और बहुत उच्च बीपी का पता लगाने में सहायता कर सकता है। आप कोबतादे, मोबाइल प्रौद्योगिकी-सुविधा वाले बीपी स्व-प्रबंधन हस्तक्षेपों के पिछले अध्ययनों में बीपी नियंत्रण के साथ महत्वपूर्ण संबंध पाए गए हैं।

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान [Wikimedia Commons]

एक टीवी शो में प्रधानमंत्री खान के विशेष सहायक आमिर डोगर ने यह दावा किया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह रबर स्टैंप प्रधानमंत्री नहीं हैं और वे कानून के अनुसार निर्णय लेंगे। इनके इस बयान के सामने आते ही उन्हें उनकी सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) द्वारा अपना मुंह 'बंद' रखने और अपने आचरण की व्याख्या करने के लिए कहा गया।

पीटीआई का कहना है कि डोगर की टिप्पणियों ने राजनीतिक रूप से 'गलत धारणा' पैदा की है। लेकिन पीटीआई के समर्थक यह दावा कर रहे हैं कि यह जनरल कमर जावेद बाजवा के नेतृत्व वाले पाकिस्तान के सर्व-शक्तिशाली सैन्य प्रतिष्ठान पर इमरान खान के नेतृत्व वाली नागरिक सरकार की 'अभूतपूर्व' जीत है।

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सुनील छेत्री भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान दुनिया के महान खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार कर रहे हैं (Wikimedia Commons)

सुनील छेत्री भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान दुनिया के महान खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार कर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह ये है कि छेत्री दुनिया के महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में टॉप गोल करने वालों की सूची में लियोनेल मेस्सी से सिर्फ एक गोल दूर है। इस बड़ी कामयाबी पर छेत्री का कहना है कि यह एक असाधारण अहसास है और नौवें स्थान पर पहुंचना बड़ी बात है इस तरह की उपलब्धि हासिल करने के बाद । हालांकि, भारत के कप्तान सुनील छेत्री ने कहा कि वह शीर्ष स्कोररों की सूची में पेले को पछाड़ने को ज्यादा महत्व नहीं देंगे। उनका कहना हैं कि इसके बजाय वो अपने बेहतरीन प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहेंगे चाहे वह अपने देश की तरफ से खेले या किसी क्लब की तरफ खेले।

आप को बता दे किभारत के कप्तान छेत्री ने बुधवार को माले में मेजबान मालदीव के खिलाफ 3-1 से जीत में एसएएफएफ चैंपियनशिप में अपने 124 वें मैच में 78वें और 79वें गोल के साथ पेले (77) और हुसैन सईद (78 गोल) को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाया। वह अब जाम्बिया के गॉडफ्रे चितालु के साथ 79 गोल के साथ बराबरी पर हैं। इस सूची में संयुक्त छठें स्थान पर हैं। अब उनसे आगे सिर्फ मेस्सी (80 गोल), फेरेंक पुस्कास (एचयूएन, ईएसपी) 84 गोल, मोख्तार दहती (एमएएस) 89 गोल, अली डेई (आईआरएन) 109 गोल और क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पीओआर) 115 के साथ सूची में शीर्ष पर हैं।

इस सूची में अपने नाम को देखकर छेत्री काफी खुश है इस बारे में उन्होंने कहा कि पेले या अन्य महान खिलाड़ी एक-दूसरे की उपलब्धियों की तुलना करने के लिए बहुत अलग थे।

छेत्री ने गुरुवार को पत्रकारों के साथ वर्चुअल बातचीत के दौरान पेले के खेल के फुटेज को देखने की अपनी याद के बारे में कहा कि अफसोस की बात है कि मेरे पास देखने के लिए महान व्यक्ति के अधिक फुटेज नहीं थे। लेकिन जो कुछ भी मैं देख सकता था, वह (पेले) कोई ऐसा व्यक्ति था जो बहुत गतिशील था, उस समय उनका टैकल बहुत शक्तिशाली था। वह फुटबॉल खेलने के साथ शारीरिक तौर पर बहुत अधिक मेनहती और क्रूर होना होकर गोल करना उस युग एक असाधारण उपलब्धि थी। महान ब्राजीलियाई खिलाड़ी ब्राजील से आगे निकलने के बारे में छेत्री ने कहा कि वह इस उपलब्धि के बारे में कुछ भी महसूस नहीं करते हैं।

\u092a\u0947\u0932\u0947 महान ब्राजीलियाई फुटबाल खिलाड़ी पेले (Wikimedia Commons)

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